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करेंट अफेयर्स क्विज

NDA करेंट अफेयर्स क्विज: 6 अक्टूबर 2026

  • 16 प्रश्न
  • 16 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
इनके लिए उपयोगी:NDA
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इस क्विज के बारे में

NDA के लिए यह करेंट अफेयर्स क्विज़ 6 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित 5 समाचारों पर आधारित 16 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो NDA के सामान्य जागरूकता खंड के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रश्न वही सत्यापित MCQ हैं जो GK24 के लेखों के साथ प्रकाशित होते हैं, और यहां NDA से उनकी प्रासंगिकता के आधार पर चुने गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है। निर्धारित समय में प्रश्न हल करें, अंत में व्याख्याएं पढ़ें, और जिन समाचारों से प्रश्न बने हैं उन्हें संबंधित लेख या उस दिन के संस्करण पृष्ठ पर पढ़ें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इस क्विज़ को बुकमार्क करें।

इस क्विज के प्रश्न

16 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.रक्षाआसान

भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर का अनुबंध कितने मूल्य का है?

  1. A.451.20 करोड़ रुपये
  2. B.661.50 करोड़ रुपये
  3. C.1,061.50 करोड़ रुपये
  4. D.266.15 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 661.50 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 661.50 करोड़ रुपये है। रक्षा मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ यह अनुबंध किया और भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम तथा लॉन्चर की खरीद का मूल्य इतना ही तय हुआ। हस्ताक्षर के समय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित रहे और खरीद बाय (इंडियन-आईडीडीएम) श्रेणी में हुई, जिसमें कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री अनिवार्य है। विकल्प A गलत है क्योंकि इस आदेश से इतनी राशि जुड़ी हुई नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि यह राशि को एक हजार करोड़ से ऊपर बढ़ा देता है, जो इस अनुबंध का मूल्य नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह असली अंकों को उलट-पलट कर रख देता है और अनुबंध को बहुत कम दिखाता है। परीक्षा में अक्सर पूरे करोड़ का गोल आँकड़ा भी विकल्प में रखा जाता है, इसलिए पचास लाख सहित सही मूल्य याद रखना चाहिए।

Q2.रक्षाआसान

अक्टूबर 2026 में लॉन्च किए गए भारत के पहले स्वदेशी बेड़ा सहायक पोत का नाम क्या है?

  1. A.जल उषा
  2. B.सूर्य
  3. C.वरुण
  4. D.समुद्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सूर्य

व्याख्या

सही उत्तर सूर्य है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेश में डिज़ाइन और निर्मित बेड़ा सहायक पोतों में पहले पोत का नाम सूर्य रखा गया और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में इसे लॉन्च किया। लॉन्च की परंपरागत रस्म नेवी वाइव्स वेलनेस एसोसिएशन की अध्यक्ष लैला स्वामीनाथन ने निभाई और पोत बंगाल की खाड़ी के जल में उतरा। विकल्प A गलत है, पर भ्रमित करने वाला है: जल उषा स्वतंत्र भारत में बना पहला पोत था, जो 1948 में विशाखापत्तनम में लॉन्च हुआ था और रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में उसका स्मरण किया, किंतु वह यह नया सहायक पोत नहीं है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि इन नामों का कोई पोत इस कार्यक्रम से जुड़ा नहीं है; ये केवल नौसेना जैसे लगने वाले नाम हैं। परीक्षार्थी सूर्य को पहले सहायक पोत से और जल उषा को 1948 से अलग-अलग जोड़कर याद रखें।

Q3.रक्षामध्यम

अक्टूबर 2026 में परीक्षण किए गए उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म का विकास डीआरडीओ की कौन सी प्रयोगशाला कर रही है?

  1. A.एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, आगरा
  2. B.डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स रिसर्च लैबोरेटरी, हैदराबाद
  3. C.एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, बेंगलुरु
  4. D.रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, आगरा

व्याख्या

सही उत्तर एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, आगरा है। विज्ञप्ति के अनुसार यही प्रयोगशाला उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म का डिजाइन और विकास कर रही है। यह हवा से हल्की प्रणाली है, जिसे लंबे समय तक आकाश में टिके रहने वाले समतापमंडलीय हवाई निगरानी मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हैदराबाद की इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला को इस प्लेटफॉर्म के विकासकर्ता के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेंगलुरु की संस्था का नाम इस परीक्षण में नहीं आता। विकल्प D भी इसी कारण गलत है; इस प्रणाली के संदर्भ में ऐसे किसी केंद्र का उल्लेख नहीं है। याद रखने का सरल तरीका यह है कि आगरा की यह प्रयोगशाला हवाई आपूर्ति और हवा से हल्की प्रणालियों पर काम करती है, इसलिए एयरशिप परियोजना भी उसी के पास है। परीक्षण भारतीय वायु सेना, सीईएमआईएलएसी, डीजीसीए और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सहयोग से हुआ।

Q4.रक्षामध्यम

डीआरडीओ ने उन्नत उच्च ऊंचाई पैराशूट की पहली लाइव जंप किस ड्रॉप जोन पर की?

