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GK24

UPSC GK प्रश्न 2026

UPSC के लिए उत्तर और व्याख्या सहित GK प्रश्न।

UPSC GK प्रश्न उत्तर सहित

Q141.पर्यावरणमध्यम

'स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर' 5.0 के दौरान कितने लोगों ने महासागर संरक्षण शपथ ली?

  1. A.5 लाख
  2. B.10 लाख
  3. C.15 लाख
  4. D.25 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 15 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 15 लाख है। 12 से 19 सितंबर 2026 तक चले स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 के दौरान 15 लाख लोगों ने महासागर संरक्षण शपथ ली, यानी समुद्र और तट को कचरे से मुक्त रखने का संकल्प। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अभियान की समीक्षा करते हुए इस आंकड़े का विशेष उल्लेख किया और कहा कि जनभागीदारी की यह गति बनी रहनी चाहिए।

बाकी विकल्प भ्रम के लिए हैं। शपथ वाला आंकड़ा पूछे जाने की सबसे अधिक संभावना है, क्योंकि यह सरकारी विज्ञप्ति के शीर्षक में ही है, साथ में 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 231 सफाई स्थान भी। समुद्री कचरे में सबसे बड़ा हिस्सा प्लास्टिक का होता है, जो टूटकर माइक्रोप्लास्टिक बनता है और समुद्री खाद्य शृंखला में पहुंच जाता है। ऐसे अभियान तटों की सफाई के साथ-साथ ज़मीन पर लोगों का व्यवहार बदलने का भी लक्ष्य रखते हैं, जहां से यह कचरा शुरू होता है।

Q142.पर्यावरणमध्यम

भारत के स्वायत्त वैज्ञानिक संस्थानों के काम को सामने लाने वाली मासिक व्याख्यान शृंखला 'विज्ञान की बात' किसने शुरू की?

  1. A.जैव प्रौद्योगिकी विभाग
  2. B.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
  3. C.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  4. D.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

व्याख्या

सही उत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। 'विज्ञान की बात' डीएसटी द्वारा शुरू की गई मासिक व्याख्यान शृंखला है, जिसका उद्देश्य देश के स्वायत्त वैज्ञानिक संस्थानों के काम को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है। 29 अगस्त 2026 को हुए इसके पहले संस्करण में शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत के 7,500 से अधिक लोग शामिल हुए, और 26 सितंबर 2026 को दूसरे संस्करण में एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र के निदेशक मूलभूत भौतिक विज्ञान और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर बात करेंगे।

बाकी विकल्प उसी समीक्षा बैठक का हिस्सा थे, इसलिए भ्रमित करते हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय संयुक्त डिजिटल आउटरीच प्रयास में शामिल हैं, और सीएसआईआर अपने सीएसआईआर@85 कार्यक्रम की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित वैज्ञानिक उपलब्धियों की डिजिटल लाइब्रेरी के लिए नोडल संस्थान सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर है, डीएसटी नहीं।

Q143.पर्यावरणआसान

'स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर' 5.0 के तहत तटीय सफाई कितने स्थानों पर की गई?

  1. A.131
  2. B.231
  3. C.331
  4. D.431
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 231

व्याख्या

सही उत्तर 231 है। स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 का आयोजन 12 से 19 सितंबर 2026 तक हुआ, और इसकी तटीय सफाई 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 231 स्थानों पर की गई। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 21 सितंबर 2026 को अभियान की समीक्षा की और इसमें जनभागीदारी के पैमाने की सराहना की।

बाकी आंकड़े सही उत्तर के आसपास गढ़े गए भ्रम हैं। इस अभियान पर प्रश्न आम तौर पर तीन आंकड़ों को साथ परखते हैं, इसलिए इन्हें एक समूह के रूप में याद करें: 231 स्थान, 13 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और महासागर संरक्षण शपथ लेने वाले 15 लाख लोग। अभियान में नागरिक, विद्यार्थी, तटीय समुदाय, सरकारी एजेंसियां, वैज्ञानिक संस्थान और स्वयंसेवक स्वच्छ तटों और सुरक्षित समुद्र के लिए एक राष्ट्रीय प्रयास में साथ आए।

Q144.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारतीय किसानों की रक्षा के लिए भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में निम्नलिखित में से किसे शुल्क रियायतों से बाहर रखा गया है?

