Q401.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 26 May 2022, Shift 3आसान
- A.हैदराबाद
- B.रामपुर
- C.अवध
- D.जौनपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अवध
व्याख्या
सही उत्तर है C, अवध। उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य कथक उन्नीसवीं शताब्दी में अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के संरक्षण में अपने स्वर्ण युग में पहुँचा, जिन्होंने लखनऊ से शासन किया और 1856 में अंग्रेजों ने उनका राज्य हड़प लिया। वे स्वयं नर्तक और रचनाकार थे, अख्तरपिया उपनाम से लिखते थे, रहस नामक नृत्य नाटिका रची और ठाकुर प्रसाद तथा बिंदादीन और कालका प्रसाद भाइयों को संरक्षण दिया, जिनके परिवार ने लखनऊ घराना खड़ा किया; इस घराने में लालित्य, भाव और ठुमरी पर जोर है। कथक के अन्य घराने जयपुर, बनारस और रायगढ़ हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैदराबाद पर आसफ जाही वंश के निजाम शासन करते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामपुर अलग रुहेला राज्य था, जो संगीत के रामपुर-सहसवान घराने के लिए जाना जाता है, कथक के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि जौनपुर पंद्रहवीं शताब्दी की शर्की सल्तनत था। परीक्षा टिप: वाजिद अली शाह के साथ अवध, कथक का लखनऊ घराना और ठुमरी याद रखें।
Q402.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 1मध्यम
- A.विहार
- B.वेण्णा
- C.रंकाला
- D.लोनार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लोनार
व्याख्या
सही उत्तर है D, लोनार। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की लोनार झील नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के सूर सरोवर के साथ रामसर स्थलों की सूची में जोड़ी गई। यह झील उस गड्ढे में भरी है जो लगभग पचास हजार वर्ष पहले उल्कापिंड के दक्कन की बेसाल्ट चट्टान से टकराने पर बना था, इसलिए यह भारत में बेसाल्ट में बना एकमात्र ऐसा क्रेटर है; इसका पानी एक साथ खारा और क्षारीय होने के कारण असामान्य है और इसमें दुर्लभ सूक्ष्मजीव पलते हैं। आर्द्रभूमि पर रामसर अभिसमय 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुआ था और भारत 1982 में इसका पक्षकार बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि विहार मुंबई को पानी देने वाला जलाशय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वेण्णा महाबलेश्वर की मानव-निर्मित झील है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रंकाला कोल्हापुर शहर के भीतर की झील है, और इनमें से किसी को रामसर दर्जा नहीं मिला है। परीक्षा टिप: नांदुर मध्मेश्वर महाराष्ट्र का पहला रामसर स्थल था, उसके बाद लोनार और ठाणे क्रीक आए।
Q403.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 1आसान
- A.पानीपत का तृतीय युद्ध
- B.खानवा का युद्ध
- C.बक्सर का युद्ध
- D.तराइन का प्रथम युद्ध
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पानीपत का तृतीय युद्ध
व्याख्या
सही उत्तर है A, पानीपत का तृतीय युद्ध। अहमद शाह अब्दाली, जिन्हें अहमद शाह दुर्रानी भी कहा जाता है, ने 14 जनवरी 1761 को पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठों को हराया। मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे और उनके साथ युवा विश्वासराव थे, जबकि अब्दाली के साथ रुहेलों के नजीब-उद-दौला और अवध के शुजा-उद-दौला थे। इस युद्ध में मराठों की पूरी एक पीढ़ी के सेनापति मारे गए और उत्तर भारत में उनके प्रभुत्व की दौड़ रुक गई, जिससे अंग्रेजों के लिए रास्ता खुल गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1527 का खानवा का युद्ध बाबर और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच हुआ था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1764 के बक्सर के युद्ध में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों ने मीर कासिम, शुजा-उद-दौला और शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1191 का तराइन का प्रथम युद्ध पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के विरुद्ध जीता था। परीक्षा टिप: पानीपत 1526 में बाबर-इब्राहिम लोदी, 1556 में अकबर-हेमू और 1761 में अब्दाली-मराठा।
