वह स्थिति, जिसमें वास्तविक GDP का संतुलन स्तर संभावित GDP से कम रह जाता है, कहलाती है
- A.मंदी अंतराल (रिसेशनरी गैप)
- B.मुद्रास्फीतिक अंतराल
- C.माँग-पक्षीय मुद्रास्फीति
- D.आपूर्ति-पक्षीय मुद्रास्फीति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, मंदी अंतराल (रिसेशनरी गैप)। जब वास्तविक (संतुलन) GDP उस उत्पादन से कम हो जो अर्थव्यवस्था पूर्ण रोज़गार पर कर सकती है, तो इस कमी को मंदी अंतराल कहते हैं।
संभावित GDP वह उत्पादन है जो अर्थव्यवस्था अपने श्रम और पूँजी के पूर्ण उपयोग पर कर सकती है। यदि समग्र माँग कमज़ोर हो, तो संतुलन उत्पादन इस स्तर से नीचे रुक जाता है, लोगों का रोज़गार छिनता है और कारखाने क्षमता से कम चलते हैं। इस अंतराल को अवस्फीतिक अंतराल या संकुचनकारी अंतराल भी कहते हैं। सरकारें प्रायः माँग बढ़ाकर इस अंतराल को भरने के लिए विस्तारवादी नीतियाँ अपनाती हैं, जैसे अधिक सरकारी व्यय, कर में कटौती या कम ब्याज दरें।
B गलत है: मुद्रास्फीतिक अंतराल इसका उल्टा है, जब संतुलन GDP संभावित GDP से अधिक हो और कीमतें बढ़ें।
C गलत है: माँग-पक्षीय (माँग-जनित) मुद्रास्फीति अधिक माँग से कीमतों का बढ़ना है, उत्पादन की कमी नहीं।
D गलत है: आपूर्ति-पक्षीय (लागत-जनित) मुद्रास्फीति उत्पादन लागत बढ़ने से होती है, संभावित से कम उत्पादन से नहीं।
Exam tip: वास्तविक GDP संभावित से कम = मंदी (अवस्फीतिक) अंतराल; संभावित से अधिक = मुद्रास्फीतिक अंतराल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभुखमरी और महामारियों से बड़े पैमाने पर होने वाली मौतें किसकी विशेषता हैं?
- A.अकाल
- B.गरीबी
- C.गृहयुद्ध
- D.कुपोषण
उत्तर देखें
अकाल की पहचान भुखमरी और महामारियों से बड़े पैमाने पर होने वाली मौतों से होती है; महामारियां दूषित पानी, सड़े भोजन और भूख से कमज़ोर हुए शरीरों के कारण फैलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में निम्नलिखित में से किसे कृषि में सार्वजनिक निवेश माना जा सकता है?
1. सभी फसलों की कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना
2. प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कंप्यूटरीकरण
3. सामाजिक पूँजी का विकास
4. किसानों को मुफ़्त बिजली आपूर्ति
5. बैंकिंग प्रणाली द्वारा कृषि ऋणों की माफ़ी
6. सरकारों द्वारा शीत भंडारण सुविधाएँ स्थापित करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1, 2 और 5
- B.केवल 1, 3, 4 और 5
- C.केवल 2, 3 और 6
- D.1, 2, 3, 4, 5 और 6
उत्तर देखें
सार्वजनिक निवेश का अर्थ है ऐसा सरकारी खर्च जो स्थायी परिसंपत्ति या क्षमता बनाए; समर्थन मूल्य, मुफ़्त बिजली और ऋण माफ़ी सब्सिडी या हस्तांतरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार कीजिए :
I. कच्चे तेल का उत्पादन
II. पेट्रोलियम का शोधन, भंडारण और वितरण
III. पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री
IV. प्राकृतिक गैस का उत्पादन
हमारे देश में उपर्युक्त में से कितनी गतिविधियाँ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा विनियमित होती हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.चारों
उत्तर देखें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड शोधन से बिक्री तक की डाउनस्ट्रीम कड़ी को देखता है, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन को नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्तिगत प्रयोज्य आय (पर्सनल डिस्पोजेबल इनकम) के बराबर है?
- A.व्यक्तिगत आय - परिवारों द्वारा चुकाए गए प्रत्यक्ष कर और विविध शुल्क, जुर्माने आदि
- B.निजी आय - निजी निगमित क्षेत्र की बचत - निगम कर
- C.निजी आय - कर
- D.परिवारों का कुल व्यय - आयकर - प्राप्त उपहार
उत्तर देखें
सरकार को ये अनिवार्य भुगतान करने के बाद बची आय को परिवार अपनी इच्छा से खर्च या बचत कर सकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
संगठन : केंद्रीय मंत्रालय
I. राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
II. कॉयर बोर्ड : भारी उद्योग मंत्रालय
III. राष्ट्रीय व्यापार सूचना केंद्र : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.तीनों
- D.कोई भी नहीं
उत्तर देखें
हर संगठन के साथ गलत मंत्रालय जोड़ा गया है। राष्ट्रीय ऑटोमोटिव बोर्ड भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है; यह परीक्षण और प्रमाणन कार्य से वाहन क्षेत्र की सहायता करता है और उद्योग की योजनाएँ चलाने में मदद करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →