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GK24

UPSC GK प्रश्न 2026

UPSC के लिए उत्तर और व्याख्या सहित GK प्रश्न।

UPSC GK प्रश्न उत्तर सहित

Q181.रक्षामध्यम

स्लिनेक्स-26 में भाग ले रहा कौन-सा भारतीय नौसैनिक जहाज़ स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धक पोत है?

  1. A.आईएनएस ज्योति
  2. B.आईएनएस कवरत्ती
  3. C.एसएलएनएस सिंदुराला
  4. D.आईएनएस विक्रांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईएनएस कवरत्ती

व्याख्या

सही उत्तर आईएनएस कवरत्ती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्लिनेक्स-26 में भारतीय नौसेना के दो जहाज़ शामिल हैं: स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धक पोत आईएनएस कवरत्ती और बेड़े का टैंकर जहाज़ आईएनएस ज्योति। बंदरगाह चरण की शुरुआत में श्रीलंकाई चालक दल के लिए उद्घाटन कार्यक्रम और स्वागत समारोह भी आईएनएस कवरत्ती पर ही हुआ था।

आईएनएस ज्योति अभ्यास में शामिल तो है, लेकिन टैंकर जहाज़ के रूप में, इसलिए विकल्प A गलत है। एसएलएनएस सिंदुराला भारतीय जहाज़ नहीं है; यह श्रीलंका नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहा है, इसलिए विकल्प C भी गलत है। आईएनएस विक्रांत का नाम विज्ञप्ति में स्लिनेक्स-26 के जहाज़ों में नहीं है, इसलिए विकल्प D सही नहीं हो सकता। ऐसे प्रश्नों में दोनों देशों के जहाज़ों को आपस में मिलाने की गलती आम है, इसलिए नाम से पहले लगे अक्षरों पर ध्यान दें: आईएनएस भारत के लिए और एसएलएनएस श्रीलंका के लिए।

Q182.रक्षाआसान

सितंबर 2026 में विशाखापत्तनम में आयोजित द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास स्लिनेक्स-26 भारतीय नौसेना और किस देश की नौसेना के बीच हो रहा है?

  1. A.सिंगापुर
  2. B.श्रीलंका
  3. C.थाईलैंड
  4. D.मालदीव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रीलंका

व्याख्या

सही उत्तर श्रीलंका है। स्लिनेक्स भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्लिनेक्स-26 इसका 13वां संस्करण है, जो 17 से 21 सितंबर 2026 तक विशाखापत्तनम में हो रहा है। अभ्यास के नाम में ही उत्तर छिपा है: एसएल यानी श्रीलंका, आईएन यानी इंडिया और ईएक्स यानी एक्सरसाइज़। श्रीलंका की ओर से एसएलएनएस सिंदुराला और भारत की ओर से आईएनएस कवरत्ती तथा आईएनएस ज्योति इसमें शामिल हैं।

सिंगापुर, थाईलैंड और मालदीव इस अभ्यास का हिस्सा नहीं हैं। मंत्रालय की विज्ञप्ति में केवल भारतीय और श्रीलंकाई नौसेनाओं का ज़िक्र है और अभ्यास को भारत-श्रीलंका समुद्री साझेदारी को मज़बूत करने वाला बताया गया है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा में जब किसी अभ्यास का नाम दिया जाए, तो पहले उसके अक्षरों को समझें, क्योंकि कई द्विपक्षीय अभ्यासों के नाम साझेदार देशों के नामों से ही बने होते हैं।

Q183.अर्थव्यवस्थामध्यम

एनएलएमसी बोर्ड ने किस वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण और निदेशकों की रिपोर्ट मंजूर की?

  1. A.2023-24
  2. B.2024-25
  3. C.2025-26
  4. D.2026-27
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2025-26

व्याख्या

उत्तर है 2025-26। मुद्रीकरण प्रस्तावों के साथ-साथ इक्कीसवीं बोर्ड बैठक ने उसी वित्त वर्ष के वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट भी पारित की। ये कंपनी के सामान्य औपचारिक विषय हैं, पर परीक्षा में ठीक ऐसी ही बातें पूछी जाती हैं, क्योंकि अभ्यर्थी इन्हें पढ़ते हुए आगे निकल जाते हैं।

विकल्प D सबसे प्रबल भ्रम है, क्योंकि बैठक स्वयं उसी वर्ष के दौरान हुई थी, उसके बाद नहीं, और लेखा उस वर्ष के मंजूर होते हैं जो समाप्त हो चुका हो, चल रहे वर्ष के नहीं। इस बैठक की तीनों विशिष्ट बातें एक साथ याद रखें और पूरा समाचार ढक जाता है - इक्कीसवीं बोर्ड बैठक, 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की सिफारिश, और 2025-26 के लेखा की मंजूरी।

Q184.अर्थव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम किसकी अधिशेष संपत्तियों के मुद्रीकरण में सहायता करता है?