  1. A.आगरा
  2. B.न्योमा (मुध डीजेड)
  3. C.पोखरण
  4. D.चांदीपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्योमा (मुध डीजेड)

व्याख्या

सही उत्तर न्योमा (मुध डीजेड) है, जिसे सबसे ऊंचाई वाले ड्रॉप जोन में गिना गया है। जंप समुद्र तल से 16,000 फीट की ऊंचाई से की गई, पैराशूट 15,500 फीट पर खोला गया और लैंडिंग उसी ड्रॉप जोन पर हुई, जो स्वयं 13,700 फीट पर स्थित है। इस अभ्यास से अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में पैराशूट की कार्यक्षमता और सामरिक उपयोगिता सिद्ध हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि आगरा में डिजाइन करने वाली प्रयोगशाला है, जंप वहां नहीं हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि रेगिस्तानी परीक्षण क्षेत्र का नाम इस परीक्षण में नहीं आता और यहां उद्देश्य ऊंचाई था, खुला मैदान नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि समुद्र तट वाला परीक्षण क्षेत्र मिसाइल परीक्षणों के लिए उपयोग होता है, ऊंचाई वाली पैराशूट जंप के लिए नहीं। ड्रॉप जोन के नाम के साथ तीनों ऊंचाइयां भी याद रखें।

Q5.रक्षाआसान

एचएएल के कोरापुट प्रभाग ने 6 अक्टूबर 2026 को कौन सा पड़ाव पूरा किया?

  1. A.अपना 1,000वां विमान इंजन सौंपा
  2. B.अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा
  3. C.अपने 5,000वें इंजन का ओवरहॉल किया
  4. D.अपना 500वां इंजन निर्यात किया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा

व्याख्या

सही उत्तर अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा है। रक्षा मंत्री इस सुपुर्दगी के लिए कोरापुट में मौजूद थे और यह पड़ाव प्रभाग की स्थापना के छह दशक बाद आया, जो 1964 में हुई थी। विकल्प A आंकड़े को कम बताता है, क्योंकि हजारवां इंजन इस आयोजन का विषय नहीं था। विकल्प C दो अलग-अलग गणनाओं को मिला देता है - कोरापुट ने बड़ी संख्या में इंजनों का ओवरहॉल किया है, 9,000 से अधिक, लेकिन उस दिन की घटना सुपुर्दगी थी, ओवरहॉल का पड़ाव नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि घोषणा भारत की ही सशस्त्र सेनाओं को आपूर्ति से जुड़ी थी, निर्यात से नहीं। परीक्षार्थी इस इकाई के दो आंकड़े साथ याद रखें - 2,000 इंजन सौंपे और 9,000 से अधिक इंजनों का ओवरहॉल।

Q6.रक्षामध्यम

रक्षा मंत्रालय ने ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम की खरीद किस श्रेणी के अंतर्गत की?

  1. A.बाय (ग्लोबल)
  2. B.बाय एंड मेक (इंडियन)
  3. C.बाय (इंडियन-आईडीडीएम)
  4. D.मेक-दो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बाय (इंडियन-आईडीडीएम)

व्याख्या

सही उत्तर बाय (इंडियन-आईडीडीएम) है। ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर का आदेश ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड को इसी श्रेणी में दिया गया, जो स्वदेश में डिज़ाइन, विकसित और निर्मित उपकरणों के लिए रखी गई है। अनुबंध में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री अनिवार्य है और इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित भारतीय उद्योग इस परियोजना से जुड़ते हैं, जिससे तीन वर्ष की अवधि में रोजगार बनता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वैश्विक खरीद में विदेशी विक्रेता भी शामिल होते हैं, जो इस आदेश के उद्देश्य के विपरीत है। विकल्प B गलत है क्योंकि उस रास्ते में पहले कुछ उपकरण खरीदे जाते हैं और बाकी लाइसेंस पर बनाए जाते हैं, जो यहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि वह उद्योग द्वारा वित्त पोषित प्रारूप विकास का मार्ग है, कोई खरीद आदेश नहीं। श्रेणी और स्वदेशी प्रतिशत को साथ याद रखें।

Q7.रक्षामध्यम

उन्नत स्लिपवे-4 से हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड अब अधिकतम किस आकार के पोत बना और लॉन्च कर सकता है?