  1. A.डेयरी उत्पाद
  2. B.लकड़ी के लट्ठे
  3. C.कोकिंग कोल
  4. D.धातु स्क्रैप
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. डेयरी उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर डेयरी उत्पाद है। किसानों की सुरक्षा के लिए भारत ने संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है: डेयरी, भेड़ के मांस को छोड़कर पशु मांस, प्रमुख कृषि उत्पाद, चीनी और खाद्य तेल। यह इसलिए अहम है क्योंकि न्यूजीलैंड दुनिया के बड़े डेयरी निर्यातकों में है, और व्यापार वार्ताओं में डेयरी लंबे समय से भारत का सबसे संवेदनशील मुद्दा रहा है।

बाकी तीनों विकल्प उल्टी स्थिति के हैं। लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोल और धातु स्क्रैप ऐसे कच्चे माल हैं जिन्हें भारतीय निर्माता अब न्यूजीलैंड से बिना शुल्क आयात कर सकेंगे, जिससे उनकी लागत घटेगी और वे वैश्विक बाज़ारों में बेहतर मुकाबला कर पाएंगे। न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मनुका शहद को न्यूनतम आयात मूल्य और मौसमी अवधि वाले शुल्क दर कोटा के ज़रिए ही सीमित पहुंच मिलेगी, और साथ में भारतीय किसानों की मदद के लिए कृषि उत्पादकता साझेदारी होगी।

Q145.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए कुशल भारतीयों के लिए कितने अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का प्रावधान करता है?

  1. A.1,000
  2. B.3,000
  3. C.5,000
  4. D.10,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5,000

व्याख्या

सही उत्तर 5,000 है। समझौता कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए 5,000 अस्थायी रोज़गार प्रवेश वीज़ा का विशेष कोटा तय करता है, जिससे उन्हें न्यूजीलैंड में काम करने का स्पष्ट रास्ता मिलता है।

1,000 का आंकड़ा भी समझौते में है, लेकिन दूसरे वीज़ा के लिए: यह युवा भारतीयों को हर वर्ष मिलने वाले कार्य-अवकाश वीज़ा की संख्या है, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। 3,000 और 10,000 भ्रम के लिए हैं। सेवाओं के अध्याय में आईटी, पेशेवर सेवाएं, श्रव्य-दृश्य, निर्माण और पर्यटन समेत लगभग 118 क्षेत्र खुले हैं, और लगभग 139 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र का दर्जा है। विद्यार्थियों पर कोई सीमा नहीं है, और पढ़ाई के बाद STEM स्नातकों को तीन वर्ष तथा डॉक्टरेट शोधार्थियों को चार वर्ष तक काम का अधिकार मिलता है।

Q146.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है?

  1. A.10 अरब अमेरिकी डॉलर
  2. B.15 अरब अमेरिकी डॉलर
  3. C.20 अरब अमेरिकी डॉलर
  4. D.25 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 20 अरब अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 20 अरब अमेरिकी डॉलर है। समझौते में न्यूजीलैंड की यह प्रतिबद्धता शामिल है कि वह भारत में इतने निवेश को सुगम बनाएगा, और वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इससे भारतीय कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्ट-अप्स को लाभ होगा।

बाकी आंकड़े भ्रम के लिए हैं। निवेश प्रतिबद्धता को व्यापार लक्ष्य से न मिलाएं: रणनीतिक साझेदारी के "रोडमैप टू 2030" के तहत दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर, यानी लगभग ₹35,000 करोड़, तक पहुंचाना है। 2025-26 में दोनों देशों का वस्तु व्यापार केवल लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो दिखाता है कि बढ़ने की कितनी गुंजाइश है। शुल्क कटौती के साथ ऐसी निवेश प्रतिबद्धताएं विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के हाल के व्यापार समझौतों की पहचान बन गई हैं।

Q147.अंतरराष्ट्रीयआसान

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता किस तिथि से लागू होगा?

