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GK24
अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की वार्षिक और तिमाही जीडीपी की नई श्रृंखला का आधार वर्ष कौन-सा है?

  1. A.2004-05
  2. B.2011-12
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25

सही उत्तर

C. 2022-23

व्याख्या

सही उत्तर 2022-23 है। बैकग्राउंडर के अनुसार वार्षिक और तिमाही जीडीपी अनुमानों की नई श्रृंखला 31 अगस्त 2026 को जारी हुई और इसका आधार वर्ष 2022-23 है। इसी आधार वर्ष पर नया उत्पादक मूल्य सूचकांक और बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक भी तैयार हुए हैं, जो इसी श्रृंखला में जुड़ते हैं। आधार वर्ष वे संदर्भ कीमतें देता है जिनसे वास्तविक वृद्धि नापी जाती है, और इसे समय-समय पर बदला जाता है ताकि सापेक्ष कीमतें अर्थव्यवस्था की मौजूदा तस्वीर दिखाती रहें। विकल्प बी यानी 2011-12 वह पुरानी श्रृंखला है जिसकी जगह यह नई श्रृंखला ली गई है; विज्ञप्ति में उसका उल्लेख केवल यह समझाने के लिए है कि पुराने 86.05 लाख करोड़ रुपये के अनुमान की तुलना नई श्रृंखला से नहीं हो सकती। विकल्प ए और डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। परीक्षार्थी अक्सर जारी होने के वर्ष और आधार वर्ष में भ्रम कर बैठते हैं, इसलिए ध्यान रखें कि श्रृंखला 2026 में आई और उसका आधार 2022-23 है।

पूरा लेख पढ़ें: पहली तिमाही 2026-27 का जीडीपी अनुमान और दोहरी अपस्फीति

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

दोहरी अपस्फीति में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन निकालने के लिए किन दो मदों को अलग-अलग अपस्फीत किया जाता है?

  1. A.उत्पादन और मध्यवर्ती खपत
  2. B.निर्यात और आयात
  3. C.मजदूरी और मुनाफा
  4. D.सरकारी व्यय और निजी उपभोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्पादन और मध्यवर्ती खपत

व्याख्या

सही उत्तर उत्पादन और मध्यवर्ती खपत है। दोहरी अपस्फीति उत्पादन-पक्ष की तकनीक है। इसमें सकल उत्पादन को एक मूल्य सूचकांक से और मध्यवर्ती खपत को दूसरे सूचकांक से अपस्फीत किया जाता है, और दोनों का अंतर ही स्थिर कीमतों पर वास्तविक सकल मूल्य वर्धन होता है। भारत इसे विनिर्माण क्षेत्र के उद्योगों पर लागू करता है और आईएमएफ इसे मात्रा के हिसाब से जीडीपी नापने का सर्वोत्तम तरीका बताता है। विकल्प बी गलत है क्योंकि निर्यात और आयात राष्ट्रीय लेखा के व्यय पक्ष की मदें हैं, इस पद्धति की नहीं। विकल्प सी गलत है क्योंकि मजदूरी और मुनाफा आय पद्धति के घटक हैं। विकल्प डी भी गलत है, क्योंकि निजी अंतिम उपभोग व्यय अंतिम मांग का माप है और विज्ञप्ति स्पष्ट कहती है कि उसमें घटाने के लिए कोई मध्यवर्ती खपत ही नहीं होती, इसलिए दोहरी अपस्फीति उसमें सीधे लागू नहीं होती।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

2026-27 की पहली तिमाही में मौजूदा कीमतों पर जीडीपी कितना अनुमानित किया गया?

  1. A.80.32 लाख करोड़ रुपये
  2. B.86.05 लाख करोड़ रुपये
  3. C.88.27 लाख करोड़ रुपये
  4. D.94.60 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 88.27 लाख करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 88.27 लाख करोड़ रुपये है। विज्ञप्ति कहती है कि 2026-27 की पहली तिमाही की तुलना उसी श्रृंखला के पिछले वर्ष के आंकड़े से होनी चाहिए, और इसी क्रम में वह इस तिमाही का मौजूदा कीमतों वाला अनुमान बताती है। विकल्प ए यानी 80.32 लाख करोड़ रुपये 2025-26 की पहली तिमाही का वह अनुमान है जो फरवरी 2026 में नई आधार वर्ष श्रृंखला आने पर बना था, और यही तुलना का सही आधार है। विकल्प बी यानी 86.05 लाख करोड़ रुपये 29 अगस्त 2025 को पुरानी 2011-12 श्रृंखला में जारी हुआ था, जिसकी सीधी तुलना नई श्रृंखला से नहीं की जा सकती। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। यह भी याद रखें कि उसी तिमाही का अनुमान बाद में 5 जून 2026 को 80.44 लाख करोड़ रुपये और फिर नई आईआईपी व पीपीआई श्रृंखला जुड़ने पर 80.00 लाख करोड़ रुपये हुआ।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

खनन और उत्खनन क्षेत्र का वास्तविक जीवीए -2.4 प्रतिशत रहा पर नाममात्र जीवीए 22.3 प्रतिशत क्यों बढ़ा?