  1. A.केवल राज्य सरकार के विभागों की
  2. B.आर्थिक संकट में फंसी निजी कंपनियों की
  3. C.केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की
  4. D.नगर निगमों तथा शहरी स्थानीय निकायों की
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं की

व्याख्या

उत्तर है केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम तथा अन्य सरकारी संस्थाएं। एनएलएमसी केवल खरीद-बिक्री नहीं करता। यह उसी संस्था के साथ मिलकर काम करता है जिसके पास संपत्ति है - कौन सी संपत्ति उपयुक्त है यह तय करना, उचित जांच करना, मूल्यांकन कराना और फिर प्रक्रिया तय करना, जिसमें पारदर्शिता, दक्षता तथा उचित मूल्य उसकी घोषित प्राथमिकताएं हैं।

शेष विकल्पों में ऐसे स्वामी बताए गए हैं जिनका विज्ञप्ति में उल्लेख नहीं है। विकल्प B तो पूरी तरह उलटी दिशा में ले जाता है, क्योंकि यहां सार्वजनिक संपत्ति को उपयोग में लाया जा रहा है, किसी निजी कंपनी को उबारा नहीं जा रहा। उत्तर के साथ पूरे अभ्यास का उद्देश्य भी याद रखें - सरकारी बहीखातों में कम उपयोग पड़ी संपत्तियों से मूल्य निकालना, जिसके लिए यह निगम बना ही है।

Q185.अर्थव्यवस्थामध्यम

एनएलएमसी की 21वीं बोर्ड बैठक में सिफारिश किए गए मुद्रीकरण प्रस्तावों का मूल्य कितना था?

  1. A.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.5,000 करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.10,000 करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.50,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5,000 करोड़ रुपये से अधिक

व्याख्या

उत्तर है 5,000 करोड़ रुपये से अधिक। 18 सितंबर 2026 को हुई अपनी इक्कीसवीं बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने इसी मूल्य की संपत्तियों के प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें सिफारिश किया। ये संपत्तियां क्या हैं, यह आंकड़े जितना ही महत्वपूर्ण है - अधिशेष भूमि और भवन, जो इसलिए चिह्नित हुए क्योंकि अब वे उस काम के नहीं रहे जिसके लिए लिए गए थे।

शेष विकल्प ऐसी गोल संख्याएं हैं जो धन से जुड़े प्रश्न में विश्वसनीय भ्रम बनाती हैं, पर घोषणा में इनमें से कोई नहीं आता। आंकड़े के साथ दो बातें और याद रखें, क्योंकि प्रश्न इनमें से कुछ भी पूछ सकता है - यह बोर्ड की इक्कीसवीं बैठक थी, और इसी बैठक ने 2025-26 के वार्षिक वित्तीय विवरण तथा निदेशकों की रिपोर्ट भी मंजूर की।

Q186.सरकारी योजनाएंकठिन

पहले चरण में समीक्षा किए गए चौदह राज्यों के लिए स्वीकृत प्रशिक्षण लक्ष्य क्या है?

  1. A.दिसंबर 2026 तक 34,920 ग्रामीण युवा
  2. B.दिसंबर 2027 तक 1,164 ग्रामीण युवा
  3. C.31 दिसंबर 2027 तक 3,57,112 ग्रामीण युवा
  4. D.5.6 लाख ग्रामीण युवा, बिना कोई समय-सीमा बताए
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 31 दिसंबर 2027 तक 3,57,112 ग्रामीण युवा