Q404.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 15 March, 2023, Shift 3आसान
- A.जावा या पास्कल में से कोई एक
- B.पास्कल
- C.बेसिक
- D.जावा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जावा
व्याख्या
सही उत्तर है D, जावा। जावा ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषा है, इसलिए प्रीत के लिए यही सही चुनाव है। इसे सन माइक्रोसिस्टम्स में जेम्स गोसलिंग ने बनाया और 1995 में जारी किया; इसमें हर कोड किसी क्लास के भीतर रहता है और भाषा ऑब्जेक्ट अभिमुखता के चार स्तंभों पर खड़ी है — एनकैप्सुलेशन, इनहेरिटेंस, पॉलीमॉर्फिज्म और एब्स्ट्रैक्शन। जावा का स्रोत कोड बाइटकोड में संकलित होता है, जिसे कोई भी जावा वर्चुअल मशीन चला सकती है, इसीलिए इसे ‘एक बार लिखो, कहीं भी चलाओ’ कहा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निकलॉस विर्थ ने 1970 में पढ़ाने के लिए बनाई पास्कल एक संरचित प्रक्रियात्मक भाषा है; क्लास तो बाद की ऑब्जेक्ट पास्कल में जुड़े। विकल्प A भी इसी कारण गलत है, क्योंकि वह पास्कल को बराबर विकल्प बताता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि केमेनी और कर्ट्ज़ ने 1964 में बनाई बेसिक शुरुआती लोगों के लिए सरल प्रक्रियात्मक भाषा है। परीक्षा टिप: सी++, जावा, पायथन, सी# और स्मॉलटॉक ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड हैं, जबकि सी, पास्कल, फोरट्रान, कोबोल और बेसिक प्रक्रियात्मक हैं।
Q405.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 08 Jul, 2024, Shift 1मध्यम
- A.कुई
- B.माल्टो
- C.तुलु
- D.कोडगु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कुई
व्याख्या
सही उत्तर है A, कुई। कुई ओडिशा की कोंध (कंधा) जनजाति की भाषा है और द्रविड़ परिवार की दक्षिण-मध्य या दक्षिण-पूर्वी शाखा में तेलुगु तथा गोंडी के साथ रखी जाती है। यह मुख्य रूप से कंधमाल, रायगड़ा, कालाहांडी, कोरापुट और बौध जिलों में बोली जाती है, ओड़िया लिपि में लिखी जाती है, और इसमें मौखिक गीतों तथा लोककथाओं का बड़ा भंडार है। ओडिशा मंत्रिमंडल ने जुलाई 2023 में कुई को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश का प्रस्ताव मंजूर किया; इस अनुसूची में 1950 में चौदह भाषाएँ थीं और अब बाईस हैं, जिनमें ओड़िया भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि माल्टो झारखंड और पश्चिम बंगाल की राजमहल पहाड़ियों की उत्तरी द्रविड़ भाषा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि तुलु तटीय कर्नाटक और केरल के कासरगोड की भाषा है और कर्नाटक उसके लिए अलग माँग रखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कोडगु कर्नाटक के कोडगु जिले में बोली जाती है। परीक्षा टिप: ब्राहुई, कुरुख और माल्टो उत्तरी द्रविड़ हैं; कुई और गोंडी तेलुगु के साथ आती हैं।
Q406.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 02 Nov, 2023, Shift 1मध्यम
- A.सर्किट-लेवल गेटवे
- B.एप्लीकेशन-लेवल गेटवे
- C.पैकेट फ़िल्टरिंग
- D.नेटवर्क फ़िल्टरिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पैकेट फ़िल्टरिंग
व्याख्या