  1. A.25,000 डीडब्ल्यूटी तक
  2. B.35,000 डीडब्ल्यूटी तक
  3. C.45,000 डीडब्ल्यूटी तक
  4. D.60,000 डीडब्ल्यूटी तक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 45,000 डीडब्ल्यूटी तक

व्याख्या

सही उत्तर 45,000 डीडब्ल्यूटी तक है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के स्लिपवे-4 को लंबा और मजबूत किया गया, जिससे शिपयार्ड बड़े पोतों का निर्माण कर सके। रक्षा मंत्री ने उसी दिन इस उन्नत स्लिपवे का उद्घाटन किया, जिस दिन उन्होंने सूर्य को लॉन्च किया और पाँचवें सहायक पोत की कील रखी। इसके साथ ही उन्होंने स्लिपवे-3 और 4 के बीच लगी 300 टन की गोलियथ क्रेन का उद्घाटन किया, जिसे मेक इन इंडिया के अंतर्गत एल एंड टी जियोस्ट्रक्चर ने कोनक्रेंस के साथ बनाया है और जिसमें पीएलसी नियंत्रण, वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव, टेंडम लिफ्टिंग तथा दूरस्थ जाँच की सुविधा है। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि वे नई सीमा को कम दिखाते हैं और इतनी सीमा वाला शिपयार्ड बड़े कार्यक्रम नहीं ले सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि वह क्षमता को बढ़ा-चढ़ा कर बताता है। स्लिपवे और क्रेन के दोनों आँकड़े साथ याद रखें।

Q8.रक्षाआसान

प्रायोगिक उड़ान में प्लेटफॉर्म समुद्र तल से कितनी ऊंचाई तक पहुंचा?

  1. A.12 किलोमीटर
  2. B.17 किलोमीटर
  3. C.21 किलोमीटर
  4. D.35 किलोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 21 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर 21 किलोमीटर है। प्रायोगिक उड़ान में उच्च ऊंचाई वाला प्लेटफॉर्म समुद्र तल से इतनी ऊंचाई तक गया और इसके बाद नीचे उतरने का निर्देश मिलने से पहले 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक बना रहा। प्रणाली को सुरक्षित वापस प्राप्त किया गया और उड़ान के प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्लेटफॉर्म इससे काफी अधिक ऊपर गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऊपर जाते समय प्लेटफॉर्म उस स्तर से गुजरा अवश्य, परंतु परीक्षण में प्राप्त ऊंचाई उससे अधिक रही। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस उड़ान में प्लेटफॉर्म ने ऐसी कोई ऊंचाई नहीं छुई। परीक्षा के लिए दोनों ऊंचाइयों को अलग-अलग याद रखें, एक वह जो अधिकतम रही और दूसरी वह जिस पर प्लेटफॉर्म ठहरा, साथ में ठहरने की अवधि भी।

Q9.रक्षामध्यम

एएचएपी की जंप समुद्र तल से कितनी ऊंचाई पर की गई?

  1. A.10,000 फीट
  2. B.13,700 फीट
  3. C.16,000 फीट
  4. D.22,000 फीट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 16,000 फीट

व्याख्या

सही उत्तर 16,000 फीट है। जंप समुद्र तल से इसी ऊंचाई से की गई, इसके बाद पैराशूट 15,500 फीट पर खोला गया और लैंडिंग न्योमा ड्रॉप जोन पर हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि जंप इस आंकड़े से काफी ऊपर से हुई। विकल्प B सावधानी से रखा गया भ्रामक विकल्प है: यह लैंडिंग जोन की ऊंचाई है, वह ऊंचाई नहीं जहां से जंप की गई, और प्रश्नों में दोनों को आपस में मिला दिया जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस जंप के लिए ऐसी कोई ऊंचाई दर्ज नहीं है, यद्यपि प्रणाली एक विस्तृत ऊंचाई सीमा के लिए स्वीकृत है। इतनी ऊंचाई पर स्टेटिक लाइन जंप खुलते समय के तेज झटके और अवतरण की अधिक गति के कारण जटिल तथा जोखिम भरी होती है, इसी कारण स्वदेशी प्रणाली की यह पहली लाइव जंप उपलब्धि मानी गई।

Q10.रक्षामध्यम

दूसरी शक्ति इंजन उत्पादन लाइन के लिए घोषित निवेश कितना है?