व्याख्या

उत्तर है 31 दिसंबर 2027 तक 3,57,112 ग्रामीण युवा। यह पहले चरण में समीक्षा किए गए चौदह राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का स्वीकृत लक्ष्य है, और यह अक्टूबर 2026 में वास्तव में शुरू होने वाली संख्या से काफी ऊपर है, जो 1,164 बैचों में 34,920 युवा है। इन दोनों आंकड़ों का अंतर ही समीक्षा का कारण है - मंत्रालय राज्यों पर तेजी लाने का दबाव बना रहा है ताकि लक्ष्य समय पर पूरा हो।

हर गलत विकल्प किसी असली संख्या को गलत समय-सीमा या गलत दायरे से जोड़ देता है। विकल्प D का 5.6 लाख वास्तव में 24 राज्यों द्वारा 1,200 से अधिक परियोजनाओं में किया गया राष्ट्रीय आवंटन है, इन चौदह का नहीं। दूसरे चरण के लक्ष्य दो वर्ष की अवधि 2026-28 के हैं और सभी 31 भाग लेने वाले राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए हैं।

Q187.सरकारी योजनाएंमध्यम

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना किस मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है?

  1. A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
  2. B.ग्रामीण विकास मंत्रालय
  3. C.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रामीण विकास मंत्रालय

व्याख्या

उत्तर है ग्रामीण विकास मंत्रालय, जो राज्यों की तैयारी की समीक्षा कर रहा है और योजना का दूसरा चरण शुरू कर रहा है। डीडीयू-जीकेवाई का कौशल विकास मंत्रालय के बजाय ग्रामीण विकास के अधीन होना ही वह बात है जो याद रखने लायक है, क्योंकि नाम में कौशल्य शब्द आता है और सहज अनुमान इसीलिए गलत बैठता है।

संकेत नाम के बाकी हिस्से में है - ग्रामीण। यह योजना विशेष रूप से गरीब ग्रामीण युवाओं के लिए है, और यही इसे ग्रामीण विकास के दायरे में रखता है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, इसका प्रशिक्षण प्रमाणपत्र पर नहीं रुकता बल्कि प्लेसमेंट से जुड़ा रहता है, और पाठ्यक्रम तीन से बारह महीने तक चलते हैं। शेष मंत्रालय भी रोजगार या प्रशिक्षण पर किसी न किसी रूप में काम करते हैं, इसीलिए वे प्रभावी भ्रम बनते हैं।

Q188.सरकारी योजनाएंमध्यम

डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के पहले दौर में अक्टूबर 2026 से कितने ग्रामीण युवा प्रशिक्षण शुरू करेंगे?

  1. A.34,920
  2. B.3,57,112
  3. C.1,164
  4. D.5.6 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 34,920

व्याख्या

उत्तर है 34,920। इस समाचार में चार संख्याएं साथ चलती हैं और प्रश्न इन्हें अलग-अलग पहचानने पर टिका है। 34,920 वे ग्रामीण युवा हैं जो अक्टूबर 2026 से प्रशिक्षण शुरू करेंगे; 1,164 उन बैचों की संख्या है जिनमें ये बंटे हैं; 3,57,112 इन्हीं चौदह राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कहीं बड़ा स्वीकृत लक्ष्य है, जिसकी समय-सीमा 31 दिसंबर 2027 है; और 5.6 लाख वह कुल आवंटन है जो 24 राज्यों ने 1,200 से अधिक परियोजनाओं में कर दिया है।

इस तरह विकल्प C बैच संख्या है, विकल्प B स्वीकृत लक्ष्य और विकल्प D व्यापक आवंटन - तीनों घोषणा की असली संख्याएं हैं, पर किसी और प्रश्न का उत्तर। इन्हें छोटे से बड़े क्रम में रखकर याद करना सबसे आसान रहता है - बैच, फिर अक्टूबर की भर्ती, फिर स्वीकृत लक्ष्य, फिर राष्ट्रीय आवंटन।

Q189.नियुक्तियांमध्यम

चौदह नियुक्तियों में सबसे अधिक किस उच्च न्यायालय को मिलीं?

