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GK24

बडगाम में लश्कर कमांडर मूसा ढेर, चारों कमांडर खत्म

सुरक्षा बलों ने बडगाम जिले में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा को मार गिराया, जिससे 2022 से सक्रिय चार कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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बडगाम में लश्कर कमांडर मूसा ढेर, चारों कमांडर खत्म — GK24 title card

चर्चा में क्यों

30 सितंबर 2026 को गृह मंत्रालय ने बताया कि सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शेरूवाली के तहत बडगाम जिले के गुरवतकलान में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को मार गिराया।

भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में खुफिया जानकारी पर आधारित संयुक्त कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा को मार गिराया, जिसे आसिफ फौजी भी कहा जाता था। गृह मंत्रालय के अनुसार यह मुठभेड़ बडगाम जिले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गुरवतकलान में हुई।

कार्रवाई कैसे बनी

सुरक्षा बल लंबे समय से मूसा के पीछे लगे थे। उसकी मौजूदगी और आवाजाही के बारे में तकनीकी तथा मानवीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को जोड़कर एक खास योजना बनाई गई। यह मुठभेड़ लंबे समय से चल रही ऑपरेशन शेरूवाली नाम की कार्रवाई का हिस्सा थी, जो मई 2026 में शुरू हुई थी।

चार का समूह अब पूरा खत्म

इस कार्रवाई के साथ ही केंद्रशासित प्रदेश में 2022 से सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया है। बाकी तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे:

कमांडरतारीखस्थान या ऑपरेशन
जुनैद भट3 दिसंबर 2024दाचीगाम
सुलेमान28 जुलाई 2025ऑपरेशन महादेव
यासिर4 सितंबर 2026ऑपरेशन असधर
मूसा उर्फ आसिफ फौजी30 सितंबर 2026बडगाम, ऑपरेशन शेरूवाली

समूह पर लगे हमलों के आरोप

इन चार कमांडरों को चार साल के दौरान हुए कई हमलों के लिए जिम्मेदार माना गया। इनमें मई 2023 का कंडी हमला, अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला, अक्टूबर 2024 का गगनगीर हमला, अक्टूबर 2024 का बूटापथरी हमला और अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं।

इसका महत्व

गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई को जम्मू और कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के लिए बहुत बड़ा झटका बताया। मंत्रालय ने इसका श्रेय पिछले कुछ वर्षों में जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच तालमेल से चलाए गए आतंकरोधी अभियानों को दिया। परीक्षा की दृष्टि से याद रखने लायक बात यह ढांचा है: तकनीकी और मानवीय दोनों तरह की खुफिया जानकारी, और उस पर राज्य पुलिस, सेना तथा केंद्रीय बलों की मिलकर चलाई गई संयुक्त कार्रवाई, किसी एक एजेंसी की अकेली कोशिश नहीं।

महत्वपूर्ण तथ्य

कौन मारा गयामूसा, उर्फ आसिफ फौजी, लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर
स्थानगुरवतकलान, खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र, बडगाम जिला, जम्मू-कश्मीर
ऑपरेशनऑपरेशन शेरूवाली, शुरुआत मई 2026
समूह खत्मकेंद्रशासित प्रदेश में 2022 से सक्रिय लश्कर के चारों सीनियर कमांडर
जुनैद भट3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया
सुलेमान28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में मारा गया
यासिर4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया
शामिल एजेंसियांजम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल
खुफिया आधारउसकी आवाजाही और मौजूदगी पर तकनीकी तथा मानवीय खुफिया जानकारी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: नाम (मूसा, उर्फ आसिफ फौजी), संगठन (लश्कर-ए-तैयबा), स्थान (गुरवतकलान, खानसाहिब पुलिस स्टेशन, बडगाम जिला), ऑपरेशन (ऑपरेशन शेरूवाली, शुरुआत मई 2026), यह तथ्य कि 2022 से सक्रिय चार कमांडरों का समूह अब पूरी तरह खत्म है, तथा पहले की तीन कार्रवाइयां जिनमें ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन असधर शामिल हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को जम्मू-कश्मीर के किस जिले में मारा गया?

