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करेंट अफेयर्स क्विज

RBI करेंट अफेयर्स क्विज: 2 सितंबर 2026

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
इनके लिए उपयोगी:RBI
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इस क्विज के बारे में

RBI के लिए यह करेंट अफेयर्स क्विज़ 2 सितंबर 2026 को प्रकाशित 3 समाचारों पर आधारित 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो RBI के सामान्य जागरूकता खंड के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रश्न वही सत्यापित MCQ हैं जो GK24 के लेखों के साथ प्रकाशित होते हैं, और यहां RBI से उनकी प्रासंगिकता के आधार पर चुने गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है। निर्धारित समय में प्रश्न हल करें, अंत में व्याख्याएं पढ़ें, और जिन समाचारों से प्रश्न बने हैं उन्हें संबंधित लेख या उस दिन के संस्करण पृष्ठ पर पढ़ें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इस क्विज़ को बुकमार्क करें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की वार्षिक और तिमाही जीडीपी की नई श्रृंखला का आधार वर्ष कौन-सा है?

  1. A.2004-05
  2. B.2011-12
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2022-23

व्याख्या

सही उत्तर 2022-23 है। बैकग्राउंडर के अनुसार वार्षिक और तिमाही जीडीपी अनुमानों की नई श्रृंखला 31 अगस्त 2026 को जारी हुई और इसका आधार वर्ष 2022-23 है। इसी आधार वर्ष पर नया उत्पादक मूल्य सूचकांक और बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक भी तैयार हुए हैं, जो इसी श्रृंखला में जुड़ते हैं। आधार वर्ष वे संदर्भ कीमतें देता है जिनसे वास्तविक वृद्धि नापी जाती है, और इसे समय-समय पर बदला जाता है ताकि सापेक्ष कीमतें अर्थव्यवस्था की मौजूदा तस्वीर दिखाती रहें। विकल्प बी यानी 2011-12 वह पुरानी श्रृंखला है जिसकी जगह यह नई श्रृंखला ली गई है; विज्ञप्ति में उसका उल्लेख केवल यह समझाने के लिए है कि पुराने 86.05 लाख करोड़ रुपये के अनुमान की तुलना नई श्रृंखला से नहीं हो सकती। विकल्प ए और डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। परीक्षार्थी अक्सर जारी होने के वर्ष और आधार वर्ष में भ्रम कर बैठते हैं, इसलिए ध्यान रखें कि श्रृंखला 2026 में आई और उसका आधार 2022-23 है।

Q2.अर्थव्यवस्थाआसान

जेसीआर ने भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन जारीकर्ता रेटिंग ट्रिपल बी+ से बढ़ाकर क्या कर दी?

  1. A.ए+
  2. B.ए-
  3. C.डबल ए-
  4. D.ट्रिपल बी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ए-

व्याख्या

सही उत्तर ए- है। एजेंसी ने दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग और दीर्घकालिक स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग, दोनों को ठीक एक पायदान ऊपर किया है, यानी ट्रिपल बी+ से ए-, और आउटलुक स्थिर ही रखा है। विकल्प ए यानी ए+ नई रेटिंग से दो पायदान ऊपर है; एक पायदान की बढ़ोतरी से वहां पहुंचा ही नहीं जा सकता। विकल्प सी यानी डबल ए- उससे भी ऊपर की अलग श्रेणी है। विकल्प डी यानी ट्रिपल बी उस रेटिंग से नीचे है जो भारत के पास पहले से थी, इसलिए वह उन्नयन नहीं बल्कि अवनयन होता। यह भी ध्यान रखें कि कंट्री सीलिंग अलग चीज है और उसे एक पायदान बढ़ाकर ए किया गया है, जो नई सॉवरेन रेटिंग से एक कदम ऊपर है। परीक्षा में दोनों को अलग-अलग याद रखें।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

31 अगस्त 2026 तक गिफ्ट सिटी की आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने आरबीआई की एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा में कितनी राशि मंजूर की थी?

