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GK24
अर्थव्यवस्थामध्यम

दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी का शुभारंभ किसने किया?

  1. A.केंद्रीय खान मंत्री
  2. B.श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय
  3. C.श्री कदम संदीप वसंत, संयुक्त सचिव
  4. D.एमएसटीसी के अध्यक्ष

सही उत्तर

B. श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर श्री केशव चंद्र, सचिव, खान मंत्रालय है, जिन्होंने कंपोजिट लाइसेंस देने के लिए यह नीलामी वर्चुअली शुरू की। विकल्प A गलत है, क्योंकि शुभारंभ सचिव ने किया, केंद्रीय मंत्री ने नहीं। किसी मंत्रालय के कार्यक्रम में कई अधिकारी शामिल होने पर परीक्षा में यही अंतर पूछा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मंत्रालय के संयुक्त सचिव और प्रशासनिक अधिकारी श्री कदम संदीप वसंत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे, लेकिन शुभारंभ उन्होंने नहीं किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि एमएसटीसी केवल वह इलेक्ट्रॉनिक मंच देता है जिस पर पारदर्शी नीलामी होती है, वह शुभारंभ करने वाला प्राधिकरण नहीं है। सचिव ने इस मौके पर अपतटीय खनिजों को नया आयाम बताया और उद्योग तथा सक्षम खोजकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

पूरा लेख पढ़ें: अंडमान सागर के दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी शुरू

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Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

जिन दो अपतटीय खनिज ब्लॉक की नीलामी शुरू हुई, वे किस सागर में स्थित हैं?

  1. A.अरब सागर
  2. B.अंडमान सागर
  3. C.लक्षद्वीप सागर
  4. D.बंगाल की खाड़ी, ओडिशा के पास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अंडमान सागर

व्याख्या

सही उत्तर अंडमान सागर है। खान मंत्रालय ने सेवेल राइज़-01, जो सेवेल राइज़ के दक्षिणी भाग में है, और वेस्ट सेवेल रिज-01, जो ग्रेट निकोबार द्वीप के पास है, नीलामी के लिए रखे और दोनों ब्लॉक अंडमान सागर में स्थित हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस नीलामी में देश के पश्चिमी किनारे यानी अरब सागर का कोई ब्लॉक शामिल नहीं है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप सागर दक्षिण-पश्चिम में पड़ता है और इस शुभारंभ में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ब्लॉक पूर्वी ओर होने के बावजूद ओडिशा के तट के पास नहीं हैं। इनकी स्थिति अंडमान और निकोबार समूह से जुड़ी है और वेस्ट सेवेल रिज-01 को विशेष रूप से ग्रेट निकोबार द्वीप के पास बताया गया है। दोनों ब्लॉक मिलकर 1,632 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हैं।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

सेवेल राइज़-01 और वेस्ट सेवेल रिज-01 में किस प्रकार का खनिज निक्षेप पाया जाता है?

  1. A.बॉक्साइट और लेटराइट
  2. B.बहुधात्विक पिंड और परतें
  3. C.कोयले की परतें
  4. D.प्लेसर स्वर्ण निक्षेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बहुधात्विक पिंड और परतें

व्याख्या

सही उत्तर बहुधात्विक पिंड और परतें है। दोनों ब्लॉकों में इसी प्रकार के निक्षेप बताए गए हैं और इनमें कोबाल्ट, निकेल, मैंगनीज, तांबा तथा दुर्लभ पृथ्वी तत्व मौजूद हैं, जो उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी, विद्युत गतिशीलता और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आवश्यक हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बॉक्साइट और लेटराइट अपक्षय से बने स्थलीय निक्षेप हैं और इन अपतटीय ब्लॉकों में नहीं मिलते। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोयला अवसादी ईंधन खनिज है और वह गहरे समुद्र तल पर पाए जाने वाले पिंड तथा परतें नहीं बनाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लेसर स्वर्ण नदियों और तटीय रेत में जमा होता है, बहुधात्विक पिंड के रूप में नहीं। दोनों ब्लॉकों के लिए कंपोजिट लाइसेंस दिया जाना है और उनमें मौजूद धातुएं इस समाचार का परीक्षा-उपयोगी हिस्सा हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

निजी कॉरपोरेट कंपनियों का कैपेक्स सर्वेक्षण किस अधिनियम के तहत कराया जाता है?