  1. A.कर्नाटक उच्च न्यायालय
  2. B.झारखंड उच्च न्यायालय
  3. C.दिल्ली उच्च न्यायालय
  4. D.जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिल्ली उच्च न्यायालय

व्याख्या

उत्तर है दिल्ली उच्च न्यायालय, जिसे चौदह में से सात मिले, यानी अकेले आधे। इन सात में से दो की नियुक्ति न्यायाधीश के रूप में हुई और शेष पांच की अपर न्यायाधीश के रूप में। यह बंटवारा विज्ञप्ति अलग से बताती है और स्वयं में ध्यान देने योग्य है।

बचे हुए सात तीन जगह बंटे। झारखंड ने तीन न्यायाधीश लिए, कर्नाटक ने तीन अपर न्यायाधीश, और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक न्यायाधीश। अंतिम न्यायालय एक और कारण से देखने लायक है - एक ही उच्च न्यायालय दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की सेवा करता है, जो अपने आप में परीक्षा का प्रश्न बनता है। तो क्रम हुआ - दिल्ली, फिर झारखंड और कर्नाटक बराबर, फिर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख।

परीक्षा में यह प्रश्न कभी संख्या के रूप में आता है और कभी न्यायालय के नाम के रूप में, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित रहता है।

Q190.नियुक्तियांमध्यम

संविधान के अनुसार उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है, और किससे परामर्श के बाद?

  1. A.प्रधानमंत्री, विधि मंत्री से परामर्श के बाद
  2. B.राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
  3. C.मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति से परामर्श के बाद
  4. D.राज्यपाल, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद

व्याख्या

उत्तर है राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद। विज्ञप्ति दोनों बातें स्पष्ट कहती है - यह शक्ति संविधान राष्ट्रपति को देता है, और इसका प्रयोग मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद होता है। इन दोनों चरणों का क्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न कभी-कभी इन्हें उलट देता है।

विकल्प C यही उलटफेर करता है और सबसे प्रबल भ्रम है। प्रधानमंत्री और विधि मंत्री की नियुक्ति में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है, इसलिए विकल्प A गलत है। राज्यपाल उच्च न्यायालय की नियुक्तियों में परामर्श के दायरे में अवश्य आते हैं, पर नियुक्ति प्राधिकारी राज्यपाल नहीं हैं, अतः विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है। इसे इस क्रम में याद रखें - पहले परामर्श, फिर आदेश।

इसीलिए इस प्रश्न को रटने के बजाय प्रक्रिया समझना बेहतर है - सिफारिश न्यायपालिका की ओर से आती है, परामर्श होता है, और औपचारिक आदेश राष्ट्रपति के नाम से निकलता है।

Q191.नियुक्तियांआसान

सितंबर 2026 की घोषणा में कितने न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश और अपर न्यायाधीश नियुक्त किया गया?

  1. A.दस
  2. B.बारह
  3. C.चौदह
  4. D.सोलह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौदह

व्याख्या

उत्तर है चौदह। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चौदह कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति की घोषणा की, जो चार उच्च न्यायालयों में फैली है। सबसे बड़ा हिस्सा दिल्ली को मिला, जहां सात गए - दो न्यायाधीश और पांच अपर न्यायाधीश के रूप में। झारखंड को तीन न्यायाधीश मिले, कर्नाटक को तीन अपर न्यायाधीश, और एक अधिकारी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने।

संख्या याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका जोड़ है - सात और तीन और तीन और एक। जिन अभ्यर्थियों को केवल न्यायालयों की संख्या चार याद रहेगी, या केवल दिल्ली का हिस्सा सात, वे यहां चूक जाएंगे। शेष विकल्प ऐसी गोल संख्याएं हैं जो पास लगती हैं, पर घोषणा से मेल नहीं खातीं।

एक बात और - यह संख्या केवल इस घोषणा की है, किसी वर्ष या किसी न्यायालय की कुल रिक्तियों की नहीं। प्रश्न में यदि अवधि दी हो तो उसे ध्यान से पढ़ें।

Q192.शिखर सम्मेलनमध्यम

एनएचआरसी ने मानवाधिकारों पर यह आईटीईसी कार्यक्रम किस मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया?

