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GK24
रक्षाकठिन

वर्ष 2026 की यह चढ़ाई भारतीय और अर्जेंटीना सेनाओं का कौन सा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान था?

  1. A.पहला
  2. B.दूसरा
  3. C.तीसरा
  4. D.पांचवां

सही उत्तर

C. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर तीसरा है। दोनों सेनाओं ने पहली बार जनवरी 2025 में अर्जेंटीना के मेंडोजा में माउंट एकोनकागुआ पर साथ चढ़ाई की, फिर अगस्त 2025 में लद्दाख की सुरू घाटी में माउंट कुन पर, और इस वर्ष उत्तराखंड का अभियान इस श्रृंखला में तीसरा रहा। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि वे उन दो पहले के अभियानों को छोड़ देते हैं, जिन्हें रक्षा मंत्रालय ने नाम, चोटी और महीने के साथ गिनाया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि चौथा या पांचवां कोई संयुक्त अभियान अब तक हुआ ही नहीं, यह श्रृंखला तीन तक पहुंची है। इसे याद रखने का सरल तरीका स्थानों का क्रम है, पहले अर्जेंटीना के एंडीज में, फिर भारतीय हिमालय में दो बार, पहले लद्दाख और उसके बाद उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में।

पूरा लेख पढ़ें: भारत-अर्जेंटीना सेना दल ने माउंट कामेट पर चढ़ाई पूरी की

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Q1.रक्षामध्यम

संयुक्त भारत-अर्जेंटीना सेना दल द्वारा चढ़ी गई माउंट कामेट किन दो चोटियों के बाद भारत की सबसे ऊंची चोटी है?

  1. A.माउंट कंचनजंगा और माउंट नंदा देवी
  2. B.माउंट कंचनजंगा और माउंट साल्टोरो कांगड़ी
  3. C.माउंट नंदा देवी और माउंट त्रिशूल
  4. D.माउंट नन और माउंट कुन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. माउंट कंचनजंगा और माउंट नंदा देवी

व्याख्या

सही उत्तर माउंट कंचनजंगा और माउंट नंदा देवी है। माउंट कामेट उत्तराखंड के चमोली जिले में खड़ा है और भारत के भीतर तीसरी सबसे ऊंची चोटी है, इसलिए उससे ऊपर ठीक यही दो चोटियां आती हैं। संयुक्त भारत-अर्जेंटीना दल ने 21 सितंबर 2026 को 7,756 मीटर ऊंची इस चोटी पर कदम रखा, माउंट अबी गामिन की चढ़ाई के चार दिन बाद। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें नंदा देवी की जगह काराकोरम की एक चोटी रख दी गई है, जो पूछे गए क्रम में नहीं आती। विकल्प C गलत है, क्योंकि त्रिशूल गढ़वाल की प्रसिद्ध चोटी होने पर भी कामेट से नीची है और उससे ऊपर नहीं हो सकती। विकल्प D गलत है, क्योंकि नन और कुन लद्दाख की चोटियां हैं और इनमें से कोई कामेट से ऊंची नहीं है। परीक्षार्थी चोटी के नाम के साथ उसका जिला, राज्य और भारत की सूची में स्थान जोड़कर याद रखें।

Q2.रक्षाआसान

वर्ष 2026 के संयुक्त भारत-अर्जेंटीना सेना पर्वतारोहण अभियान का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.जनरल धीरज सेठ
  2. B.लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी
  3. C.कर्नल रणवीर जामवाल
  4. D.मेजर सीता साहू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी

व्याख्या

सही उत्तर लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी है। उन्होंने 35 पर्वतारोहियों के दल की अगुवाई की, जिसमें 25 भारतीय सेना के और 10 अर्जेंटीना सेना के सदस्य थे, और इस दल को 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर से रवाना किया गया था। विकल्प A एक आकर्षक जाल है, क्योंकि जनरल धीरज सेठ थल सेना अध्यक्ष हैं और उन्होंने लौटने पर दल का स्वागत किया, पर चढ़ाई का नेतृत्व उन्होंने नहीं किया। परीक्षाओं में यही अंतर बार-बार पूछा जाता है कि दल को रवाना या स्वागत करने वाला अधिकारी कौन है और उसकी कमान किसके पास थी। विकल्प C और D में ऐसे नाम दिए गए हैं जिनका इस अभियान से कोई संबंध नहीं है। नेतृत्व के साथ दल का दोनों सेनाओं में बंटवारा और रवानगी की तिथि भी याद रखें।

Q3.रक्षाकठिन

विशाखापत्तनम के समारोह में नौसेना परंपरा के अनुसार एफएसएस-1 को किसने लॉन्च किया?