  1. A.कंपनी अधिनियम
  2. B.सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम
  3. C.सूचना का अधिकार अधिनियम
  4. D.उद्योग विकास और विनियमन अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम है, जो वर्ष 2008 में बना और सांख्यिकी तंत्र को कंपनियों से जानकारी जुटाने का अधिकार देता है, साथ ही जुटाई गई जानकारी की रक्षा करने की जिम्मेदारी भी डालता है। इसी रक्षा के कारण इस सर्वेक्षण के इकाई स्तर के आंकड़े कभी जारी नहीं किए जाते और यह ध्यान रखा जाता है कि प्रकाशित नतीजों से वह कंपनी पहचानी न जा सके, जिसने आंकड़ा दिया है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपनी कानून निगमन, लेखे और प्रशासन को नियंत्रित करता है, उसे लागू करने वाला मंत्रालय सक्रिय कंपनियों की सूची देता है, पर सर्वेक्षण उसके तहत नहीं होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पारदर्शिता कानून नागरिकों को लोक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने देता है और उद्यम सांख्यिकी जुटाने से उसका कोई लेना-देना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह पुराना औद्योगिक लाइसेंस कानून औद्योगिक उपक्रमों को नियंत्रित करता है, सांख्यिकीय संग्रहण को नहीं।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

कैपेक्स 2025 के नतीजों में 2025-26 के अस्थायी पूंजीगत खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा किस गतिविधि का था?

  1. A.सूचना और संचार
  2. B.परिवहन और भंडारण
  3. C.निर्माण
  4. D.बिजली, गैस, भाप और वातानुकूलन आपूर्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. निर्माण

व्याख्या

सही उत्तर निर्माण है। सर्वेक्षण के दूसरे दौर में उस वर्ष के अस्थायी कुल पूंजीगत व्यय में इसका हिस्सा आधे से कुछ अधिक, यानी 50.17 प्रतिशत रहा, जो 5,73,900 करोड़ रुपये बैठता है और यह हर दूसरी गतिविधि श्रेणी से बहुत आगे है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूचना और संचार 16.38 प्रतिशत यानी 1,87,395 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि बिजली, गैस, भाप और वातानुकूलन आपूर्ति 8.96 प्रतिशत यानी 1,02,448 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि परिवहन और भंडारण 5.55 प्रतिशत यानी 63,517 करोड़ रुपये के साथ चौथे स्थान पर रहा। ध्यान देने की बात है कि पहले दौर में भी निर्माण क्षेत्र आगे था, लेकिन तब उसका हिस्सा 43.80 प्रतिशत था, इसलिए दोनों दौरों के बीच उसकी बढ़त चौड़ी हुई है।

Q5.अर्थव्यवस्थाआसान

निजी कॉरपोरेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय निवेश इरादों पर अग्रदर्शी सर्वेक्षण कौन करा रहा है?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक
  2. B.राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  3. C.नीति आयोग
  4. D.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय है, जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन काम करता है और यह दौर कैपेक्स 2026 के नाम से अक्टूबर से दिसंबर के बीच करा रहा है, जो इस कवायद का तीसरा दौर है। विकल्प A गलत है, केंद्रीय बैंक अपने स्तर पर उद्यम और उद्योग सर्वेक्षण कराता है, इसी कारण यह विकल्प लुभाता है, मगर निजी पूंजीगत खर्च के इरादों का यह विशेष सर्वेक्षण सांख्यिकी मंत्रालय का है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नीति संबंधी यह संस्था इस तरह के प्राथमिक आंकड़े नहीं जुटाती और यहां संग्रहण सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम के तहत वैधानिक रूप से होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाजार नियामक प्रतिभूति बाजार और सूचीबद्ध कंपनियों के प्रकटीकरण पर नजर रखता है, पूरी अर्थव्यवस्था के सांख्यिकीय सर्वेक्षण नहीं कराता। सर्वेक्षण के लिए कंपनियों की सूची कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में पंजीकृत सक्रिय कंपनियों से बनती है।