सही उत्तर है C, पैकेट फ़िल्टरिंग। पैकेट फ़िल्टरिंग फायरवॉल नेटवर्क लेयर पर, यानी OSI मॉडल की तीसरी परत पर काम करता है। यह आने और जाने वाले हर पैकेट का हेडर पढ़ता है और स्रोत तथा गंतव्य आईपी पता, पोर्ट संख्या और प्रोटोकॉल को नियमों की सूची से मिलाता है, फिर पैकेट को जाने देता है या गिरा देता है। यह सबसे पुराना और सबसे तेज फायरवॉल है और कम मेमोरी लेता है, लेकिन यह स्टेटलेस है: हर पैकेट को अलग से देखता है और डेटा के भीतर नहीं झाँक सकता, इसलिए पेलोड में छिपे हमले पकड़ में नहीं आते। विकल्प A गलत है, क्योंकि सर्किट-लेवल गेटवे सेशन लेयर पर काम करता है और केवल यह देखता है कि टीसीपी हैंडशेक वैध है या नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि एप्लीकेशन-लेवल गेटवे यानी प्रॉक्सी फायरवॉल एप्लीकेशन लेयर पर काम करता है और HTTP तथा FTP जैसे प्रोटोकॉल समझता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नेटवर्क फ़िल्टरिंग नाम का कोई मान्य फायरवॉल प्रकार नहीं है। परीक्षा टिप: पैकेट फ़िल्टर नेटवर्क लेयर पर, सर्किट-लेवल सेशन लेयर पर और प्रॉक्सी एप्लीकेशन लेयर पर।
Q407.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 4मध्यम
- A.रामपाल
- B.गोविंदपाल
- C.महिपाल प्रथम
- D.धर्मपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धर्मपाल
व्याख्या
सही उत्तर है D, धर्मपाल। बंगाल और बिहार के पाल वंश के दूसरे और सबसे प्रतापी शासक धर्मपाल ने आठवीं शताब्दी के अंत में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज के बिहार के भागलपुर जिले में था। उन्होंने ओदंतपुरी का विहार भी बनवाया और पालों के समय ये नालंदा के बाद बौद्ध शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र बने। विक्रमशिला तांत्रिक बौद्ध धर्म के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध था और इसके सबसे जाने-माने आचार्य अतीश दीपंकर श्रीज्ञान थे, जो बौद्ध धर्म को तिब्बत ले गए। लगभग 1193 में बख्तियार खिलजी के आक्रमणों में यह विश्वविद्यालय नष्ट हो गया। धर्मपाल ने कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लिया और चक्रायुध को वहाँ गद्दी पर बैठाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि महिपाल प्रथम ने केवल पाल शक्ति फिर जगाई और विहारों की मरम्मत कराई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामपाल बहुत बाद के पाल शासक थे, जिन पर संध्याकर नंदी ने रामचरितम् लिखा। विकल्प B गलत है, क्योंकि गोविंदपाल इस वंश के अंतिम शासक थे। परीक्षा टिप: नालंदा कुमारगुप्त प्रथम से और ओदंतपुरी तथा विक्रमशिला धर्मपाल से जुड़े हैं।
Q408.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 3मध्यम
- A.4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
- B.3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
- C.5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
- D.6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो।
व्याख्या
सही उत्तर है D, 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष तक या पैंसठ वर्ष की आयु होने तक, जो भी पहले आए, पद पर रहते हैं; अन्य निर्वाचन आयुक्तों की भी यही शर्तें हैं। संविधान स्वयं कार्यकाल तय नहीं करता — अनुच्छेद 324 सेवा-शर्तें संसद के कानून पर छोड़ता है और वही कानून ये सीमाएँ तय करता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर वेतन मिलता है और उन्हें उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिससे उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को केवल उनकी सिफारिश पर हटाया जा सकता है; यही आयोग की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। विकल्प A, B और C गलत हैं, क्योंकि चार, तीन या पाँच वर्ष इस पद का निर्धारित कार्यकाल नहीं है। परीक्षा टिप: छह वर्ष या पैंसठ वर्ष की सीमा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक तथा संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पर भी लागू होती है।
Q409.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 3आसान
- A.अकबर
- B.शाहजहाँ
- C.औरंगजेब
- D.जहाँगीर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अकबर
व्याख्या
