वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के पहले चरण की शुरुआत 10 अप्रैल 2023 को कहां से हुई थी?
- A.नाथनपुर, कछार जिला, असम
- B.किबिथू, अंजाव जिला, अरुणाचल प्रदेश
- C.तवांग, अरुणाचल प्रदेश
- D.लेह, लद्दाख
सही उत्तर
B. किबिथू, अंजाव जिला, अरुणाचल प्रदेश
व्याख्या
सही उत्तर किबिथू, अंजाव जिला, अरुणाचल प्रदेश है। दस्तावेज के अनुसार वीवीपी-1 की शुरुआत वहीं से 10 अप्रैल 2023 को की गई थी। किबिथू को उसकी सामरिक स्थिति, इतिहास और विकास की जरूरत को देखते हुए चुना गया। यह भारत के सबसे पूर्वी बसे गांवों में गिना जाता है और 1962 के भारत-चीन युद्ध में इस इलाके में भारी लड़ाई हुई थी। ऐसी जगह से योजना शुरू करने का संदेश यह था कि विकास सबसे पहले सीमा तक पहुंचे। विकल्प A में दिया गया असम के कछार जिले का नाथनपुर गांव दूसरे चरण से जुड़ा है, जिसकी औपचारिक शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी। इसलिए वह वीवीपी-2 का स्थान है, वीवीपी-1 का नहीं। विकल्प C और विकल्प D में दी गई जगहें उन्हीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हैं जिन्हें योजना कवर करती है, पर दस्तावेज में इन्हें शुरुआत का स्थान नहीं बताया गया। दोनों स्थान साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर इन्हें आपस में बदल देते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम: सीमावर्ती गांवों को 11,639 करोड़
अभ्यास प्रश्न
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के वीवीपी-1 और वीवीपी-2 का कुल परिव्यय कितना है?
- A.4,800 करोड़ रुपये
- B.11,639 करोड़ रुपये
- C.15,000 करोड़ रुपये
- D.9,250 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 11,639 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 11,639 करोड़ रुपये है। दस्तावेज बताता है कि वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम दो चरणों में चल रहा है और दोनों का परिव्यय मिलाकर यही रकम बनती है। दोनों चरण मिलकर जमीनी सीमा के 2,616 से अधिक गांवों तक पहुंचते हैं। विकल्प A में दी गई रकम 4,800 करोड़ रुपये केवल वीवीपी-1 की है। यह पहला चरण उत्तरी सीमा को लेता है, इसकी घोषणा 2022-23 के आम बजट में हुई थी और यह 2022-23 से 2026-27 तक चलता है, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये सड़क संपर्क के लिए अलग रखे गए हैं। इसलिए विकल्प A उत्तर का एक हिस्सा भर है, पूरा उत्तर नहीं, और परीक्षा में यही जाल बनाया जाता है। विकल्प C में दी गई संख्या भारत की अंतर्राष्ट्रीय जमीनी सीमा की लंबाई से मिलती-जुलती है, किसी रकम से नहीं। विकल्प D दस्तावेज में कहीं नहीं आता। दोनों आंकड़े अलग-अलग याद रखें: पहले चरण के 4,800 करोड़ रुपये और दोनों चरणों के 11,639 करोड़ रुपये।
भारत की अंतर्राष्ट्रीय जमीनी सीमा का सबसे लंबा हिस्सा किस देश के साथ लगता है?
