उन्होंने वायु सेना की चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किन संस्थानों में कराई?
- A.आईआईटी दिल्ली और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
- B.आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय
- C.आईआईटी मद्रास और उस्मानिया विश्वविद्यालय
- D.आईआईटी बॉम्बे और पंजाब विश्वविद्यालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय है। उनके करियर की संस्थागत पहलों में विज्ञप्ति इन्हीं दो स्थानों पर भारतीय वायु सेना की चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को विशेष रूप से रेखांकित करती है, जो रक्षा क्षेत्र में शैक्षणिक कार्य और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई थीं। तीनों गलत विकल्प प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी संस्थानों को प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ जोड़ते हैं और इसी कारण भ्रमित करते हैं, लेकिन विज्ञप्ति में कोई अन्य संस्थान नहीं है। पूरी कहानी को बिखरे तथ्यों की तरह नहीं, एक ही धारा की तरह पढ़ना सबसे उपयोगी है: 18 जून 1994 को शिक्षा शाखा में कमीशन, कपूरथला के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य के रूप में कमान, आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस, और अब वायुसेना मुख्यालय में शिक्षा का दायित्व।
पूरा लेख पढ़ें: शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला दो-सितारा अधिकारी
अभ्यास प्रश्न
भारतीय रक्षा बलों में दो-सितारा पद पाने वाली पहली महिला (गैर-चिकित्सा) अधिकारी कौन बनीं?
- A.एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा
- B.एयर मार्शल साधना सक्सेना नायर
- C.सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन
- D.एयर वाइस मार्शल पद्मा बंदोपाध्याय
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रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार वे भारतीय रक्षा बलों में चिकित्सा श्रेणी से बाहर की पहली महिला अधिकारी बनीं जिन्होंने एयर वाइस मार्शल या इसके समकक्ष पद हासिल किया, और 1 सितंबर 2026 को उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पदभार ग्रहण किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 को कौन-सा पदभार संभाला?
- A.महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (वायु)
- B.असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा)
- C.एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस
- D.प्रधानाचार्य, सैनिक स्कूल, कपूरथला
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उन्होंने यह पदभार 1 सितंबर 2026 को संभाला और इसी के साथ वे भारतीय रक्षा बलों में चिकित्सा श्रेणी से बाहर की पहली दो-सितारा महिला अधिकारी बनीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बागडोगरा में रक्षा मंत्री की इस बातचीत के दौरान वायुसेना प्रमुख के रूप में कौन उपस्थित थे?
- A.एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित
- B.एयर कमोडोर मनीष शर्मा
- C.एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह
- D.एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी
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सही उत्तर एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित है, जो वायुसेना प्रमुख के रूप में उस समय उपस्थित थे जब रक्षा मंत्री ने दीवाली की पूर्व संध्या पर वायुसेना स्टेशन बागडोगरा में भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए रक्षा मंत्री ने किन तीन क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया?
- A.डोमेन जागरूकता, साइबर लचीलापन और सूचना की विश्वसनीयता
- B.परमाणु प्रतिरोध, समुद्री निषेध और वायु श्रेष्ठता
- C.रसद, भर्ती और पूर्व सैनिक कल्याण
- D.अंतरिक्ष प्रक्षेपण, उपग्रह चित्रण और नौवहन
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बागडोगरा में वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने बलों से परिचालन तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने तथा इन्हीं तीन क्षमताओं पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंत्रिमंडल से मंजूर 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' के अंतर्गत सेवा अवधि पूरी करने के बाद अग्निवीरों को क्या अवसर मिलेगा?
- A.स्वतः अधिकारी के रूप में कमीशन
- B.इच्छा और चयन मानदंड के अधीन नियमित सैनिक के रूप में भर्ती
- C.केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अनिवार्य स्थानांतरण
- D.सेवा के बिना आजीवन पेंशन
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रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वे इच्छुक हों और निर्धारित चयन मानदंड पूरे करें।
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