  1. A.अनंतनाग
  2. B.बडगाम
  3. C.बारामुला
  4. D.कुपवाड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बडगाम

व्याख्या

सही उत्तर बडगाम है। मुठभेड़ गुरवतकलान में हुई, जो बडगाम जिले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पड़ता है। विकल्प A, C और D केंद्रशासित प्रदेश के अन्य जिलों के नाम हैं और गलत हैं, हालांकि इनमें भी दूसरे समय पर आतंकरोधी कार्रवाइयां हुई हैं, और इसी वजह से ये देखने में सही लगने वाले विकल्प बनते हैं। सुरक्षा बल लंबे अरसे से मूसा का पीछा कर रहे थे, और उसकी मौजूदगी तथा आवाजाही की तकनीकी व मानवीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को जोड़कर एक खास योजना बनाई गई। यह मुठभेड़ अलग-थलग कार्रवाई नहीं थी, बल्कि ऑपरेशन शेरूवाली नाम की लंबी कोशिश का हिस्सा थी, जो मई 2026 में शुरू हुई थी और मूसा के मारे जाने के समय भी जारी थी।

Q2.रक्षामध्यम

मूसा जिस मुठभेड़ में मारा गया, वह किस ऑपरेशन का हिस्सा थी?

  1. A.ऑपरेशन महादेव
  2. B.ऑपरेशन असधर
  3. C.ऑपरेशन शेरूवाली
  4. D.ऑपरेशन त्रिनेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑपरेशन शेरूवाली

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन शेरूवाली है, जो मई 2026 में शुरू हुई लंबी कार्रवाई थी और यह मुठभेड़ उसका हिस्सा थी। विकल्प A यानी ऑपरेशन महादेव गलत है, क्योंकि उसी समूह के दूसरे कमांडर सुलेमान को 28 जुलाई 2025 को उस ऑपरेशन में मारा गया था। विकल्प B यानी ऑपरेशन असधर इसी तरह गलत है, क्योंकि उसमें 4 सितंबर 2026 को यासिर मारा गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस क्रम में ऐसा कोई नाम नहीं आता। इन तीन नामों को सही कमांडरों के साथ जोड़कर याद रखना इस प्रश्न की असली चुनौती है, और समूह के चौथे सदस्य जुनैद भट को 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया था। ये चारों केंद्रशासित प्रदेश में 2022 से सक्रिय थे।

Q3.रक्षामध्यम

जम्मू-कश्मीर में 2022 से सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के कितने सीनियर कमांडर अब खत्म हो चुके हैं?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.छह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चार

व्याख्या

सही उत्तर चार है। मूसा के मारे जाने के साथ केंद्रशासित प्रदेश में 2022 से सक्रिय उस संगठन के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया। विकल्प A गलत है और विकल्प B ज्यादा संभावित जाल है, क्योंकि इस मुठभेड़ से पहले चार में से तीन पहले ही मारे जा चुके थे, यानी जुनैद भट, सुलेमान और यासिर के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाइयों में; मूसा चौथा और आखिरी था। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस समूह से ऐसी कोई संख्या नहीं जुड़ी। समूह को चार साल में हुए कई हमलों के लिए जिम्मेदार माना गया, जिनमें मई 2023 का कंडी हमला, अगस्त 2023 का हालन हमला, दिसंबर 2023 का DKG हमला, मई 2024 का शाहसीतार हमला, जून 2024 का शिव खोरी हमला और अप्रैल 2025 का बैसरण हमला शामिल हैं।

Q4.रक्षाकठिन

इसी लश्कर-ए-तैयबा समूह का कौन सा कमांडर दाचीगाम में मारा गया था?

  1. A.जुनैद भट
  2. B.सुलेमान
  3. C.यासिर
  4. D.आसिफ फौजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जुनैद भट

व्याख्या

सही उत्तर जुनैद भट है, जिसे 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में मारा गया और वह इस समूह के चार कमांडरों में पहला था जिसका हिसाब पूरा हुआ। विकल्प B यानी सुलेमान गलत है, क्योंकि उसे 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में मारा गया था। विकल्प C यानी यासिर गलत है, क्योंकि उसे 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि आसिफ फौजी खुद मूसा का दूसरा नाम है, यानी वही कमांडर जिसे बडगाम जिले के गुरवतकलान में मारा गया, जबकि प्रश्न समूह के किसी अन्य सदस्य के बारे में पूछ रहा है। गृह मंत्रालय ने इन नतीजों का श्रेय जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के तालमेल से चले आतंकरोधी अभियानों को दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मूसा को किस ऑपरेशन के तहत मारा गया?

ऑपरेशन शेरूवाली के तहत, जो मई 2026 में शुरू हुई लंबी कार्रवाई है। मुठभेड़ बडगाम जिले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गुरवतकलान में हुई।

मूसा के मारे जाने को महत्वपूर्ण क्यों बताया गया?

क्योंकि इससे जम्मू-कश्मीर में 2022 से सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार सीनियर कमांडरों का समूह पूरी तरह खत्म हो गया, और इसे संगठन के नेटवर्क के लिए बहुत बड़ा झटका कहा गया।

ये आतंकरोधी अभियान कौन चला रहे हैं?

जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, आपसी तालमेल के साथ, और इन्हें तकनीकी तथा मानवीय खुफिया जानकारी का सहारा मिलता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 30 सितंबर 2026

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