सही उत्तर है A, अकबर। अकबर ने सोलहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में साम्राज्य के हर अधिकारी का श्रेणीकरण करने के लिए मनसबदारी व्यवस्था शुरू की। मनसब का अर्थ पद या श्रेणी है, और हर मनसबदार के दो अंक होते थे: जात, जो उसका व्यक्तिगत दर्जा और वेतन तय करता था, और सवार, यानी उसे कितने सशस्त्र घुड़सवार तैयार रखने थे। श्रेणियाँ दस से पाँच हजार तक थीं और इससे ऊँची श्रेणियाँ शाही परिवार के राजकुमारों के लिए रखी गई थीं। अकबर ने घोड़ों पर सरकारी छाप लगाने की दाग प्रथा और हर सिपाही का हुलिया लिखने की चेहरा प्रथा भी चलाई, जिससे अधिकारी गिनती के समय उधार के सिपाही न दिखा सकें। विकल्प D गलत है, क्योंकि जहाँगीर ने केवल दु-अस्पा सिह-अस्पा व्यवस्था जोड़ी, जिससे जात बढ़ाए बिना घुड़सवार बढ़ जाते थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि शाहजहाँ ने वेतन ठीक करने के लिए माहवार (महाना) पैमाना चलाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने इसे जैसा पाया वैसा ही चलने दिया। परीक्षा टिप: अकबर से मनसबदारी श्रेणियाँ और टोडरमल की दहसाला बंदोबस्त व्यवस्था जुड़ी है।
Q410.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 3 Jul 2019, Shift 1आसान
- A.पेमेंट ऐज़ ए सर्विस
- B.प्लेटफॉर्म ऐज़ ए सर्विस
- C.परफॉर्मेंस ऐज़ ए सर्विस
- D.प्रोटोकॉल ऐज़ ए सर्विस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्लेटफॉर्म ऐज़ ए सर्विस
व्याख्या
सही उत्तर है B, प्लेटफॉर्म ऐज़ ए सर्विस। क्लाउड कंप्यूटिंग तीन सेवा मॉडल में दी जाती है और PaaS उनमें बीच का मॉडल है। PaaS देने वाली कंपनी डेवलपर को तैयार प्लेटफॉर्म देती है — ऑपरेटिंग सिस्टम, रनटाइम, डेटाबेस, लाइब्रेरी और बनाने के औजार — जिससे कोई एप्लिकेशन बनाने और चलाने के लिए हार्डवेयर खरीदना या ऑपरेटिंग सिस्टम सँभालना नहीं पड़ता। गूगल ऐप इंजन, माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर ऐप सर्विस, रेड हैट ओपनशिफ्ट और हेरोकू इसके उदाहरण हैं। इससे नीचे IaaS केवल कंप्यूटिंग शक्ति और भंडारण देता है, जैसे अमेज़न EC2, और सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता खुद डालता है। इससे ऊपर SaaS ब्राउज़र पर तैयार सॉफ्टवेयर देता है, जैसे जीमेल या गूगल डॉक्स। तैनाती के मुख्य मॉडल सार्वजनिक, निजी और हाइब्रिड क्लाउड हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि पेमेंट, परफॉर्मेंस या प्रोटोकॉल ऐज़ ए सर्विस नाम का कोई क्लाउड सेवा मॉडल नहीं है। परीक्षा टिप: IaaS मशीन देता है, PaaS प्लेटफॉर्म और SaaS तैयार सॉफ्टवेयर।
Q411.स्टैटिक GKपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम
- A.राजेंद्र प्रसाद
- B.श्रीकृष्ण सिंह
- C.कर्पूरी ठाकुर
- D.लाला लाजपत राय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्रीकृष्ण सिंह
व्याख्या
सही उत्तर है B, श्रीकृष्ण सिंह। श्रीकृष्ण सिंह, जिन्हें प्यार से श्री बाबू कहा जाता था, बिहार केसरी यानी बिहार का शेर कहे जाते हैं। वे 1937 के प्रांतीय चुनाव के बाद बिहार के पहले प्रीमियर बने और स्वतंत्रता के बाद राज्य के पहले मुख्यमंत्री रहे, जो 1961 तक इस पद पर रहे। उन्होंने अवैध वसूली के विरुद्ध बरहिया ताल सत्याग्रह का नेतृत्व किया, नमक सत्याग्रह में भाग लिया और 1950 में बिहार को जमींदारी प्रथा समाप्त करने वाला देश का पहला राज्य बनाया। उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के साथ देवघर मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए भी काम किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को देश रत्न और बिहार विभूति कहा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर जननायक कहे जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लाला लाजपत राय पंजाब केसरी और शेर-ए-पंजाब थे। परीक्षा टिप: पंजाब केसरी लाजपत राय, बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह और आंध्र केसरी टी. प्रकाशम।