  1. A.गृह मंत्रालय
  2. B.विदेश मंत्रालय
  3. C.विधि एवं न्याय मंत्रालय
  4. D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विदेश मंत्रालय

व्याख्या

उत्तर है विदेश मंत्रालय। यह जोड़ी संयोग नहीं है - भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम विदेश नीति का एक साधन है, जिसके जरिए अन्य विकासशील देशों के अधिकारियों को प्रशिक्षण और विशेषज्ञता दी जाती है। इसलिए विदेशी मानवाधिकार संस्थाओं के लिए बना कोई भी पाठ्यक्रम स्वाभाविक रूप से विदेश मंत्रालय से होकर चलता है।

सूची में दिए गए बाकी मंत्रालयों का भारत के भीतर मानवाधिकार कार्य से किसी न किसी रूप में संबंध है, इसीलिए वे भ्रम पैदा करते हैं, पर यहाँ सहयोगी के रूप में उनका नाम नहीं है। परीक्षा के लिए आईटीईसी और विदेश मंत्रालय को एक स्थिर जोड़ी मानकर चलें, और यह भी याद रखें कि यह कार्यक्रम का पांचवां संस्करण था, जो नई दिल्ली में 14 सितंबर 2026 से छह दिन चला।

Q193.शिखर सम्मेलनमध्यम

कार्यक्रम में कितनी राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने प्रतिभागी भेजे?

  1. A.आठ
  2. B.ग्यारह
  3. C.चौदह
  4. D.बीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौदह

व्याख्या

उत्तर है चौदह। इस समाचार में दो संख्याएं साथ चलती हैं और आपस में बदल जाना आसान है - अड़तीस वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, और वे चौदह राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से आए थे। संस्थाएं छोटी संख्या हैं, लोग बड़ी। जो अभ्यर्थी केवल एक अंक याद रखेगा, वह दूसरे पर अटक जाएगा, इसलिए दोनों को जोड़ी की तरह याद रखना चाहिए।

भाग लेने वाले देशों को महाद्वीप के हिसाब से देखें तो याद रखना आसान हो जाता है। अफ्रीका से अल्जीरिया, इथियोपिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका तथा जिम्बाब्वे; लैटिन अमेरिका से चिली और इक्वाडोर; एशिया से इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मलेशिया, ओमान और ताजिकिस्तान; और प्रशांत क्षेत्र से समोआ। यानी फैलाव अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, एशिया और प्रशांत तक है। यही विविधता कार्यक्रम की मूल सोच बताती है - अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं में लगभग एक जैसा काम करने वाली संस्थाएं किसी एक आदर्श से अधिक एक-दूसरे से सीख सकती हैं। इसी आधार पर आयोग के अध्यक्ष ने वैश्विक दक्षिण की संस्थाओं के बीच और गहरे सहयोग की बात रखी।

Q194.शिखर सम्मेलनमध्यम

मानवाधिकारों पर पांचवें आईटीईसी क्षमता-निर्माण कार्यक्रम में समापन भाषण किसने दिया?

  1. A.केंद्रीय गृह मंत्री
  2. B.न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, अध्यक्ष, एनएचआरसी भारत
  3. C.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  4. D.केंद्रीय विदेश मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, अध्यक्ष, एनएचआरसी भारत

व्याख्या

उत्तर हैं न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, जो भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं और जिन्होंने कार्यक्रम का समापन किया। उनका विषय वैश्विक दक्षिण की मानवाधिकार संस्थाओं के बीच सहयोग था, और तर्क यह कि ये संस्थाएं तभी बेहतर होती हैं जब अपना अनुभव खुलकर साझा करें, अपनी कठिनाइयों को नाम दें और अपनी भूलों से सीखें।

शेष विकल्प ऐसे पदों के हैं जो मानवाधिकार से जुड़े आयोजन के लिए विश्वसनीय लगते हैं, पर यहाँ उनकी कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय इस कार्यक्रम में सहयोगी अवश्य था, जिससे विकल्प D सबसे प्रबल भ्रम बनता है, किंतु समापन भाषण आयोग के अपने अध्यक्ष ने दिया। सत्र में संयुक्त सचिव श्री समीर कुमार और श्रीमती सैदिंगपुई छकछुआक भी उपस्थित रहे। परीक्षा की दृष्टि से अध्यक्ष का नाम यहाँ सबसे उपयोगी तथ्य है, क्योंकि वह इस समाचार से आगे भी काम आता है - एनएचआरसी से जुड़ा कोई भी प्रश्न प्रायः अध्यक्ष के नाम पर ही टिकता है।

Q195.रक्षाआसान

एचएएल ने वायुसेना और पवन हंस लिमिटेड को विमान किस शहर में सौंपे?