  1. A.श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ
  2. B.रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह
  3. C.नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
  4. D.हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ

व्याख्या

सही उत्तर श्रीमती लैला स्वामीनाथन, अध्यक्ष, नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ (एनडब्ल्यूडब्ल्यूए) है। नौसेना की परंपरा में युद्धपोत को कोई महिला लॉन्च करती है, और विवरण के अनुसार उन्होंने मुख्य अतिथि की उपस्थिति में यह कार्य किया। विकल्प B गलत है क्योंकि रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे; उन्होंने संवर्धित स्लिपवे का उद्घाटन किया और उसी अवसर पर एफएसएस-5 की कील रखने का कार्यक्रम भी हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का नाम उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में है, लॉन्च करने वाले के रूप में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विवरण में नौसेना, रक्षा मंत्रालय और एचएसएल के वरिष्ठ अधिकारियों का उल्लेख केवल उपस्थित लोगों के रूप में है, शिपयार्ड प्रमुख को लॉन्च का श्रेय नहीं दिया गया।

Q4.रक्षामध्यम

एफएसएस-1 जैसे फ्लीट सपोर्ट शिप की मुख्य भूमिका क्या है?

  1. A.सोनार से शत्रु पनडुब्बियों की खोज करना
  2. B.समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना
  3. C.समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाना और हटाना
  4. D.लड़ाकू विमानों को ले जाना और संचालित करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना

व्याख्या

सही उत्तर समुद्र में ही बेड़े के पोतों की पुनःपूर्ति करना है। सेवा में आने पर ये पोत चलते हुए युद्धपोतों को ईंधन और रसद देंगे, जिससे नौसेना की ब्लू वॉटर क्षमता बढ़ेगी तथा परिचालन रसद, बेड़े की रणनीतिक पहुंच और गतिशीलता काफी मजबूत होगी। विकल्प A गलत है क्योंकि पनडुब्बी रोधी खोज विशेष फ्रिगेट, कोरवेट और विमानों का काम है, सहायक पोत का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बारूदी सुरंगें बिछाने और हटाने का काम माइनस्वीपर तथा माइन काउंटरमेजर पोत करते हैं, जिनकी चर्चा इस विवरण में नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि लड़ाकू विमानों का संचालन विमानवाहक पोत की भूमिका है। विवरण में इन पोतों की दूसरी भूमिका भी दी गई है - मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा गैर-लड़ाकू निकासी अभियान, ताकि राहत सामग्री जल्दी पहुंचे और लोगों को निकाला जा सके।

Q5.रक्षामध्यम

भारतीय नौसेना के फ्लीट सपोर्ट शिप में स्वदेशी सामग्री कितनी बताई गई है?

  1. A.50 प्रतिशत से अधिक
  2. B.65 प्रतिशत से अधिक
  3. C.82 प्रतिशत से अधिक
  4. D.95 प्रतिशत से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 82 प्रतिशत से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 82 प्रतिशत से अधिक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार फ्लीट सपोर्ट शिप का डिजाइन और निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम ने स्वदेशी रूप से किया है और इनमें स्वदेशी सामग्री 82 प्रतिशत से ऊपर है, जिसे मंत्रालय नौसेना, शिपयार्ड, रक्षा उद्योग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच उच्चतम स्तर के सहयोग का संकेत मानता है। विकल्प A और B यानी 50 प्रतिशत से अधिक तथा 65 प्रतिशत से अधिक इस आंकड़े को कम करके बताते हैं; ऐसे हिस्से पुराने युद्धपोत कार्यक्रमों के लिए कहे जाते रहे हैं, पर इस घोषणा में यही आंकड़ा नहीं दिया गया। विकल्प D यानी 95 प्रतिशत से अधिक आंकड़े को बढ़ाकर बताता है और इससे गलत धारणा बनेगी कि इन पोतों में आयातित उपकरण लगभग नहीं हैं। परियोजना को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का अग्रदूत कहा गया है।