भारतीय रक्षा बलों में दो-सितारा पद पाने वाली पहली महिला (गैर-चिकित्सा) अधिकारी कौन बनीं?
- A.एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा
- B.एयर मार्शल साधना सक्सेना नायर
- C.सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन
- D.एयर वाइस मार्शल पद्मा बंदोपाध्याय
सही उत्तर
A. एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा है। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार वे भारतीय रक्षा बलों में चिकित्सा श्रेणी से बाहर की पहली महिला अधिकारी बनीं जिन्होंने एयर वाइस मार्शल या इसके समकक्ष पद हासिल किया, और 1 सितंबर 2026 को उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पदभार ग्रहण किया। इस रिकॉर्ड में लगी शर्त महत्वपूर्ण है और बाकी विकल्प उसी की परीक्षा लेते हैं। चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से महिला अधिकारी पहले भी दो-सितारा और उससे ऊंचे पदों तक पहुंची हैं, इसलिए चिकित्सा श्रेणी का कोई नाम इस प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकता; विज्ञप्ति यह पहली उपलब्धि उसी श्रेणी से बाहर के अधिकारियों तक सीमित रखती है। विज्ञप्ति में किसी अन्य अधिकारी का नाम ही नहीं है। दोहराने के लिए जोड़ी याद रखें: एयर वाइस मार्शल का पद दो सितारों वाला है और उनकी शाखा शिक्षा शाखा है, जिसमें वे 18 जून 1994 को शामिल हुईं।
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अभ्यास प्रश्न
एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने 1 सितंबर 2026 को कौन-सा पदभार संभाला?
- A.महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (वायु)
- B.असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा)
- C.एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस
- D.प्रधानाचार्य, सैनिक स्कूल, कपूरथला
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सही उत्तर: B. असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा)
व्याख्या
सही उत्तर असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) है, जो वायुसेना मुख्यालय का पद है। उन्होंने यह पदभार 1 सितंबर 2026 को संभाला और इसी के साथ वे भारतीय रक्षा बलों में चिकित्सा श्रेणी से बाहर की पहली दो-सितारा महिला अधिकारी बनीं। विकल्प डी उस पद का नाम है जो उन्होंने वास्तव में संभाला था, पर पहले: सैनिक स्कूल, कपूरथला की प्रधानाचार्य के रूप में वे त्रि-सैन्य सेवाओं से किसी सैनिक स्कूल की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। यह अलग उपलब्धि है और उनके करियर का पहले का चरण है, इसलिए यहां उत्तर नहीं हो सकती। विकल्प ए और सी वायु सेना की अन्य धाराओं के पद हैं और विज्ञप्ति में उनसे नहीं जोड़े गए हैं। उनकी शाखा शिक्षा शाखा है, इसलिए वायुसेना मुख्यालय में शिक्षा का दायित्व स्वाभाविक बैठता है और याद रखने में सहायक भी है।
उन्होंने वायु सेना की चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना किन संस्थानों में कराई?
- A.आईआईटी दिल्ली और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
- B.आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय
- C.आईआईटी मद्रास और उस्मानिया विश्वविद्यालय
- D.आईआईटी बॉम्बे और पंजाब विश्वविद्यालय
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सही उत्तर: B. आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय
व्याख्या
सही उत्तर आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय है। उनके करियर की संस्थागत पहलों में विज्ञप्ति इन्हीं दो स्थानों पर भारतीय वायु सेना की चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को विशेष रूप से रेखांकित करती है, जो रक्षा क्षेत्र में शैक्षणिक कार्य और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई थीं। तीनों गलत विकल्प प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी संस्थानों को प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ जोड़ते हैं और इसी कारण भ्रमित करते हैं, लेकिन विज्ञप्ति में कोई अन्य संस्थान नहीं है। पूरी कहानी को बिखरे तथ्यों की तरह नहीं, एक ही धारा की तरह पढ़ना सबसे उपयोगी है: 18 जून 1994 को शिक्षा शाखा में कमीशन, कपूरथला के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य के रूप में कमान, आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस, और अब वायुसेना मुख्यालय में शिक्षा का दायित्व।
जिस 'महासागर' विजन के अनुरूप यह अभ्यास बताया गया, उसका पूरा अर्थ क्या है?
