भारत के संविधान में मौलिक कर्तव्यों की अवधारणा किससे ली गई थी?
- A.सोवियत संघ
- B.संयुक्त राज्य अमेरिका
- C.जर्मनी
- D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सोवियत संघ
व्याख्या
सही उत्तर सोवियत संघ है। नागरिकों के कर्तव्यों को संविधान में लिखने का विचार पूर्व सोवियत संघ के संविधान से लिया गया, जिसमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों की सूची थी। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे अधिकांश लोकतांत्रिक संविधानों में ऐसी कोई सूची नहीं है, इसीलिए सोवियत स्रोत याद रखने लायक है। प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय का आदर्श भी सोवियत संघ से ही आया है।
बाकी देशों से भारत ने दूसरी विशेषताएं लीं। अमेरिका से मौलिक अधिकार (उसके अधिकार पत्र से प्रेरित), न्यायिक पुनरावलोकन, राष्ट्रपति पर महाभियोग और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया ली गई। जर्मनी के वाइमर संविधान से आपातकाल में मौलिक अधिकारों का निलंबन लिया गया। ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता, और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ली गई। याद रखने की आसान जोड़ी: अधिकार अमेरिका से, कर्तव्य सोवियत संघ से।