ब्रिटिश भारत में वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम किस वर्ष में लागू किया गया था?
- A.1876
- B.1874
- C.1872
- D.1878
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1878
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1878। वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम 1878 में पारित हुआ था, जब लॉर्ड लिटन भारत के वायसराय थे।
यह अधिनियम भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों के विरुद्ध लाया गया था, जो 1876-78 के अकाल के बाद ब्रिटिश शासन की तीखी आलोचना करने लगे थे। इसके तहत मजिस्ट्रेट मुद्रक या प्रकाशक से बंधपत्र मांग सकता था और राजद्रोही सामग्री छपने पर प्रेस जब्त कर सकता था। अंग्रेजी अखबारों को इससे बाहर रखा गया, इसलिए इसे 'मुख बंद करने वाला कानून' कहा गया। सुरेंद्रनाथ बनर्जी सहित कई नेताओं ने इसका विरोध किया और अमृत बाजार पत्रिका रातोंरात बंगला से अंग्रेजी में छपने लगी। लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे रद्द कर दिया।
A गलत है: 1876 में रॉयल टाइटल्स अधिनियम आया, जिससे महारानी विक्टोरिया भारत की सम्राज्ञी बनीं। B गलत है: 1874 में कोई प्रेस कानून नहीं बना। C गलत है: 1872 में पहली अखिल भारतीय जनगणना हुई थी।
परीक्षा टिप: वर्नाक्युलर प्रेस अधिनियम - 1878 में लिटन ने लागू किया, 1882 में रिपन ने रद्द किया।