  1. A.27 अप्रैल 2026
  2. B.16 सितंबर 2026
  3. C.20 अक्टूबर 2026
  4. D.1 जनवरी 2027
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 20 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 20 अक्टूबर 2026 है। 21 सितंबर 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने घोषणा की कि समझौता उसी दिन से लागू होगा, जो दशहरा-विजयादशमी का दिन है। गोयल ने कहा कि यह शुभ दिन सोच-समझकर चुना गया है।

बाकी तिथियां भी समझौते से जुड़ी हैं, इसीलिए भ्रमित करती हैं। 27 अप्रैल 2026 वह तिथि है जब नई दिल्ली के भारत मंडपम में एफटीए पर हस्ताक्षर हुए। 16 सितंबर 2026 को न्यूजीलैंड की संसद ने इसे लागू करने के लिए ज़रूरी कानून पारित किया। 1 जनवरी 2027 का समझौते से कोई संबंध नहीं है। तीनों तिथियों को क्रम से याद रखें: अप्रैल में हस्ताक्षर, सितंबर में न्यूजीलैंड की संसद से मंज़ूरी, और अक्टूबर से लागू।

Q148.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

कैबिनेट मिशन योजना द्वारा तय संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या कितनी थी?

  1. A.299
  2. B.389
  3. C.296
  4. D.395
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 389

व्याख्या

सही उत्तर 389 है। 1946 की कैबिनेट मिशन योजना ने संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 तय की: ब्रिटिश भारत के लिए 296 और देसी रियासतों के लिए 93। ब्रिटिश भारत की 296 सीटों में से 292 गवर्नर वाले ग्यारह प्रांतों के लिए और 4 चीफ कमिश्नर वाले प्रांतों के लिए थीं।

बाकी हर विकल्प इसी अध्याय की कोई वास्तविक संख्या है, जो जल्दबाज़ी में पढ़ने वाले को फंसाने के लिए रखी गई है। 299 विभाजन के बाद सभा की सदस्य संख्या है, जब पाकिस्तान में गए क्षेत्रों के सदस्य अलग हो गए। 296 केवल ब्रिटिश भारत का हिस्सा है, जिसमें रियासतें शामिल नहीं हैं। 395 सदस्यों की संख्या है ही नहीं: यह मूल रूप से अपनाए गए संविधान के अनुच्छेदों की संख्या है। इस विषय के प्रश्नों में ये संख्याएं अक्सर साथ-साथ रखी जाती हैं, इसलिए हर संख्या को उसके अर्थ से जोड़कर याद करें: शुरुआत में 389 सदस्य, विभाजन के बाद 299, ब्रिटिश भारत की 296 सीटें और मूल संविधान के 395 अनुच्छेद।

Q149.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

1934 में भारत के लिए संविधान सभा का विचार सबसे पहले किसने रखा?

  1. A.एम.एन. रॉय
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.महात्मा गांधी
  4. D.सुभाष चंद्र बोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एम.एन. रॉय

व्याख्या

सही उत्तर एम.एन. रॉय है। भारत में साम्यवादी आंदोलन के अग्रणी नेता मानवेंद्र नाथ रॉय ने 1934 में सबसे पहले संविधान सभा का विचार रखा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस विचार को अपनाकर 1935 में इसे अपनी आधिकारिक मांग बनाया, और ब्रिटिश सरकार ने 1940 के अगस्त प्रस्ताव में इसे सिद्धांत रूप में स्वीकार किया। आखिरकार 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के तहत सभा का गठन हुआ।

जवाहरलाल नेहरू यहां सबसे आकर्षक गलत उत्तर हैं, क्योंकि वे इस मांग से गहराई से जुड़े रहे और बाद में 13 दिसंबर 1946 को सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया; लेकिन यह विचार सबसे पहले रॉय ने रखा था। महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस को इसका पहला प्रस्तावक नहीं माना जाता। जब प्रश्न में "सबसे पहले" या "मूल रूप से" जैसे शब्द हों, तो वह अक्सर यही अंतर परखता है: विचार किसने दिया और उसे आगे किसने बढ़ाया।

Q150.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 25 मार्च 2018, शिफ्ट 2मध्यम

भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के निलंबन की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.जर्मनी
  3. C.रूस
  4. D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जर्मनी

