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GK24
नियुक्तियांमध्यम

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को वर्ष 2026 में कौन सा सम्मान प्रदान किया गया?

  1. A.वायु सेना मेडल
  2. B.विशिष्ट सेवा मेडल
  3. C.अति विशिष्ट सेवा मेडल
  4. D.परम विशिष्ट सेवा मेडल

सही उत्तर

D. परम विशिष्ट सेवा मेडल

व्याख्या

सही उत्तर परम विशिष्ट सेवा मेडल है, जो उनके चार विशिष्ट सेवा सम्मानों में सर्वोच्च है और उनकी अनुकरणीय सेवा के सम्मान में वर्ष 2026 में प्रदान किया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि वायु सेना मेडल उन्हें अपने सेवाकाल में बहुत पहले, वर्ष 2006 में मिला था। विकल्प B गलत है क्योंकि विशिष्ट सेवा मेडल वर्ष 2011 में प्रदान किया गया था। विकल्प C गलत है क्योंकि अति विशिष्ट सेवा मेडल, जो परम विशिष्ट सेवा मेडल से एक स्तर नीचे आता है, उन्हें वर्ष 2023 में मिला था। अभ्यर्थियों को इन सेवा सम्मानों का क्रम याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्नपत्रों में अक्सर यह पूछा जाता है कि किसी अधिकारी को सबसे हाल में कौन सा सम्मान मिला। साथ ही यह भी याद रखें कि यही अधिकारी लगभग चार दशक के सेवाकाल में ऑपरेशन सटेड सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों तथा अभ्यासों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

पूरा लेख पढ़ें: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे 29वें वायुसेना प्रमुख

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Q1.नियुक्तियांआसान

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के कौन से वायुसेना प्रमुख नियुक्त किए गए हैं?

  1. A.27वें
  2. B.28वें
  3. C.29वें
  4. D.30वें
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 29वें

व्याख्या

सही उत्तर 29वें है। सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम को भारतीय वायुसेना की कमान संभालने वाला उनतीसवां अधिकारी नियुक्त किया है और वे एयर चीफ मार्शल के पद पर 31 अक्टूबर 2026 को कार्यभार ग्रहण करेंगे। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि ये वायुसेना प्रमुखों की श्रृंखला में पहले की क्रम संख्याएं हैं, जबकि निवर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह उसी तिथि को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और एयर मार्शल दीक्षित सीधे उनके बाद पदभार संभालेंगे। विकल्प D गलत है क्योंकि यह क्रम संख्या इस नियुक्ति के बाद आने वाले प्रमुख की होगी। परीक्षा में नाम, क्रम संख्या और एयर चीफ मार्शल के पद का यह मेल ही सबसे अधिक पूछा जाता है, इसलिए इसे एक साथ याद रखें।

Q2.नियुक्तियांमध्यम

अगला वायुसेना प्रमुख नामित किए जाने के समय एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित किस पद पर कार्यरत थे?

  1. A.वायुसेना उपप्रमुख
  2. B.एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सेंट्रल एयर कमांड
  3. C.चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी
  4. D.कमांडेंट, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वायुसेना उपप्रमुख

व्याख्या

सही उत्तर वायुसेना उपप्रमुख है। जब सरकार ने उन्हें एयर चीफ मार्शल के पद पर अगला वायुसेना प्रमुख नामित किया, तब वे इसी पद पर कार्यरत थे। विकल्प B और C भ्रमित कर सकते हैं क्योंकि ये दोनों पद उन्होंने वास्तव में संभाले हैं, परंतु ये उनके सेवाकाल में पहले आए थे। वे सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू द चेयरमैन, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी भी रहे, इसके बाद ही वे वायुसेना उपप्रमुख बने। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज उनके रिकॉर्ड में एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में आता है, जहां से वे पूर्व छात्र रहे हैं, किसी कमान के रूप में नहीं।

Q3.नियुक्तियांकठिन

05 अक्टूबर 2026 को घोषित सर्वोच्च न्यायालय की नियुक्तियों के संबंध में निम्नलिखित में कौन कथन सही है?