  1. A.28.60 अरब डॉलर
  2. B.37.26 अरब डॉलर
  3. C.54.02 अरब डॉलर
  4. D.62.40 अरब डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 54.02 अरब डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 54.02 अरब डॉलर है। 31 अगस्त 2026 तक बीस आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) जमा वाली विशेष स्वैप सुविधा में इतनी राशि मंजूर की थी, और इसमें से लगभग 52.82 अरब डॉलर वितरित भी हो चुका था। विकल्प ए और बी उसी विज्ञप्ति के असली आंकड़े हैं, पर उसी महीने की पिछली तारीखों के। 14 अगस्त को स्वीकृतियां 28.60 अरब डॉलर थीं और 21 अगस्त को 37.26 अरब डॉलर। यह प्रश्न जांचता है कि परीक्षार्थी हर आंकड़े के साथ उसकी तारीख याद रखता है या नहीं, क्योंकि एक पखवाड़े में ही राशि लगभग दोगुनी हो गई। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह जोड़ी है: 54.02 अरब डॉलर स्वीकृत और 52.82 अरब डॉलर वितरित।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

दोहरी अपस्फीति में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन निकालने के लिए किन दो मदों को अलग-अलग अपस्फीत किया जाता है?

  1. A.उत्पादन और मध्यवर्ती खपत
  2. B.निर्यात और आयात
  3. C.मजदूरी और मुनाफा
  4. D.सरकारी व्यय और निजी उपभोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्पादन और मध्यवर्ती खपत

व्याख्या

सही उत्तर उत्पादन और मध्यवर्ती खपत है। दोहरी अपस्फीति उत्पादन-पक्ष की तकनीक है। इसमें सकल उत्पादन को एक मूल्य सूचकांक से और मध्यवर्ती खपत को दूसरे सूचकांक से अपस्फीत किया जाता है, और दोनों का अंतर ही स्थिर कीमतों पर वास्तविक सकल मूल्य वर्धन होता है। भारत इसे विनिर्माण क्षेत्र के उद्योगों पर लागू करता है और आईएमएफ इसे मात्रा के हिसाब से जीडीपी नापने का सर्वोत्तम तरीका बताता है। विकल्प बी गलत है क्योंकि निर्यात और आयात राष्ट्रीय लेखा के व्यय पक्ष की मदें हैं, इस पद्धति की नहीं। विकल्प सी गलत है क्योंकि मजदूरी और मुनाफा आय पद्धति के घटक हैं। विकल्प डी भी गलत है, क्योंकि निजी अंतिम उपभोग व्यय अंतिम मांग का माप है और विज्ञप्ति स्पष्ट कहती है कि उसमें घटाने के लिए कोई मध्यवर्ती खपत ही नहीं होती, इसलिए दोहरी अपस्फीति उसमें सीधे लागू नहीं होती।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

विज्ञप्ति के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा कितना रहा?

  1. A.5.6 प्रतिशत
  2. B.4.9 प्रतिशत
  3. C.4.7 प्रतिशत
  4. D.4.4 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 4.4 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 4.4 प्रतिशत है। जेसीआर ने कहा कि केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025 के 4.7 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 4.4 प्रतिशत रह गया, और यह तब हुआ जब पूंजीगत व्यय ऊंचा बना रहा तथा ढांचागत निवेश पर खास जोर रहा। घाटा घटे पर उत्पादक खर्च न कटे, इसी संयोजन को एजेंसी ने राजकोषीय व्यय की गुणवत्ता में सुधार कहा है। विकल्प सी यानी 4.7 प्रतिशत पिछले वर्ष वित्त वर्ष 2025 का आंकड़ा है और इसी में परीक्षार्थी सबसे ज्यादा उलझते हैं। विकल्प ए और बी विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। घाटे के साथ वृद्धि दर भी याद रखें: वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भी यही रफ्तार रही।

Q6.बैंकिंग और वित्तआसान

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?

  1. A.सेबी अधिनियम, 1992
  2. B.आईएफएससीए अधिनियम, 2019
  3. C.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
  4. D.फेमा, 1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईएफएससीए अधिनियम, 2019

व्याख्या

सही उत्तर आईएफएससीए अधिनियम, 2019 है। विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए भारत सरकार द्वारा संसद के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित एकीकृत नियामक प्राधिकरण है, जिसका काम अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों का विकास तथा विनियमन है। इसके अध्यक्ष के. राजारामन हैं। विकल्प ए यानी सेबी अधिनियम ने प्रतिभूति बाजार का नियामक बनाया था, आईएफएससीए को नहीं, हालांकि आईएफएससी के भीतर प्रतिभूति कारोबार आईएफएससीए के दायरे में आता है। विकल्प सी यानी बैंककारी विनियमन अधिनियम घरेलू बैंकिंग कंपनियों पर लागू होता है। विकल्प डी यानी फेमा विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़ा है। मूल कानून केवल आईएफएससीए अधिनियम है और उसका वर्ष 2019 सबसे अधिक पूछा जाता है। साथ में यह भी याद रखें कि गिफ्ट-आईएफएससी भारत सरकार की रणनीतिक परियोजना है और इसे वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

Q7.अर्थव्यवस्थामध्यम

2026-27 की पहली तिमाही में मौजूदा कीमतों पर जीडीपी कितना अनुमानित किया गया?