- A.सभी क्षेत्रों के लिए समुद्री सद्भाव और सुरक्षित विकास
- B.क्षेत्रों की सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति
- C.मानवीय कार्रवाई, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए समुद्री गठबंधन
- D.साझा विकास और क्षेत्रीय सुदृढ़ता के लिए बहुपक्षीय कार्रवाई
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सही उत्तर: B. क्षेत्रों की सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति
व्याख्या
सही उत्तर क्षेत्रों की सुरक्षा और वृद्धि के लिए परस्पर एवं समग्र प्रगति है। रक्षा मंत्रालय ने कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के इस अभ्यास को इसी विजन के अनुरूप बताया, जो समुद्री पड़ोसियों के साथ भारत की सुरक्षा और विकास साझेदारी की दिशा तय करता है। बाकी तीनों विकल्प इसलिए भ्रम पैदा करते हैं कि उनमें भी समुद्री सहयोग की परिचित शब्दावली से वही संक्षिप्त नाम खोला गया है, और जिस अभ्यर्थी ने केवल नाम याद किया है पर उसका पूरा अर्थ नहीं, वह फंस सकता है। इस अभ्यास ने उस विजन का व्यावहारिक पक्ष भी मजबूत किया, क्योंकि प्रतिभागियों ने मौजूदा मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा की और सूचना साझा करने की व्यवस्था को सरल बनाया, ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस बेहतर हो। ऐसे पूरे नाम एक बार लिखकर याद करना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
सितंबर 2026 में हुई कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव टेबल टॉप एक्सरसाइज का मुख्य विषय क्या था?
- A.चक्रवात के बाद मानवीय सहायता और आपदा राहत
- B.हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया
- C.बंगाल की खाड़ी में पनडुब्बी रोधी युद्ध
- D.संयुक्त उभयचर लैंडिंग अभियान
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सही उत्तर: B. हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया
व्याख्या
सही उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों से निपटने की समन्वित प्रतिक्रिया है। यह अभ्यास पारंपरिक नौसैनिक युद्ध के बजाय गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित था। कॉन्क्लेव के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधिमंडलों तथा समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने 72 घंटे से अधिक समय तक सिम्युलेटेड परिदृश्यों पर काम किया, जिनमें समुद्री आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी तथा अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ना शामिल थे। विकल्प A आपदा राहत की बात करता है, जो नौसैनिक अभ्यासों का सामान्य विषय है पर इस अभ्यास का घोषित विषय नहीं था। विकल्प C और D पारंपरिक युद्ध कार्यों की बात करते हैं, जो अभ्यास की बिल्कुल अलग श्रेणी में आते हैं। यह अंतर इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि टेबल टॉप एक्सरसाइज समुद्र के बजाय नक्शे, स्क्रीन और चर्चा की मेज पर होती है।
कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव की टेबल टॉप एक्सरसाइज किस नौसेना कमान में संपन्न हुई?
- A.पश्चिमी नौसेना कमान, मुंबई
- B.दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि
- C.पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम
- D.अंडमान एवं निकोबार कमान, पोर्ट ब्लेयर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम
व्याख्या
सही उत्तर पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम है। तीन दिवसीय यह अभ्यास कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के तहत हुआ और इसी कमान में संपन्न हुआ। उद्घाटन भाषण भी इसी कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशन्स) रियर एडमिरल मनोज झा ने दिया था। विकल्प A में पश्चिमी नौसेना कमान है, जिसका मुख्यालय मुंबई में है और यह अभ्यास वहां नहीं हुआ। विकल्प B में दक्षिणी नौसेना कमान है, जो कोच्चि में है और भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण कमान मानी जाती है, पर यह इसका स्थल नहीं था। विकल्प D में पोर्ट ब्लेयर की त्रि-सेवा अंडमान एवं निकोबार कमान है, जो इस अभ्यास में शामिल नहीं थी। अभ्यर्थी तीनों प्रमुख नौसेना कमानों और उनके मुख्यालयों को साथ याद रखें, क्योंकि अभ्यासों पर प्रश्न प्रायः शहर और कमान दोनों को जोड़कर पूछे जाते हैं। यहां विशाखापत्तनम को पूर्वी नौसेना कमान से जोड़ना उपयोगी है।