Q412.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 3आसान
- A.एक्सेस (Access)
- B.अराउंड (Around)
- C.एक्सेसिबल (Accessible)
- D.अरिथमेटिक (Arithmetic)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक्सेस (Access)
व्याख्या
सही उत्तर है A, एक्सेस (Access)। DASD का पूरा रूप डायरेक्ट एक्सेस स्टोरेज डिवाइस है। यह ऐसा भंडारण उपकरण है जिसमें पढ़ने-लिखने वाला हेड सीधे उस जगह पहुँच जाता है जहाँ रिकॉर्ड रखा है, इसलिए किसी फाइल तक पहुँचने के लिए उससे पहले संचित सारी सामग्री से गुजरना नहीं पड़ता। हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, सीडी, डीवीडी और ड्रम प्रत्यक्ष अभिगम उपकरण हैं, और यह शब्द आईबीएम ने अपने मेनफ्रेम की डिस्क इकाइयों के लिए गढ़ा था। इसका उल्टा SASD यानी सीक्वेंशियल एक्सेस स्टोरेज डिवाइस है, जैसे चुंबकीय टेप, जिसमें हर पुराने रिकॉर्ड से आगे बढ़ना पड़ता है। प्रत्यक्ष अभिगम के कारण ही कोई भी रिकॉर्ड सीधे पढ़ा और बदला जा सकता है, इसीलिए डेटाबेस डिस्क पर रहते हैं, टेप पर नहीं। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि अराउंड, एक्सेसिबल और अरिथमेटिक इस पूर्ण रूप में नहीं आते; अरिथमेटिक तो सीपीयू की ALU इकाई से जुड़ा है। परीक्षा टिप: DASD का अर्थ डिस्क और सीधा अभिगम, SASD का अर्थ टेप और क्रमिक अभिगम।
Q413.भूगोलपूछा गया: SSC CHSL · 18 March 2020, Shift 2आसान
- A.चना
- B.कपास
- C.मटर
- D.गेहूँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कपास
व्याख्या
सही उत्तर है B, कपास। कपास खरीफ फसल है: इसकी बुवाई जून-जुलाई में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली बारिश के साथ होती है और चुनाई सितंबर से शुरू होती है, क्योंकि इसे ऊँचा तापमान, हल्की वर्षा और पाले से मुक्त लंबा समय चाहिए। खरीफ फसलें मानसूनी फसलें हैं, जिनमें धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, अरहर, मूँग, उड़द, मूँगफली, सोयाबीन और जूट शामिल हैं; खरीफ शब्द अरबी में पतझड़ के लिए है। गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना कपास के प्रमुख राज्य हैं और यह दक्कन की काली रेगुर मिट्टी में सबसे अच्छी होती है। विकल्प A और C गलत हैं, क्योंकि चना और मटर रबी की दालें हैं, जिनकी बुवाई अक्तूबर से दिसंबर और कटाई मार्च-अप्रैल में होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि गेहूँ मुख्य रबी अनाज है, जिसे बढ़ने के लिए ठंडा और पकने के लिए गर्म मौसम चाहिए। परीक्षा टिप: कपास, धान और जूट खरीफ हैं; गेहूँ, चना, मटर और सरसों रबी हैं।
Q414.भूगोलपूछा गया: SSC CHSL · 15 March, 2023, Shift 4आसान
- A.अवसादी चट्टानें
- B.बहिर्भेदी आग्नेय चट्टानें
- C.कायांतरित चट्टानें
- D.अंतर्भेदी आग्नेय चट्टानें
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अवसादी चट्टानें
व्याख्या
सही उत्तर है A, अवसादी चट्टानें। जीवाश्म केवल अवसादी चट्टानों में सुरक्षित रहते हैं, क्योंकि ये जल में या धरातल पर जमा होने वाले अवसाद की परत दर परत बनती हैं। जब कोई पौधा या जीव मरकर इन परतों में दब जाता है, तो अवसाद उसके चारों ओर कठोर हो जाता है और उसका आकार या कठोर भाग जीवाश्म के रूप में बचा रहता है। बालुकाश्म, शेल, चूना पत्थर और कोयला अवसादी हैं; इनकी परतों को स्तर (स्ट्रेटा) कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बेसाल्ट जैसी बहिर्भेदी आग्नेय चट्टान धरातल पर लावा के ठंडा होने से बनती है और उस ताप में कोई अवशेष नहीं बचता। विकल्प D भी इसी कारण गलत है: ग्रेनाइट जैसी अंतर्भेदी चट्टान भूपर्पटी के भीतर मैग्मा से जमती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कायांतरित चट्टानें अत्यधिक ताप और दबाव से बदली पुरानी चट्टानें हैं, जिससे पहले के जीवाश्म मिट जाते हैं। परीक्षा टिप: जीवाश्म केवल अवसादी चट्टानों में मिलते हैं, इसीलिए कोयले की परतों में पौधों की छाप दिखती है।