  1. A.हैदराबाद
  2. B.नासिक
  3. C.बेंगलुरु
  4. D.कोरापुट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बेंगलुरु

व्याख्या

उत्तर है बेंगलुरु, कर्नाटक, जहाँ यह समारोह 18 सितंबर 2026 को हुआ। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड देश में कई जगहों से काम करती है, और इसी कारण इस तरह का प्रश्न एक अच्छी परख बन जाता है - अभ्यर्थी को सामान्य जुड़ाव नहीं, विशिष्ट स्थान याद रखना पड़ता है।

वहाँ बोलते हुए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस हैंडओवर को देश के भीतर एयरोस्पेस क्षमता खड़ी करने और उसके साथ आने वाले तकनीकी आत्मविश्वास की दिशा में एक पड़ाव बताया। उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों के बीच नज़दीकी काम पर भी ज़ोर दिया और युवा वैज्ञानिकों से परिवर्तनकारी तकनीकों पर काम करने को कहा। शहर, तिथि और दोनों मंत्री - यही पूरा सेट है।

इसके अलावा यह भी नोट करें कि एक ही समारोह में दो अलग-अलग प्रकार के ग्राहक थे, एक सैन्य और एक नागरिक। यही कारण है कि दो मंत्रालयों के मंत्री एक साथ उपस्थित रहे, जो सामान्य हैंडओवर में नहीं होता।

Q196.रक्षाआसान

एचएएल से चार ध्रुव अगली पीढ़ी हेलीकॉप्टर किस संगठन को मिले?

  1. A.भारतीय वायु सेना
  2. B.भारतीय तटरक्षक बल
  3. C.पवन हंस लिमिटेड
  4. D.सीमा सुरक्षा बल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पवन हंस लिमिटेड

व्याख्या

उत्तर है पवन हंस लिमिटेड। इस समारोह में दो प्राप्तकर्ता थे और उन्हें अलग-अलग पहचानना ही इस प्रश्न का उद्देश्य है। सैन्य ट्रेनर, यानी तेजस दो-सीट और एचटीटी-40, भारतीय वायु सेना को गए। अगली पीढ़ी संस्करण के चार ध्रुव हेलीकॉप्टर इसके बजाय पवन हंस लिमिटेड को मिले, जो नागरिक हेलीकॉप्टर संचालन करती है।

यही बंटवारा अतिथि सूची भी समझाता है। रक्षा पक्ष के लिए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और नागरिक पक्ष के लिए नागर विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू उपस्थित रहे। शेष विकल्पों में ऐसे बल हैं जो हेलीकॉप्टर संचालित तो करते हैं, इसीलिए वे विश्वसनीय लगते हैं, पर इस हैंडओवर में उनका कोई उल्लेख नहीं है।

तिथि और स्थान भी साथ याद रखें - 18 सितंबर 2026, बेंगलुरु, कर्नाटक। हैंडओवर से जुड़े प्रश्नों में प्राप्तकर्ता, विमान का नाम, संख्या और स्थान, इन चारों में से कोई भी पूछा जा सकता है।

Q197.रक्षामध्यम

सितंबर 2026 के समारोह में एचएएल ने भारतीय वायु सेना को कितने एलसीए तेजस एफओसी दो-सीट ट्रेनर सौंपे?

  1. A.एक
  2. B.दो
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दो

व्याख्या

उत्तर है दो। बेंगलुरु के समारोह में वायुसेना को कुल पांच विमान मिले, और प्रश्न इसी बंटवारे पर टिका है - अंतिम परिचालन मंजूरी मानक के दो तेजस दो-सीट ट्रेनर, और तीन एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर। जिन अभ्यर्थियों को केवल कुल संख्या पांच याद रहेगी, वे यहाँ चूक जाएंगे।

कहानी की चौथी संख्या कहीं और की है। अगली पीढ़ी संस्करण के चार ध्रुव हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को गए, जो एक नागरिक संचालक है, वायुसेना को नहीं। इसी कारण समारोह में दो मंत्री थे, एक रक्षा और दूसरे नागर विमानन के। इसे तीन जोड़ियों में याद रखें - दो तेजस ट्रेनर, तीन एचटीटी-40 ट्रेनर, चार ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर।

ध्यान रखने वाली एक और बात यह है कि तेजस ट्रेनर अंतिम परिचालन मंजूरी मानक पर थे, जो विमान की स्वीकृति का एक निश्चित चरण होता है। परीक्षा में कभी-कभी यही विवरण पूछ लिया जाता है, इसलिए संख्या के साथ यह मानक भी जोड़कर याद रखें।

Q198.राष्ट्रीयमध्यम

कलाक्षेत्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित 17वें कथकली महोत्सव का विषय क्या है?