व्याख्या

सही उत्तर जर्मनी है। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों को निलंबित करने का प्रावधान जर्मनी के वाइमर संविधान से लिया गया है। भारतीय संविधान का यही प्रावधान आमतौर पर इस स्रोत से जोड़ा जाता है।

बाकी विकल्प दूसरे प्रावधानों के स्रोत हैं। फ्रांस से गणतंत्र का विचार और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श लिए गए। रूस, यानी पूर्व सोवियत संघ, से मौलिक कर्तव्य और सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय का आदर्श लिया गया। ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ली गई। आपातकालीन प्रावधान कुल मिलाकर मुख्य रूप से भारत शासन अधिनियम, 1935 से आए हैं, इसलिए सामान्य रूप से "आपातकालीन प्रावधानों" का प्रश्न उस अधिनियम की ओर इशारा करता है, जबकि "आपातकाल में मौलिक अधिकारों के निलंबन" का प्रश्न जर्मनी की ओर। उत्तर चुनने से पहले प्रश्न के शब्द ध्यान से पढ़ें।

Q151.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 24 जुलाई 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्व किस देश से लिए गए हैं?

  1. A.सोवियत संघ
  2. B.अमेरिका
  3. C.आयरलैंड
  4. D.चीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आयरलैंड

व्याख्या

सही उत्तर आयरलैंड है। संविधान के भाग 4 में दिए गए राज्य के नीति निदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान के आधार पर बनाए गए। भारत ने आयरलैंड से दो और प्रावधान लिए: राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन और राष्ट्रपति के चुनाव की पद्धति।

बाकी देशों से अलग प्रावधान लिए गए हैं। सोवियत संघ से मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का आदर्श लिया गया। अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और राष्ट्रपति पर महाभियोग लिए गए। चीन को भारतीय संविधान के स्रोतों में गिना ही नहीं जाता। सबसे अधिक भ्रम अधिकारों और निदेशक तत्वों को लेकर होता है: मौलिक अधिकार अमेरिका से आए हैं, जबकि नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से। याद रखने का आसान तरीका: "अधिकार अमेरिका से, निदेशक तत्व आयरलैंड से"।

Q152.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान सभा को भारत का संविधान पूरा करने में कितना समय लगा?

  1. A.2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन
  2. B.3 वर्ष, 2 महीने और 10 दिन
  3. C.2 वर्ष, 6 महीने और 20 दिन
  4. D.1 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन

व्याख्या

सही उत्तर 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन है। सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई और उसका काम 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाए जाने के साथ पूरा हुआ। इस दौरान उसके 11 सत्र हुए, जो कुल 165 दिन चले, और इनमें से 114 दिन संविधान के प्रारूप पर विचार में लगे। पूरी प्रक्रिया पर लगभग ₹64 लाख खर्च हुए।

बाकी विकल्प जानबूझकर मिलते-जुलते बनाए गए हैं। 1 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में महीने और दिन वही हैं, लेकिन एक पूरा वर्ष गायब है। 3 वर्ष, 2 महीने और 10 दिन का अर्थ होगा कि काम जनवरी 1950 के बाद तक चला, जबकि तब तक संविधान लागू हो चुका था। 2 वर्ष, 6 महीने और 20 दिन बहुत कम है। परीक्षा हॉल में काम आने वाली एक त्वरित जांच: दिसंबर 1946 से नवंबर 1949 के अंत तक का समय तीन वर्ष से थोड़ा कम है, और इस पर केवल पहला विकल्प खरा उतरता है।

Q153.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 फरवरी 2019, शिफ्ट 3आसान

भारत की संविधान सभा ने संविधान को कब अपनाया?

  1. A.26 नवंबर 1949
  2. B.26 जनवरी 1950
  3. C.26 नवंबर 1950
  4. D.26 जनवरी 1949
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 26 नवंबर 1949

व्याख्या

सही उत्तर 26 नवंबर 1949 है। इसी दिन संविधान सभा ने संविधान को अपनाया, और अब हर साल यह दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। नागरिकता, चुनाव, अंतरिम संसद और अस्थायी तथा संक्रमणकालीन प्रावधानों जैसे कुछ उपबंध 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए थे।

इस प्रश्न में जाल 26 जनवरी 1950 है: यह वह तिथि है जब संविधान लागू हुआ, जिसे अब गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, न कि वह तिथि जब उसे अपनाया गया। यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि कांग्रेस ने 1930 में 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया था। बाकी दो विकल्प, 26 नवंबर 1950 और 26 जनवरी 1949, केवल वर्षों को आपस में बदल देते हैं और संविधान निर्माण की किसी घटना से मेल नहीं खाते। दोहराते समय इस जोड़ी को सही क्रम में याद रखें: 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ।

Q154.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 2 अगस्त 2023, शिफ्ट 4मध्यम

संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली संविधान सभा का कानूनी सलाहकार निम्नलिखित में से किसे नियुक्त किया गया था?