  1. A.80.32 लाख करोड़ रुपये
  2. B.86.05 लाख करोड़ रुपये
  3. C.88.27 लाख करोड़ रुपये
  4. D.94.60 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 88.27 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 88.27 लाख करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति कहती है कि 2026-27 की पहली तिमाही की तुलना उसी श्रृंखला के पिछले वर्ष के आंकड़े से होनी चाहिए, और इसी क्रम में वह इस तिमाही का मौजूदा कीमतों वाला अनुमान बताती है। विकल्प ए यानी 80.32 लाख करोड़ रुपये 2025-26 की पहली तिमाही का वह अनुमान है जो फरवरी 2026 में नई आधार वर्ष श्रृंखला आने पर बना था, और यही तुलना का सही आधार है। विकल्प बी यानी 86.05 लाख करोड़ रुपये 29 अगस्त 2025 को पुरानी 2011-12 श्रृंखला में जारी हुआ था, जिसकी सीधी तुलना नई श्रृंखला से नहीं की जा सकती। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। यह भी याद रखें कि उसी तिमाही का अनुमान बाद में 5 जून 2026 को 80.44 लाख करोड़ रुपये और फिर नई आईआईपी व पीपीआई श्रृंखला जुड़ने पर 80.00 लाख करोड़ रुपये हुआ।

Q8.अर्थव्यवस्थामध्यम

जेसीआर के फैसले से पहले वाले वर्ष में इनमें से किसने भारत की सॉवरेन रेटिंग नहीं बढ़ाई थी?

  1. A.मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस
  2. B.एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स
  3. C.रेटिंग एंड इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन, इंक.
  4. D.एशियाई विकास बैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एशियाई विकास बैंक

व्याख्या

सही उत्तर एशियाई विकास बैंक है। यह एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जो अपने सदस्य देशों को ऋण देता है। यह क्रेडिट रेटिंग एजेंसी नहीं है और किसी देश को सॉवरेन रेटिंग नहीं देता, इसलिए इस सूची में उसका नाम आ ही नहीं सकता। विज्ञप्ति में तीन एजेंसियों का उल्लेख है जिन्होंने पिछले एक वर्ष में भारत की रेटिंग बढ़ाई। सबसे पहले मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस ने मई 2025 में ऐसा किया। इसके बाद अगस्त 2025 में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने और सितंबर 2025 में जापान की ही रेटिंग एंड इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन, इंक. ने रेटिंग बढ़ाई। जेसीआर का फैसला इस तरह लगभग एक वर्ष में चौथा है, इसीलिए इसे किसी एक राय के बजाय भारत की आर्थिक बुनियाद के लगातार मजबूत होने का प्रमाण बताया गया है।

Q9.बैंकिंग और वित्तकठिन

अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग से कितनी राशि जुटाई?

  1. A.9.17 अरब डॉलर
  2. B.11.12 अरब डॉलर
  3. C.11.62 अरब डॉलर
  4. D.14.80 अरब डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 11.12 अरब डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 11.12 अरब डॉलर है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक पांच महीनों में भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग के जरिए इतनी राशि जुटाई। विकल्प ए यानी 9.17 अरब डॉलर उसी कुल का वह हिस्सा है जो अकेले जुलाई और अगस्त में सूचीबद्ध हुआ, इसलिए वह पूरा आंकड़ा नहीं है। विकल्प सी यानी 11.62 अरब डॉलर बिल्कुल अलग रास्ते का है: यह इसी अवधि में आईबीयू द्वारा वितरित बाहरी वाणिज्यिक उधार है, जिसका मासिक आंकड़ा अप्रैल के 1.54 अरब डॉलर से बढ़कर अगस्त में 3.54 अरब डॉलर हुआ। ये दोनों आंकड़े इतने पास हैं कि आपस में बदल जाते हैं, इसलिए हर आंकड़े को उसके रास्ते के साथ याद करें। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। स्वैप से जुटाव, ईसीबी वित्तपोषण और बॉन्ड जारी करना, ये तीनों रास्ते मिलकर गिफ्ट-आईएफएससी के गहरे होते अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग तंत्र का प्रमाण माने गए हैं।

Q10.अर्थव्यवस्थाकठिन

खनन और उत्खनन क्षेत्र का वास्तविक जीवीए -2.4 प्रतिशत रहा पर नाममात्र जीवीए 22.3 प्रतिशत क्यों बढ़ा?

