भारत की अंतर्राष्ट्रीय जमीनी सीमा का सबसे लंबा हिस्सा किस देश के साथ लगता है?
- A.चीन
- B.पाकिस्तान
- C.बांग्लादेश
- D.नेपाल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर बांग्लादेश है। दस्तावेज भारत की कुल अंतर्राष्ट्रीय जमीनी सीमा 15,000 किलोमीटर से अधिक बताता है, जो सात पड़ोसी देशों से लगती है, और कहता है कि सबसे लंबा हिस्सा बांग्लादेश के साथ 4,096.7 किलोमीटर का है। चीन की सीमा 3,488 किलोमीटर के साथ दूसरे स्थान पर है, इसलिए विकल्प A गलत है। पाकिस्तान की सीमा 3,323 किलोमीटर के साथ तीसरे स्थान पर है, इसलिए विकल्प B भी गलत है। बाकी सीमा नेपाल, म्यांमार, भूटान और अफगानिस्तान के साथ लगती है, इसलिए विकल्प D भी सही नहीं है। यह क्रम परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है, इसलिए तीनों बड़े आंकड़े ठीक उसी रूप में याद रखें। यह भी समझें कि सीमा की लंबाई का इस योजना से क्या संबंध है: इसी लंबी सीमा के गांवों से पलायन हो रहा था, और वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम सड़क, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय रोजगार देकर लोगों को वहीं रोकने के लिए बनाया गया।
पूरा लेख पढ़ें: वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम: सीमावर्ती गांवों को 11,639 करोड़
अभ्यास प्रश्न
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के वीवीपी-1 और वीवीपी-2 का कुल परिव्यय कितना है?
- A.4,800 करोड़ रुपये
- B.11,639 करोड़ रुपये
- C.15,000 करोड़ रुपये
- D.9,250 करोड़ रुपये
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दस्तावेज बताता है कि वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम दो चरणों में चल रहा है और दोनों का परिव्यय मिलाकर यही रकम बनती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के पहले चरण की शुरुआत 10 अप्रैल 2023 को कहां से हुई थी?
- A.नाथनपुर, कछार जिला, असम
- B.किबिथू, अंजाव जिला, अरुणाचल प्रदेश
- C.तवांग, अरुणाचल प्रदेश
- D.लेह, लद्दाख
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दस्तावेज के अनुसार वीवीपी-1 की शुरुआत वहीं से 10 अप्रैल 2023 को की गई थी। किबिथू को उसकी सामरिक स्थिति, इतिहास और विकास की जरूरत को देखते हुए चुना गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम का नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- A.ग्रामीण विकास मंत्रालय
- B.रक्षा मंत्रालय
- C.गृह मंत्रालय
- D.पंचायती राज मंत्रालय
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दस्तावेज इसे ही नोडल मंत्रालय बताता है, जो राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ मिलकर योजना और क्रियान्वयन में तालमेल बैठाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
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