  1. A.एच.वी.आर. आयंगर
  2. B.एस.एन. मुखर्जी
  3. C.बी.आर. आंबेडकर
  4. D.बी.एन. राव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी.एन. राव

व्याख्या

सही उत्तर बी.एन. राव है। सर बेनेगल नरसिंह राव को संविधान सभा का संवैधानिक (कानूनी) सलाहकार नियुक्त किया गया था। उन्होंने दूसरे देशों के संविधानों का अध्ययन किया और संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया, जिस पर प्रारूप समिति ने काम किया और फरवरी 1948 में अपना प्रारूप प्रकाशित किया।

बी.आर. आंबेडकर यहां सबसे संभावित गलत चुनाव हैं: वे प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान को सभा में पारित कराया, लेकिन वे सभा के सलाहकार नहीं थे। एच.वी.आर. आयंगर संविधान सभा के सचिव थे, जो एक प्रशासनिक पद था, और एस.एन. मुखर्जी सभा के मुख्य प्रारूपकार थे। यह प्रश्न पहला मसौदा तैयार करने वाले सलाहकार (राव) और अंतिम पाठ का मार्गदर्शन करने वाले समिति अध्यक्ष (आंबेडकर) के अंतर को परखता है। प्रश्नों में कभी "कानूनी सलाहकार" लिखा होता है और कभी "संवैधानिक सलाहकार"; दोनों का उत्तर बी.एन. राव ही है।

Q155.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 अक्टूबर 2020, शिफ्ट 3आसान

भारत के संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.बी.आर. आंबेडकर
  2. B.के.एम. मुंशी
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहम्मद सादुल्ला
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों के साथ हुआ और डॉ. बी.आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे। समिति ने फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया और आंबेडकर ने सभा में धारा-दर-धारा बहस के दौरान इसे पारित कराया, इसीलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है।

के.एम. मुंशी और मोहम्मद सादुल्ला इसी समिति के सदस्य थे, अध्यक्ष नहीं, इसलिए ये सबसे आकर्षक गलत उत्तर हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रारूप समिति में नहीं थे; वे प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय तथा अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। सातों सदस्यों की सूची भी याद करें, क्योंकि अक्सर पूछा जाता है कि कौन सदस्य नहीं था: आंबेडकर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर, के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी.टी. कृष्णमाचारी।

Q156.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 2 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

उस उद्देश्य प्रस्ताव को किसने पेश किया था, जिसे बाद में भारत के संविधान की प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया?

  1. A.राजेंद्र प्रसाद
  2. B.जे.बी. कृपलानी
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या

सही उत्तर जवाहरलाल नेहरू है। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और सभा ने 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि संविधान क्या हासिल करना चाहता है: एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य, जिसमें सभी लोगों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता मिले, और अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा हो। आगे चलकर इन्हीं विचारों से प्रस्तावना बनी।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष थे और बहसों की अध्यक्षता करते थे; उन्होंने यह प्रस्ताव पेश नहीं किया। जे.बी. कृपलानी मौलिक अधिकार उप-समिति के अध्यक्ष थे। डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, जो प्रस्ताव स्वीकार होने के कई महीने बाद 29 अगस्त 1947 को बनी। क्रम याद रखने का आसान तरीका: पहले नेहरू ने उद्देश्य रखे, बाद में आंबेडकर की समिति ने उन्हें प्रारूप का रूप दिया।

Q157.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 फरवरी 2019, शिफ्ट 3आसान

भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा का स्थान किसने लिया?