  1. A.135 करोड़ रुपये
  2. B.218 करोड़ रुपये
  3. C.335 करोड़ रुपये
  4. D.661 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 218 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 218 करोड़ रुपये है। दूसरी शक्ति इंजन लाइन पर यही राशि लगेगी और 2028-29 तक पूरी तरह तैयार होने पर यह सालाना 100 इंजन तक बना सकेगी, जो ध्रुव उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर और प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी हेलीकॉप्टरों के लिए होंगे। विकल्प C यानी 335 करोड़ रुपये उसी दिन की दूसरी घोषणा से जुड़ा है, जिसमें एएल-31एफपी की वार्षिक क्षमता 30 से 50 इंजन करने के लिए निवेश तय हुआ, इसलिए यह आम भ्रम का कारण बनता है। विकल्प A घोषित आंकड़ों में शामिल नहीं है। विकल्प D भी इस लाइन से संबंधित नहीं है। दोनों आंकड़े अलग रखें - शक्ति लाइन के लिए 218 करोड़ रुपये और एएल-31एफपी क्षमता के लिए 335 करोड़ रुपये। यह नई लाइन स्वदेशी हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए भरोसेमंद प्रणोदन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Q11.रक्षामध्यम

भारतीय नौसेना में ब्रह्मोस मुख्य रूप से किस प्रकार की हथियार प्रणाली है?

  1. A.सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली
  2. B.सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली
  3. C.पनडुब्बी रोधी रॉकेट प्रणाली
  4. D.हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली

व्याख्या

सही उत्तर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर लगी ब्रह्मोस प्रणाली समुद्री हमले के लिए उसकी प्रमुख सतह से सतह मिसाइल प्रणाली है। यह सुपरसोनिक गति से उड़ती है, विस्तारित रेंज में सटीक निशाना लगाती है और ज़मीन तथा समुद्र दोनों के लक्ष्यों को भेद सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली विमानों और आती हुई मिसाइलों को गिराने के लिए होती है, जो युद्धपोत के अन्य हथियारों का काम है। विकल्प C गलत है क्योंकि पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो पानी के भीतर के लक्ष्यों के लिए अलग वर्ग के हथियार हैं और ब्रह्मोस की यह भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प D गलत है क्योंकि हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल एक विमान से दूसरे विमान पर छोड़ी जाती है, जिसका पोत पर लगे लॉन्चर से कोई संबंध नहीं। 661.50 करोड़ रुपये में खरीदे गए उपकरण ठीक वही हैं जो युद्धपोत को यह मिसाइल चलाने योग्य बनाते हैं।

Q12.रक्षाआसान

जिस शिपयार्ड में पहला बेड़ा सहायक पोत लॉन्च हुआ, वह किस शहर में स्थित है?

  1. A.कोच्चि
  2. B.मुंबई
  3. C.विशाखापत्तनम
  4. D.कोलकाता
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विशाखापत्तनम

व्याख्या

सही उत्तर विशाखापत्तनम है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में है और वहीं सूर्य को बंगाल की खाड़ी में उतारा गया, पाँचवें सहायक पोत की कील रखी गई तथा उन्नत स्लिपवे-4 और 300 टन की गोलियथ क्रेन का उद्घाटन हुआ। रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्वी नौसेना कमान, नौसेना डॉकयार्ड, शिपयार्ड और बड़े बंदरगाह वाले इस शहर को बड़े समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, और उन्होंने स्मरण कराया कि स्वतंत्र भारत का पहला पोत जल उषा 1948 में यहीं लॉन्च हुआ था। विकल्प A गलत है क्योंकि कोच्चि में दूसरा सार्वजनिक शिपयार्ड है। विकल्प B गलत है क्योंकि मुंबई का नौसैनिक जहाज निर्माण अलग शिपयार्ड करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कोलकाता का रक्षा जहाज निर्माण किसी अन्य कंपनी के पास है। यह भी याद रखें कि शिपयार्ड को 2025 में मिनीरत्न श्रेणी-एक का दर्जा मिला।

Q13.रक्षाआसान

उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.यह एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है
  2. B.यह हवा से हल्की समतापमंडलीय निगरानी प्रणाली है
  3. C.यह पनडुब्बी से छोड़ा जाने वाला ड्रोन है
  4. D.यह उपग्रह प्रक्षेपण यान है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह हवा से हल्की समतापमंडलीय निगरानी प्रणाली है