  1. A.क्योंकि खनन का उत्पादन मात्रा के हिसाब से तेजी से बढ़ा
  2. B.क्योंकि खनिजों, खासकर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बहुत बढ़ीं
  3. C.क्योंकि इस क्षेत्र को जीडीपी श्रृंखला से हटा दिया गया
  4. D.क्योंकि कोयला उत्पादन को अनुमानों से बाहर रखा गया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्योंकि खनिजों, खासकर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बहुत बढ़ीं

व्याख्या

सही उत्तर खनिज कीमतों में भारी वृद्धि है। खनन के स्थिर कीमतों वाले अनुमान औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से बनते हैं, जिसकी वृद्धि अप्रैल में -3.8, मई में -1.4 और जून में 1.6 प्रतिशत रही। यह -2.4 प्रतिशत के वास्तविक जीवीए से लगभग मेल खाती है। नाममात्र अनुमान उत्पादक मूल्य सूचकांक लगाकर निकाले जाते हैं और ये कीमतें तेज चढ़ीं। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें अप्रैल में 69.5, मई में 72.2 और जून में 33.7 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि धातु अयस्कों के खनन में 27.6, 25.2 और 23.5 प्रतिशत की महंगाई रही। यही अंतर का कारण है, आंकड़ों की कोई गड़बड़ी नहीं। विकल्प ए गलत है क्योंकि तीन में से दो महीनों में मात्रा घटी। विकल्प सी गलत है क्योंकि खनन श्रृंखला में बना हुआ है। विकल्प डी गलत है क्योंकि कोयला और लिग्नाइट शामिल हैं और उनमें तो कीमतें घटी थीं।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

अगस्त 2026 में चौदह सेवाएं नियमित होने के बाद अमृत भारत की कुल कितनी सेवाएं चल रही हैं?

  1. A.72
  2. B.80
  3. C.86
  4. D.94
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 86

व्याख्या

सही उत्तर है 86। अगस्त 2026 के दौरान अमृत भारत की चौदह सेवाएं विशेष रेलगाड़ी से नियमित रेलगाड़ी में बदली गईं और इसी बदलाव से अमृत भारत सेवाओं की कुल संख्या इस आंकड़े तक पहुंची। ये सेवाएं उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और देश के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ती हैं। जिन मार्गों का नाम विज्ञप्ति में है उनमें सूबेदारगंज से लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनस, गोरखपुर से दिल्ली जंक्शन, अहमदाबाद से भागलपुर, प्रयागराज जंक्शन से उधना जंक्शन और धनबाद से कोयंबटूर शामिल हैं। अहमदाबाद-भागलपुर गुजरात को बिहार से जोड़ती है और धनबाद-कोयंबटूर पूर्वी भारत को दक्षिण भारत से जोड़ती है। गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनस और दिल्ली की सेवाएं पूर्वांचल तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को दो बड़े महानगरीय क्षेत्रों से जोड़ती हैं। विकल्प A, B और D की संख्याएं विज्ञप्ति से मेल नहीं खातीं। परीक्षा में जोड़ी गई सेवाओं की संख्या और कुल संख्या, दोनों साथ याद रखें।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

31 अगस्त 2026 तक शुरू किए जा चुके गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों की कुल संख्या कितनी थी?

  1. A.139
  2. B.144
  3. C.149
  4. D.154
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 149

व्याख्या

सही उत्तर है 149। अगस्त 2026 के दौरान पांच नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए, जिससे महीने के अंत तक इनकी कुल संख्या इस आंकड़े तक पहुंच गई। ये पांच नए टर्मिनल गुजरात के शिवलखा, तमिलनाडु के नल्ली, उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर, मध्य प्रदेश के देवराग्राम और ओडिशा के ब्रजराजनगर में हैं। ये टर्मिनल माल संभालने की सुविधा को उत्पादन और उपभोग केंद्रों के पास लाते हैं, उद्योगों के लिए अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुधारते हैं और औद्योगिक स्थानों से माल की निकासी तेज करते हैं। विकल्प A और विकल्प D मिलती-जुलती पर गलत संख्याएं हैं, जबकि विकल्प B 25 से 31 अगस्त 2026 के बीच चले रक्षाबंधन विशेष फेरों की संख्या है। एक ही विज्ञप्ति के आंकड़े इसी तरह भ्रमित करने के लिए रखे जाते हैं।