भारतीय नौसेना 3 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय संवाद कराएगी, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के 18 देशों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास आईबीएसएएमएआर का नौवाँ संस्करण दस दिन की बंदरगाह तथा समुद्री गतिविधियों के बाद दक्षिण अफ्रीका के साइमन्स टाउन में संपन्न हुआ।
सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास का 33वां संस्करण 21 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में शुरू हुआ, जो 26 अक्टूबर तक चलेगा और समुद्री चरण बंगाल की खाड़ी में होगा।
भारतीय नौसेना की एनआईआईओ संगोष्ठी स्वावलंबन का पांचवां संस्करण 26 और 27 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में होगा, जहां तीन दस्तावेज जारी होंगे।
भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 14 से 17 अक्टूबर 2026 की यात्रा के बाद ओमान के सलालाह से रवाना हुआ और लोकायन-2026 आगे बढ़ा।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कर्नाटक के कारवार में एलएंडटी निर्मित आईएनएस समर्थक को भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत के रूप में शामिल किया।
भारतीय नौसेना लार्सन एंड टूब्रो द्वारा बनाए गए चार बहुउद्देश्यीय पोतों में से पहले पोत समर्थक को 16 अक्टूबर 2026 को कारवार नौसैनिक अड्डे पर शामिल करेगी।
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्री रूसी नौसेना के साथ 13 से 18 अक्तूबर तक होने वाले द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र 2026 के लिए रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंच गया है।
भारतीय नौसेना का स्टील्थ युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल ब्रिटेन के प्लायमाउथ पहुंचा, जहां वह रॉयल नेवी के साथ वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास कोंकण-26 में भाग लेगा।
जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने कारवार नौसेना अड्डे पर प्रोजेक्ट सीबर्ड चरण 2ए के आवास और ट्रंक अवसंरचना का उद्घाटन किया, जिसमें 60-60 आवास इकाइयों के दो टावर हैं।
भारतीय नौसेना के पहले फ्लीट सपोर्ट शिप एफएसएस-1 को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम में लॉन्च किया गया, इसमें 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है।