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि यह हवा से हल्की समतापमंडलीय निगरानी प्रणाली है। विज्ञप्ति में उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म को हवा से हल्की प्रणाली बताया गया है, जिसे लंबे समय तक टिके रहने वाले समतापमंडलीय हवाई निगरानी मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, और रक्षा मंत्री ने इसे समतापमंडलीय एयरशिप की दिशा में उपलब्धि कहा। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह किसी प्रकार की मिसाइल नहीं है; इस पर जड़त्वीय मापन इकाई, जीपीएस रिसीवर, ऑनबोर्ड कैमरे और ऊंचाई नियंत्रण तंत्र जैसे उपकरण लगे थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह न पनडुब्बी से छोड़ा जाता है और न छोटा ड्रोन है; यह समतापमंडल तक गया और निर्देश मिलने पर नीचे आकर सुरक्षित प्राप्त किया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह उपग्रह प्रक्षेपित नहीं करता। ध्यान रखें कि पूरी उड़ान के दौरान आंकड़े ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन तक पहुंचते रहे।

Q14.रक्षामध्यम

उन्नत उच्च ऊंचाई पैराशूट का निर्माण कौन करता है?

  1. A.ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर
  2. B.हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु
  3. C.भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद
  4. D.मिश्र धातु निगम, हैदराबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर

व्याख्या

सही उत्तर ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर है। इस प्रणाली का डिजाइन और विकास आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट ने किया है और निर्माण कानपुर की इसी फैक्ट्री में होता है; निरीक्षण डीजीएक्यूए करता है तथा प्रमाणन सीईएमआईएलएसी, आरसीएमए कानपुर से मिला है। विकल्प B गलत है, क्योंकि विमान बनाने वाली कंपनी इस पैराशूट के उत्पादन में शामिल नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह उपक्रम मिसाइल और उससे जुड़ी प्रणालियां बनाता है, पैराशूट नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह कंपनी विशेष धातुओं और मिश्र धातुओं पर काम करती है। कार्य विभाजन को एक श्रृंखला के रूप में याद रखें: डिजाइन आगरा में, निर्माण कानपुर में, निरीक्षण डीजीएक्यूए और प्रमाणन सीईएमआईएलएसी से। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस स्वदेशी पैराशूट प्रणाली की सफल पहली लाइव जंप को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम बताया और डीआरडीओ, सशस्त्र बलों, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों तथा उद्योग को बधाई दी।

Q15.रक्षामध्यम

लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन किस विमान कार्यक्रम के लिए विकसित किया जा रहा है?

  1. A.तेजस एमके-1ए
  2. B.उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए)
  3. C.प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर
  4. D.सुखोई-30 एमकेआई उन्नयन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए)

व्याख्या

सही उत्तर उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरोस्पेस में आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी विमान इंजन क्षमता जरूरी है, विशेष रूप से एएमसीए के लिए, और इसी संदर्भ में लगभग 5,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश, मिश्र धातु निगम लिमिटेड के साथ कच्चे माल के स्वदेशीकरण तथा देश की पहली स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन परीक्षण सुविधा का उल्लेख किया। विकल्प C यानी प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर की जरूरत शक्ति इंजन लाइन से पूरी होती है, इसलिए वह गलत है। विकल्प D मौजूदा सुखोई-30 एमकेआई बेड़े के लिए मंगाए गए एएल-31एफपी इंजनों से जुड़ा अलग विषय है। विकल्प A इस उच्च थ्रस्ट इंजन के लिए नामित कार्यक्रम नहीं है। हेलीकॉप्टर इंजन, सेवा में मौजूद लड़ाकू इंजन और भविष्य के उच्च थ्रस्ट इंजन का अंतर याद रखना उपयोगी है।

Q16.रक्षाआसान

2,000वां विमान इंजन सौंपने वाला एचएएल प्रभाग किस राज्य में स्थित है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.उत्तर प्रदेश
  4. D.तेलंगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर ओडिशा है। एचएएल का कोरापुट प्रभाग इसी राज्य में है और सुपुर्दगी कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने ओडिशा की लंबी तटरेखा, बंदरगाहों, खनिज संसाधनों और कुशल मानव शक्ति की चर्चा की, चांदीपुर की एकीकृत परीक्षण रेंज का उल्लेख किया तथा ढेंकानाल के गजमारा में एयरोस्पेस और रक्षा उपकरण निर्माण परिसर को राज्य की मंजूरी का स्वागत किया। विकल्प B यानी कर्नाटक में एचएएल की अन्य इकाइयां हैं, इसलिए यह भ्रम पैदा करता है, पर कोरापुट वहां नहीं है। विकल्प C और विकल्प D इस प्रभाग के स्थान नहीं हैं। परीक्षार्थी कोरापुट को ओडिशा से जोड़कर याद रखें और राज्य में चांदीपुर तथा गजमारा जैसे रक्षा से जुड़े स्थानों को भी।

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