'ज़ेरिस्केपिंग' की अवधारणा किससे संबंधित है?
- A.जल बचाने से संबंधित भू-दृश्य निर्माण (लैंडस्केपिंग)
- B.मृदा अपरदन रोकने से संबंधित भू-दृश्य निर्माण
- C.चट्टानों की सतह का अपक्षय
- D.उपर्युक्त सभी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, जल बचाने से संबंधित भू-दृश्य निर्माण। ज़ेरिस्केपिंग बगीचों और भू-दृश्यों को इस तरह बनाने का तरीका है कि उन्हें बहुत कम या बिल्कुल सिंचाई न चाहिए।
यह शब्द यूनानी 'ज़ेरोस' यानी सूखा और 'लैंडस्केपिंग' से बना है। इसे 1981 में अमेरिका के कोलोराडो में सूखे के समय डेनवर वॉटर विभाग ने गढ़ा था। ज़ेरिस्केप वाले बगीचे में कैक्टस, गूदेदार पौधे और कठोर घास जैसे सूखा सहने वाले स्थानीय पौधे लगाए जाते हैं, पौधों को उनकी पानी की ज़रूरत के अनुसार समूहों में रखा जाता है, अधिक पानी पीने वाले लॉन घटाए जाते हैं, मिट्टी को नमी रोकने लायक बनाया जाता है और वाष्पीकरण घटाने के लिए उस पर पलवार (मल्च) बिछाई जाती है। जहाँ सिंचाई ज़रूरी हो, वहाँ टपक सिंचाई अपनाई जाती है।
विकल्प B गलत है, क्योंकि मृदा अपरदन सीढ़ीदार खेती, समोच्च बंधन, आवरण फसलों और रक्षक पट्टियों से रोका जाता है, ज़ेरिस्केपिंग से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि चट्टानों की सतह का टूटना अपक्षय है, जो बगीचे की रचना से असंबंधित प्राकृतिक प्रक्रिया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल पहला कथन ज़ेरिस्केपिंग का वर्णन करता है।
Exam tip: ज़ेरोस = सूखा; ज़ेरोफ़ाइट मरुस्थलीय पौधे हैं और ज़ेरिस्केपिंग जल बचाने वाला भू-दृश्य निर्माण।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?
- A.कोलंबिया
- B.वेनेज़ुएला
- C.ब्राज़ील
- D.गुयाना
उत्तर देखें
कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक जैव-नियंत्रण कारक नहीं है?
- A.बैसिलस थुरिंजिएंसिस
- B.लेडीबर्ड भृंग
- C.ट्राइकोडर्मा
- D.एफ़िड
उत्तर देखें
एफ़िड फ़सलों का रस चूसने वाला कीट है, इसलिए वह जैव-नियंत्रण का निशाना है, उसका कारक नहीं। जैव-नियंत्रण का अर्थ है रासायनिक कीटनाशकों के बजाय जीवों या उनके उत्पादों से कीटों और पौधों के रोगों को नियंत्रित करना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसे पर्यावरणीय समस्याओं के शमन (निवारण) से संबद्ध माना जा सकता है?
- A.जैव आवर्धन
- B.त्वरित सुपोषण
- C.नाभिकीय अपशिष्टों को छोड़ना
- D.विभिन्न अपशिष्टों का श्रेणीबद्ध निपटान
उत्तर देखें
कचरे को श्रेणियों में छाँटकर हर श्रेणी का सही तरीके से निपटान करने से प्रदूषण घटता है, इसलिए यह पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा नहीं करता बल्कि उन्हें सुलझाने में मदद करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के लिए नोडल एजेंसी है?
- A.पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- D.गृह मंत्रालय
उत्तर देखें
यही मंत्रालय भारत की पर्यावरण नीति की योजना, प्रोत्साहन और समन्वय करता है, इसलिए भारत की ओर से UNEP से यही जुड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल वर्षा का एक कारण है?
- A.ओज़ोन
- B.अमोनिया
- C.सल्फ़र डाइऑक्साइड
- D.कार्बन मोनोऑक्साइड
उत्तर देखें
सल्फ़र डाइऑक्साइड वर्षा जल में घुलकर सल्फ़्यूरिक अम्ल बनाती है, जो अम्ल वर्षा का मुख्य कारण है। बिजलीघरों, प्रगलकों और वाहनों में कोयला और तेल जलने से सल्फ़र डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड वायु में पहुँचते हैं।
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