भारत-कोरिया गणराज्य रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स बैठक में कौन-सी भारतीय कंपनियां शामिल हुईं?
- A.एचएएल और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड
- B.लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड
- C.मझगांव डॉक और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स
- D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोचीन शिपयार्ड
सही उत्तर
B. लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड
व्याख्या
सही उत्तर लार्सन एंड टुब्रो और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड है। नई दिल्ली दौर में भारतीय उद्योग का प्रतिनिधित्व एलएंडटी और बीईएमएल ने किया, जो अधिकारियों के साथ रक्षा उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पर हुई चर्चा में शामिल रहीं। कोरियाई उद्योग पक्ष में हनवा एयरोस्पेस, हनवा सिस्टम्स, कोरियन एयर, कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और डीएस नेवकोर्स थीं। विकल्प A में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड हैं, जो महत्वपूर्ण रक्षा सार्वजनिक उपक्रम तो हैं पर इस बैठक में शामिल नहीं थीं, इसलिए गलत है। विकल्प C में दो पोत निर्माण कंपनियां हैं और विकल्प D में एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी तथा एक और शिपयार्ड है, इनमें से कोई भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं था, अतः दोनों गलत हैं। ध्यान रहे कि अधिकारियों के साथ कंपनियों की मौजूदगी ही ऐसी बैठक को नीति से असल ऑर्डर तक ले जाने में उपयोगी बनाती है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-कोरिया गणराज्य की 10वीं रक्षा उद्योग संयुक्त समिति बैठक
अभ्यास प्रश्न
भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सहयोग पर नई दिल्ली में कौन-सी संयुक्त समिति बैठक हुई?
- A.8वीं
- B.9वीं
- C.10वीं
- D.12वीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 10वीं
व्याख्या
सही उत्तर 10वीं है। भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स सहयोग पर चलने वाला यह संवाद नई दिल्ली दौर के साथ अपने दसवें संस्करण तक पहुंचा। इसमें दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और रक्षा उत्पादन तथा लॉजिस्टिक्स में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर बात की। विकल्प A यानी 8वीं और विकल्प B यानी 9वीं इसी संवाद के पहले के दौर हैं, यहां हुई बैठक नहीं, इसलिए ये दोनों गलत हैं। विकल्प D यानी 12वीं इस संवाद को उससे कहीं आगे पहुंचा देता है जहां वह वास्तव में पहुंचा है, इसलिए यह भी गलत है। इस दौर की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर और कोरियाई पक्ष से रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन के उप मंत्री किम इल डोंग ने की। परीक्षार्थी संस्करण संख्या को मेजबान शहर और दोनों सह-अध्यक्षों के नाम से जोड़कर याद रखें।
बैठक की सह-अध्यक्षता करने वाली कोरियाई संस्था डीएपीए का पूरा नाम क्या है?
- A.रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन
- B.रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी
- C.रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण
- D.रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन
व्याख्या
सही उत्तर रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन है। डीएपीए कोरिया गणराज्य की वह सरकारी संस्था है जो रक्षा खरीद का काम देखती है और देश के रक्षा उद्योग की देखरेख करती है। इसके उप मंत्री किम इल डोंग ने नई दिल्ली में हुई संयुक्त समिति बैठक की सह-अध्यक्षता अपर सचिव (रक्षा उत्पादन) दिनेश माहुर के साथ की। विकल्प B यानी रक्षा उन्नत परियोजना एजेंसी नाम को अनुसंधान से जुड़ी एजेंसियों के साथ मिला देता है और डीएपीए का विस्तार नहीं है, इसलिए गलत है। विकल्प C यानी रक्षा एवं एयरोस्पेस खरीद प्राधिकरण सुनने में सही लगता है क्योंकि यह संस्था खरीद ही देखती है, पर यह उसका आधिकारिक नाम नहीं है, अतः गलत है। विकल्प D यानी रक्षा गठबंधन साझेदारी प्रशासन एक गढ़ा हुआ नाम है और इसका कोरियाई खरीद संस्था से कोई संबंध नहीं, इसलिए वह भी गलत है। बैठक से इतर डीएपीए उप मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी भेंट की।
कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की भारतीय कमान के दौरान कोच्चि में हुए ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस में कितने देशों के कर्मी शामिल हुए?
- A.27
- B.18
- C.36
- D.41
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सही उत्तर: A. 27
व्याख्या
सही उत्तर 27 है। ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में उस समय हुआ जब भारतीय नौसेना कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के अंतर्गत कंबाइंड टास्क फोर्स-154 की कमान संभाल रही थी, और इसमें सत्ताईस देशों के 276 कर्मी, 76 सुविधाकर्ता तथा विषय विशेषज्ञ और चार अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अठारह 2026 में शामिल किए जाने वाले युद्धपोतों की संख्या है, भाग लेने वाले देशों की नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा संबोधन में नहीं आया। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। रक्षा मंत्री ने इस टास्क फोर्स की कमान को क्षेत्रीय सहकारी सुरक्षा में भारत का अहम योगदान बताया और लोकायन-26 के लिए आईएनएस सुदर्शिनी की तैनाती की भी सराहना की। उस यात्रा ने अमेरिका, अटलांटिक तथा भूमध्य सागर क्षेत्र में बसे भारतीय समुदाय तक देश की समुद्री विरासत पहुंचाई और समुद्री कूटनीति को मजबूत किया, जबकि कोच्चि का अभ्यास कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के साथ साझा तैयारी का उदाहरण बना।
होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों का सुरक्षित आवागमन किस अभियान के तहत सुनिश्चित किया गया?
- A.ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस
- B.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
- C.ऑपरेशन संकल्प
- D.लोकायन-26
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सही उत्तर: B. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। रक्षा मंत्री ने इसे शानदार उपलब्धि बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान इस अभियान के तहत भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों और खासकर एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिला। उन्होंने इसकी अहमियत व्यापारिक निर्भरता से जोड़ी, क्योंकि भारत का लगभग 85 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल और लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस समुद्र के रास्ते आता है, इसलिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा सीधे अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा तैयारी से जुड़ती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस कोच्चि में हुआ अभ्यास था। विकल्प C गलत है, क्योंकि इस संबोधन में ऐसे किसी अभियान का नाम नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि लोकायन-26 आईएनएस सुदर्शिनी की समुद्री कूटनीति वाली तैनाती थी।
भारतीय नौसेना 2026 में कितने युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना बना रही है?
- A.12
- B.15
- C.18
- D.24
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सही उत्तर: C. 18
व्याख्या
सही उत्तर 18 है। नौसेना कमांडर सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने 2026 को नौसेना के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताया, क्योंकि इस वर्ष अठारह युद्धपोतों को शामिल या कमीशन करने की योजना है और यह नौसेना के इतिहास में एक ही वर्ष में जहाजों की सबसे बड़ी बढ़त होगी। उन्होंने इसे देश के नौसैनिक जहाज निर्माण तंत्र की परिपक्वता से जोड़ा और बताया कि हाल में कमीशन हुए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है तथा भारतीय शिपयार्ड अब वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं। विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि वर्ष की बढ़त के लिए ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। बताया गया आंकड़ा अठारह है और उसे रिकॉर्ड कहा गया, इसलिए बारह या पंद्रह जैसी कम संख्या रिकॉर्ड नहीं होती और चौबीस जैसा कोई दावा नहीं किया गया। मंत्री ने मित्र देशों को युद्धपोत निर्यात करने का आग्रह भी किया।