  1. A.नृत्य संगम - नृत्य का संगम
  2. B.कथा रस संगम - कहानियों के सार का संगम
  3. C.नाट्य परंपरा - रंगमंच की परंपरा
  4. D.राग रस यात्रा - स्वरों की यात्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कथा रस संगम - कहानियों के सार का संगम

व्याख्या

सही उत्तर कथा रस संगम - कहानियों के सार का संगम है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार यह तीन दिवसीय महोत्सव इसी विषय पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें तीन प्रमुख कथकली संस्थानों - सदानम अकादमी, केरल कलामंडलम और मार्गी थिएटर - को एक मंच पर लाया गया है और प्रत्येक संस्थान एक विशिष्ट प्रस्तुति दे रहा है।

शेष तीनों विकल्प सुनने में विश्वसनीय लगते हैं, किंतु विज्ञप्ति में इनका कोई उल्लेख नहीं है और न ही इनका इस महोत्सव से कोई संबंध है। विषय के साथ तीनों प्रस्तुतियां भी याद रखने योग्य हैं - सदानम अकादमी की मंदोदरी, जो रामायण पर आधारित है; केरल कलामंडलम की द ओल्ड मैन एंड द सी, जो अर्नेस्ट हेमिंग्वे के उपन्यास पर आधारित है; और मार्गी थिएटर की रुग्मांगद चरितम।

Q199.राष्ट्रीयआसान

17वें कथकली महोत्सव का आयोजन करने वाले कलाक्षेत्र फाउंडेशन की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1936
  2. B.1947
  3. C.1955
  4. D.1962
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1936

व्याख्या

सही उत्तर 1936 है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार कलाक्षेत्र फाउंडेशन की स्थापना 1936 में रुक्मिणी देवी अरुंडेल द्वारा की गई थी, और तब से इसने भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण, अभ्यास और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही फाउंडेशन कथकली महोत्सव का आयोजन करता है, जिसके सत्रहवें संस्करण का उद्घाटन चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित भारत कलाक्षेत्र सभागार में किया गया।

शेष विकल्पों में दिए गए वर्षों का इस फाउंडेशन से कोई संबंध विज्ञप्ति में नहीं बताया गया है। अभ्यर्थियों को स्थापना वर्ष के साथ संस्थापिका का नाम भी जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षाओं में ये दोनों तथ्य प्रायः एक साथ पूछे जाते हैं और कभी-कभी शहर भी पूछा जाता है। इसे एक पंक्ति में याद रखें - कलाक्षेत्र फाउंडेशन, 1936, रुक्मिणी देवी अरुंडेल, चेन्नई।

Q200.रक्षामध्यम

कोर कार्यक्रम 2026 में किन तीन मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया?

  1. A.रक्षा, वित्त और गृह मंत्रालय
  2. B.रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय
  3. C.रक्षा, विदेश और वाणिज्य मंत्रालय
  4. D.गृह, विदेश और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय है। विज्ञप्ति के अनुसार इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा तथा उभरती चुनौतियों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम 14 से 18 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चला और इसका संचालन सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज ने किया।

यह संयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य अंतर-विभागीय समन्वय और अंतर-एजेंसी संयुक्तता को सुदृढ़ करना था, और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्न पर यही तीन मंत्रालय आपस में मिलते हैं - सैन्य पक्ष रक्षा मंत्रालय देखता है, कूटनीतिक पक्ष विदेश मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा का पक्ष गृह मंत्रालय। शेष विकल्पों में ऐसे मंत्रालय जोड़े गए हैं जिनका उल्लेख विज्ञप्ति में कहीं नहीं है, जैसे वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय अथवा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, और इन्हें उत्तर मानना गलत होगा। इसके साथ चर्चाओं में रेखांकित किया गया वाक्यांश भी याद रखें - राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संपूर्ण-राष्ट्र दृष्टिकोण, जिसे परीक्षक प्रायः सीधे उद्धृत करते हैं।

उप-परीक्षाओं के लिए GK प्रश्न