Q415.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 04 Aug, 2023, Shift 1मध्यम
- A.गुजरात
- B.सिक्किम
- C.कर्नाटक
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. झारखंड
व्याख्या
सही उत्तर है D, झारखंड। टुसू परब झारखंड का फसल कटाई का त्योहार है, जो जनवरी के मध्य में मकर संक्रांति पर मनाया जाता है, जब जाड़े की धान की फसल घर आ जाती है। कुरमी, संथाल और अन्य समुदायों की कुँवारी लड़कियाँ बाँस और कागज से सजा हुआ ढाँचा बनाती हैं, जिसे चौड़ल कहते हैं; टुसू की प्रतिमा को टुसू गीत गाते हुए जुलूस में ले जाया जाता है और अंत में नदी या तालाब में विसर्जित किया जाता है। स्वर्णरेखा और दामोदर के किनारे मेले लगते हैं, और यही त्योहार पड़ोसी पुरुलिया क्षेत्र में भी मनाया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुजरात इसी मौसम को पतंग के त्योहार उत्तरायण के रूप में मनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सिक्किम में लेपचा और भूटिया दिसंबर में नामसूंग और लोसूंग मनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्नाटक फसल को सुग्गी हब्बा और एल्लु बेल्ला वाली मकर संक्रांति के रूप में मनाता है। परीक्षा टिप: टुसू और सरहुल झारखंड के, बिहू असम का और वांगला मेघालय का त्योहार है।
Q416.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March, 2023, Shift 4मध्यम
- A.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
- B.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
- C.राष्ट्रीय महिला आयोग
- D.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
व्याख्या
सही उत्तर है D, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पुराने संयुक्त आयोग को दो अलग आयोगों में बाँट दिया। अनुच्छेद 338 के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग रहा और नया अनुच्छेद 338A जोड़कर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया गया, जिसने 19 फरवरी 2004 से काम शुरू किया। दोनों आयोगों में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं और दोनों अपनी रिपोर्ट संसद के सामने रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 से बना वैधानिक निकाय है, संवैधानिक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338B जुड़ने पर संवैधानिक बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग 1990 के अधिनियम पर आधारित वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 338 अनुसूचित जाति, 338A अनुसूचित जनजाति, 338B पिछड़ा वर्ग।
Q417.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 20 March 2018, Shift 3मध्यम
- A.मोहनजोदड़ो
- B.हड़प्पा
- C.चन्हूदड़ो
- D.लोथल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लोथल
व्याख्या
सही उत्तर है D, लोथल। लोथल की खुदाई में ऐसी कब्रें मिलीं जिनमें एक पुरुष और एक स्त्री को एक ही गड्ढे में साथ दफनाया गया था, इसे पुरातत्वविद युगल या दोहरी समाधि कहते हैं। लोथल गुजरात के भाल क्षेत्र में साबरमती की सहायक भोगावा नदी पर है और इसकी खुदाई एस. आर. राव ने 1955 से की। यह अपने गोदीबाड़े (डॉकयार्ड) के लिए सबसे प्रसिद्ध है, जो दुनिया का ज्ञात सबसे पुराना ज्वारीय बंदरगाह है; यहाँ मनका बनाने का कारखाना, अन्नागार और अग्निवेदी भी मिली। विकल्प A गलत है, क्योंकि सिंध का मोहनजोदड़ो विशाल स्नानागार, विशाल अन्नागार और काँसे की नर्तकी के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि रावी तट के हड़प्पा से कब्रिस्तान R-37 और श्रमिक आवास मिले, युगल कब्रें नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि मोहनजोदड़ो के दक्षिण में चन्हूदड़ो मनका उद्योग का नगर था और यहाँ दुर्ग नहीं मिला। परीक्षा टिप: लोथल का अर्थ गोदीबाड़ा और युगल समाधि, कालीबंगा का अर्थ जुते हुए खेत।
Q418.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 2आसान