  1. A.क्योंकि खनन का उत्पादन मात्रा के हिसाब से तेजी से बढ़ा
  2. B.क्योंकि खनिजों, खासकर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बहुत बढ़ीं
  3. C.क्योंकि इस क्षेत्र को जीडीपी श्रृंखला से हटा दिया गया
  4. D.क्योंकि कोयला उत्पादन को अनुमानों से बाहर रखा गया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्योंकि खनिजों, खासकर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बहुत बढ़ीं

व्याख्या

सही उत्तर खनिज कीमतों में भारी वृद्धि है। खनन के स्थिर कीमतों वाले अनुमान औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से बनते हैं, जिसकी वृद्धि अप्रैल में -3.8, मई में -1.4 और जून में 1.6 प्रतिशत रही। यह -2.4 प्रतिशत के वास्तविक जीवीए से लगभग मेल खाती है। नाममात्र अनुमान उत्पादक मूल्य सूचकांक लगाकर निकाले जाते हैं और ये कीमतें तेज चढ़ीं। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें अप्रैल में 69.5, मई में 72.2 और जून में 33.7 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि धातु अयस्कों के खनन में 27.6, 25.2 और 23.5 प्रतिशत की महंगाई रही। यही अंतर का कारण है, आंकड़ों की कोई गड़बड़ी नहीं। विकल्प ए गलत है क्योंकि तीन में से दो महीनों में मात्रा घटी। विकल्प सी गलत है क्योंकि खनन श्रृंखला में बना हुआ है। विकल्प डी गलत है क्योंकि कोयला और लिग्नाइट शामिल हैं और उनमें तो कीमतें घटी थीं।

Q11.अर्थव्यवस्थामध्यम

जेसीआर ने भारतीय बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधरने का श्रेय किस सुधार को दिया?

  1. A.दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता
  2. B.कंपनी अधिनियम
  3. C.प्रतिस्पर्धा अधिनियम
  4. D.विदेश व्यापार नीति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता

व्याख्या

सही उत्तर दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता है। जेसीआर ने भारतीय बैंकों की बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता के पीछे तीन बातें गिनाईं: इस संहिता की स्थापना, सरकार द्वारा बैंकों में डाली गई पूंजी और भारतीय रिजर्व बैंक की कड़ी निगरानी। उसने यह भी कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता ठीक बनी हुई है तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में भी परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी पर्याप्तता सुधरी है, जिससे पूरी वित्तीय प्रणाली मजबूत हुई है। विकल्प बी यानी कंपनी अधिनियम कंपनियों के गठन और संचालन से जुड़ा है, इसका यहां उल्लेख नहीं है। विकल्प सी यानी प्रतिस्पर्धा अधिनियम प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार से जुड़ा अलग विषय है। विकल्प डी यानी विदेश व्यापार नीति निर्यात और आयात से जुड़ी है। इनमें से किसी का भी नाम बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में विज्ञप्ति में नहीं आया है, इसलिए वे तीनों गलत हैं।

Q12.बैंकिंग और वित्तमध्यम

विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए के अध्यक्ष कौन हैं?

  1. A.के. राजारामन
  2. B.शक्तिकांत दास
  3. C.तुहिन कांत पांडेय
  4. D.मिया ओका
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. के. राजारामन

व्याख्या

सही उत्तर के. राजारामन हैं। विज्ञप्ति में उनका कथन है कि गिफ्ट-आईएफएससी में बैंकिंग गतिविधियों का तेज विस्तार भारत के इस अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की गहराई और बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय रुझान का प्रमाण है, और यह केंद्र वैश्विक पूंजी तथा भारत की वित्तीय जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु का काम कर रहा है। विकल्प बी में भारतीय रिजर्व बैंक के एक पूर्व गवर्नर का नाम है, जो आईएफएससीए से अलग पद है, यद्यपि स्वैप सुविधा रिजर्व बैंक की ही है। विकल्प सी का इस विज्ञप्ति में आईएफएससीए से कोई संबंध नहीं है। विकल्प डी में एक बहुपक्षीय विकास बैंक की अधिकारी का नाम है। याद रखने के लिए नाम, संस्था और कानून को जोड़ लें: के. राजारामन, आईएफएससीए, अधिनियम 2019।

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