- A.चीन
- B.पाकिस्तान
- C.बांग्लादेश
- D.नेपाल
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सही उत्तर: C. बांग्लादेश
व्याख्या
सही उत्तर बांग्लादेश है। दस्तावेज भारत की कुल अंतर्राष्ट्रीय जमीनी सीमा 15,000 किलोमीटर से अधिक बताता है, जो सात पड़ोसी देशों से लगती है, और कहता है कि सबसे लंबा हिस्सा बांग्लादेश के साथ 4,096.7 किलोमीटर का है। चीन की सीमा 3,488 किलोमीटर के साथ दूसरे स्थान पर है, इसलिए विकल्प A गलत है। पाकिस्तान की सीमा 3,323 किलोमीटर के साथ तीसरे स्थान पर है, इसलिए विकल्प B भी गलत है। बाकी सीमा नेपाल, म्यांमार, भूटान और अफगानिस्तान के साथ लगती है, इसलिए विकल्प D भी सही नहीं है। यह क्रम परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है, इसलिए तीनों बड़े आंकड़े ठीक उसी रूप में याद रखें। यह भी समझें कि सीमा की लंबाई का इस योजना से क्या संबंध है: इसी लंबी सीमा के गांवों से पलायन हो रहा था, और वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम सड़क, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय रोजगार देकर लोगों को वहीं रोकने के लिए बनाया गया।
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम का नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- A.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- B.रक्षा मंत्रालय
- C.गृह मंत्रालय
- D.पंचायती राज मंत्रालय
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सही उत्तर: C. गृह मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर गृह मंत्रालय है। दस्तावेज इसे ही नोडल मंत्रालय बताता है, जो राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ मिलकर योजना और क्रियान्वयन में तालमेल बैठाता है। विकल्प A यानी ग्रामीण विकास मंत्रालय की भूमिका है, पर सीमित है: इस कार्यक्रम की हर मौसम में चलने वाली सड़कें उसी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पीएमजीएसवाई-4 चरण से बन रही हैं। यही आंशिक भूमिका इसे आकर्षक भ्रामक विकल्प बनाती है। विकल्प B और विकल्प D का नाम दस्तावेज में योजना के मालिक के रूप में कहीं नहीं आता। इस उत्तर के साथ दो बातें और जोड़ लें। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति सीमा की परिस्थितियों को देखते हुए योजनाओं के दिशानिर्देशों में ढील की सिफारिश कर सकती है। और दूसरा चरण, पहले चरण से अलग, पूरी तरह केंद्र पोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में सीधे गृह मंत्रालय ही लागू करता है।
पीएम विश्वकर्मा योजना किस मंत्रालय के अधीन क्रियान्वित होती है?
- A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- B.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
- C.वस्त्र मंत्रालय
- D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय है, जिसे एमएसएमई मंत्रालय कहा जाता है। इसके केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हैं और शोभा करंदलाजे राज्य मंत्री हैं। विकल्प A वह जाल है जिसमें सबसे अधिक अभ्यर्थी फंसते हैं, क्योंकि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की इसमें स्पष्ट भूमिका है, वही बुनियादी कौशल प्रशिक्षण देता है जो लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को मिल चुका है। किसी एक घटक को चलाना पूरी योजना का स्वामित्व नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के अपने कार्यक्रम चलाता है, यह योजना उसकी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रामीण आजीविका मिशन अलग मंत्रालय के अधीन हैं। यह भी याद रखें कि पश्चिम बंगाल मई 2026 में योजना से जुड़ा और वहां 3,000 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना किस तिथि को शुरू की गई थी?
- A.17 सितंबर 2023
- B.15 अगस्त 2023
- C.17 सितंबर 2022
- D.2 अक्टूबर 2023
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 17 सितंबर 2023
व्याख्या
सही उत्तर 17 सितंबर 2023 है। प्रधानमंत्री ने उसी दिन इस योजना का शुभारंभ किया था, ताकि 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता मिल सके, और इसी कारण इसकी तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को पड़ती है, जिसे कोलकाता के धोणो धान्यो सभागार में मनाया जाएगा। विकल्प C सबसे तीखा जाल है, क्योंकि उसमें दिन और महीना वही रखे गए हैं पर वर्ष पीछे कर दिया गया है, और जिस अभ्यर्थी ने केवल तिथि रटी है वह चूक जाएगा। विकल्प B गलत है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ा है, इस योजना से नहीं। योजना के पैकेज में प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता तथा विपणन सहायता शामिल हैं।