  1. A.पं. जवाहरलाल नेहरू
  2. B.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहनदास करमचंद गांधी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. राजेंद्र प्रसाद है। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता केवल अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी। 11 दिसंबर 1946 को सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपना स्थायी अध्यक्ष चुना और वे सभा का काम पूरा होने तक इस पद पर रहे। 24 जनवरी 1950 को अपनी अंतिम बैठक में सभा ने उन्हें भारत का पहला राष्ट्रपति भी चुना।

बाकी नेताओं की भूमिकाएं अलग थीं। जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और संघ शक्ति, संघ संविधान तथा राज्य समितियों की अध्यक्षता की। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकारों तथा अल्पसंख्यकों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। महात्मा गांधी संविधान सभा के सदस्य ही नहीं थे। परीक्षाओं में "अस्थायी" और "स्थायी" शब्दों को जोड़कर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए क्रम याद रखें: पहले सिन्हा, फिर दो दिन बाद प्रसाद।

Q158.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसने की?

  1. A.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  2. B.डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.जी.वी. मावलंकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा है। 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया। यह फ्रांस की उस परंपरा के अनुसार था, जिसमें नियमित अध्यक्ष चुने जाने तक सबसे वरिष्ठ सदस्य अध्यक्षता करता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद यहां सबसे आम जाल हैं: वे पहली बैठक के दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे, इसलिए पहली बैठक की अध्यक्षता उन्होंने नहीं की। जवाहरलाल नेहरू की सभा में सबसे प्रसिद्ध भूमिका 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव पेश करना और संघ शक्ति समिति जैसी समितियों की अध्यक्षता करना थी। जी.वी. मावलंकर तब अध्यक्षता करते थे जब सभा डोमिनियन विधायिका यानी देश की पहली संसद के रूप में बैठती थी, संविधान निर्माण के लिए नहीं। तीनों भूमिकाओं को अलग रखें: अस्थायी अध्यक्ष सिन्हा, अध्यक्ष प्रसाद, और विधायी बैठकों के लिए मावलंकर।

Q159.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 अक्टूबर 2021, शिफ्ट 1आसान

संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?

  1. A.जनवरी 1950
  2. B.अगस्त 1945
  3. C.दिसंबर 1946
  4. D.जुलाई 1948
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिसंबर 1946

व्याख्या

सही उत्तर दिसंबर 1946 है। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया और अलग पाकिस्तान की मांग पर अड़ी रही, जबकि सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में बैठक की अध्यक्षता की। दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।

बाकी विकल्प सभा के काम से पहले या बाद की तिथियां हैं। अगस्त 1945, 1946 की कैबिनेट मिशन योजना से एक साल से भी अधिक पहले का है, जिसके तहत सभा बनी। जुलाई 1948 सभा के काम के बीच का समय है, जब फरवरी 1948 में प्रारूप प्रकाशित हो चुका था। जनवरी 1950 बिल्कुल अंत है: अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई और संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। सबसे अधिक पूछी जाने वाली जोड़ी याद रखें: पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 और राजेंद्र प्रसाद का चुनाव 11 दिसंबर 1946।

Q160.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 4 मई 2023, शिफ्ट 1आसान

संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की सिफारिश पर हुआ था, जो ______ में भारत आया था।

  1. A.1962
  2. B.1959
  3. C.1952
  4. D.1946
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1946

व्याख्या

सही उत्तर 1946 है। कैबिनेट मिशन 1946 में सत्ता हस्तांतरण का रास्ता तय करने के लिए भारत आया था, और उसकी योजना में संविधान सभा के गठन का तरीका बताया गया: कुल 389 सीटें, जिनमें 296 ब्रिटिश भारत के लिए और 93 देसी रियासतों के लिए थीं, और प्रांतों के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होना था। ब्रिटिश भारत की सीटों के चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए और सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।

बाकी वर्ष सही नहीं हो सकते। संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हो गया था, इसलिए 1952, 1959 या 1962 में बनी सभा के पास लिखने को कुछ बचा ही नहीं होता। इस तिथि को याद रखने का आसान तरीका है इसे उसी वर्ष की दो और घटनाओं से जोड़ना: जुलाई-अगस्त 1946 के चुनाव और दिसंबर 1946 की पहली बैठक।

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