भारतीय संविधान की प्रस्तावना को 'भारतीय संविधान की राजनीतिक कुंडली' किसने कहा था?
- A.ठाकुरदास भार्गव
- B.कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
- C.एन.ए. पालकीवाला
- D.भीमराव रामजी अंबेडकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
व्याख्या
सही उत्तर है B, कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी। के.एम. मुंशी ने प्रस्तावना को 'भारतीय संविधान की राजनीतिक कुंडली' कहा, क्योंकि यह बताती है कि भारत किस तरह का राज्य बनाना चाहता था। मुंशी संविधान सभा के सदस्य थे और सात सदस्यों वाली प्रारूप समिति में भी थे। सभा में अच्छे वाक्य गढ़ने वालों में उनका नाम आता है। प्रस्तावना स्वयं भारत को संप्रभु समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित करती है और हर नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा बंधुता का वचन देती है। केशवानंद भारती मामले (1973) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि प्रस्तावना संविधान का भाग है और उसके प्रावधानों को समझने में मार्ग दिखाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ठाकुरदास भार्गव ने प्रस्तावना को संविधान की आत्मा और रत्न कहा था। विकल्प C गलत है, क्योंकि एन.ए. पालकीवाला ने इसे 'संविधान का परिचय पत्र' कहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, पर यह वाक्य उनका नहीं है। परीक्षा टिप: मुंशी - राजनीतिक कुंडली; पालकीवाला - परिचय पत्र; भार्गव - संविधान की आत्मा।