  1. A.पदोन्नत तीनों न्यायाधीशों का मूल उच्च न्यायालय झारखंड था
  2. B.पदोन्नत तीन में से दो न्यायाधीशों का मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद था
  3. C.तीनों न्यायाधीश एक ही उच्च न्यायालय से पदोन्नत हुए
  4. D.पदोन्नत न्यायाधीशों में कोई भी कार्यरत मुख्य न्यायाधीश नहीं था
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पदोन्नत तीन में से दो न्यायाधीशों का मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद था

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि पदोन्नत तीन में से दो न्यायाधीशों का मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद था। अधिसूचना में न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद दर्ज है, जबकि न्यायमूर्ति अपारेश कुमार सिंह झारखंड उच्च न्यायालय से जुड़े हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि झारखंड केवल अपारेश कुमार सिंह का मूल उच्च न्यायालय है। विकल्प C गलत है, क्योंकि तीनों नियुक्ति के समय तीन भिन्न उच्च न्यायालयों, अर्थात गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना का नेतृत्व कर रहे थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिसूचना तीनों को नियुक्ति के समय उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बताती है, और इसी कारण विज्ञप्ति का शीर्षक भी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति से संबंधित है। परीक्षा के लिए न्यायालय और मूल उच्च न्यायालय, दोनों याद रखें।

Q4.नियुक्तियांमध्यम

अक्टूबर 2026 में सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त की गईं न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल इससे पहले किस उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश थीं?

  1. A.इलाहाबाद उच्च न्यायालय
  2. B.गुजरात उच्च न्यायालय
  3. C.दिल्ली उच्च न्यायालय
  4. D.तेलंगाना उच्च न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गुजरात उच्च न्यायालय

व्याख्या

सही उत्तर गुजरात उच्च न्यायालय है। विधि एवं न्याय मंत्रालय की अधिसूचना में न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल को गुजरात उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश बताया गया है, और उनका मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद दर्ज है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इलाहाबाद उनका मूल उच्च न्यायालय है, अर्थात वह न्यायालय जिससे वे मूलतः जुड़ी थीं, वह न्यायालय नहीं जिसका नेतृत्व वे पदोन्नति के समय कर रही थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसी अधिसूचना में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय बताए गए हैं, जिनका मूल उच्च न्यायालय भी इलाहाबाद है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तेलंगाना उच्च न्यायालय का नेतृत्व न्यायमूर्ति अपारेश कुमार सिंह कर रहे थे, जिनका मूल उच्च न्यायालय झारखंड है। परीक्षार्थी को न्यायाधीश और उनके न्यायालय की जोड़ी तथा न्यायाधीश और मूल उच्च न्यायालय की जोड़ी, दोनों को अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि विज्ञप्ति में दोनों सूचनाएं दी गई हैं और दोनों पर प्रश्न बनते हैं।

Q5.नियुक्तियांआसान

05 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने दिल्ली उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश किसे नियुक्त किया?

  1. A.श्री गुरविंदर पाल सिंह
  2. B.श्री अपारेश कुमार सिंह
  3. C.श्री देवेंद्र कुमार उपाध्याय
  4. D.श्री तन्मय कुमार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्री गुरविंदर पाल सिंह

व्याख्या

सही उत्तर श्री गुरविंदर पाल सिंह है। विधि एवं न्याय मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद न्यायिक अधिकारी श्री गुरविंदर पाल सिंह को दिल्ली उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अपारेश कुमार सिंह तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे और उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया, किसी उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे और वे भी सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह नाम उस दिन की किसी भी न्यायिक अधिसूचना में नहीं है। ध्यान दें कि उच्च न्यायालय की नियुक्ति में विज्ञप्ति मुख्य न्यायाधीश से परामर्श का उल्लेख करती है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय की अधिसूचना केवल संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों की बात कहती है।