- A.1947
- B.1965
- C.1955
- D.1950
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1955
व्याख्या
सही उत्तर C, 1955 है। अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति ने पाया कि ग्रामीण ऋण के लिए देशव्यापी शाखा तंत्र वाला बैंक आवश्यक है, अतः संसद ने भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 पारित किया और 1 जुलाई 1955 से इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को अधिग्रहीत कर उसका नाम भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। इंपीरियल बैंक स्वयं 1921 में बंगाल, बॉम्बे और मद्रास के प्रेसिडेंसी बैंकों को मिलाकर बना था।
विकल्प A, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है और इस प्रकार के किसी बैंकिंग अधिनियम का नहीं। विकल्प B, 1965, बहुत बाद का है; तब तक 1959 के अधिनियम के अंतर्गत स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक भी बन चुके थे। विकल्प D, 1950, संविधान लागू होने का वर्ष है और अभ्यर्थी इसी संबंध से इसे चुन लेते हैं। यह भी ध्यान रखें कि 1949 रिजर्व बैंक के राष्ट्रीयकरण का वर्ष है, जो स्टेट बैंक की स्थापना से भिन्न घटना है।
Q419.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CPO · 23 November 2020, Shift 2आसान
- A.उत्तराखंड
- B.छत्तीसगढ़
- C.त्रिपुरा
- D.ओडिशा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ओडिशा
व्याख्या
सही उत्तर D, ओडिशा है। उदयगिरि और खंडगिरि की जुड़वाँ पहाड़ियाँ भुवनेश्वर के निकट हैं और इनमें पहली शताब्दी ईसा पूर्व में जैन मुनियों के लिए काटी गई शैलकृत कोठरियाँ हैं। उदयगिरि की हाथीगुम्फा में कलिंग के चेदि राजा खारवेल का अभिलेख है, जो उसके शासन का मुख्य स्रोत है, और रानी गुम्फा इन कोठरियों में सबसे बड़ी तथा सर्वाधिक अलंकृत है।
विकल्प A, उत्तराखंड, में कालसी का शिलालेख और पर्वतीय मंदिर हैं, पर ऐसा गुफा समूह नहीं। विकल्प B, छत्तीसगढ़, रामगढ़ पहाड़ियों की सीताबेंगा और जोगीमारा गुफाओं से जुड़ा है, जो भिन्न स्थल हैं। विकल्प C, त्रिपुरा, उनकोटि की शैल उत्कीर्ण मूर्तियों के लिए जाना जाता है। अभ्यर्थी ओडिशा के उदयगिरि को मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित उदयगिरि से भ्रमित करते हैं, जो वराह पैनल वाली गुप्तकालीन वैष्णव गुफाएँ हैं।
Q420.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 12 Sept, 2025, Shift 1मध्यम
- A.ये मुख्यतः बड़े स्तूपों वाली बौद्ध गुफाएँ हैं।
- B.इन गुफाओं का केंद्र शैव विषय हैं और इनमें प्रकाश-छाया द्वारा मूर्तिकला की गहराई दिखती है।
- C.इनमें स्तंभयुक्त हालों में जैन और वैष्णव चित्रण का मिश्रण है।
- D.ये गुफाएँ पूर्णतः मौर्यकालीन एकाश्म संरचनाएँ हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इन गुफाओं का केंद्र शैव विषय हैं और इनमें प्रकाश-छाया द्वारा मूर्तिकला की गहराई दिखती है।
व्याख्या
सही उत्तर B है। मुंबई के निकट घारापुरी द्वीप पर स्थित एलीफेंटा शैव शैलकृत समूह है, जिसके पैनल शिव कथाएँ कहते हैं — त्रिमूर्ति सदाशिव, अर्धनारीश्वर, गंगाधर, शिव-पार्वती विवाह और नटराज। शिल्पियों ने आकृतियों को चट्टान में गहरा काटा, जिससे गुफा का बदलता प्रकाश उन्हें छाया में उभारता है; इसी कारण यह स्थल मूर्तिकला की गहराई के लिए स्मरण किया जाता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि एलीफेंटा में कोई स्तूप नहीं है और यह बौद्ध स्थल नहीं है; इस क्षेत्र के बौद्ध शैलकृत स्थल कन्हेरी, भाजा, कार्ले और अजंता हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ जैन या वैष्णव प्रतिमाएँ प्रमुख नहीं हैं, जैसी उदयगिरि की जैन गुफाओं या एलोरा समूह में हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि यह पहाड़ी में काटा गया गुफा समूह है, एकाश्म नहीं, और इसका समय लगभग छठी शताब्दी ईस्वी है, मौर्यकाल से बहुत बाद का।