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GK24
राष्ट्रीयआसान

ट्राई का इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर (चौथा संशोधन) विनियमन, 2026 किस तारीख से लागू होगा?

  1. A.6 नवंबर 2026
  2. B.1 दिसंबर 2026
  3. C.1 जनवरी 2027
  4. D.1 अप्रैल 2027

सही उत्तर

C. 1 जनवरी 2027

व्याख्या

सही उत्तर 1 जनवरी 2027 है। ट्राई ने संशोधन विनियमन 6 नवंबर 2026 को जारी किए और उनके लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2027 तय की। बदलाव की प्रक्रिया भी इसी तारीख से जुड़ी है: जो इंटरकनेक्ट समझौते 1 जनवरी 2027 को लागू होंगे, उन्हें उस दिन से 15 दिन के भीतर ट्राई के पोर्टल पर दर्ज करना होगा। विकल्प A यानी 6 नवंबर 2026 जारी करने की तारीख है, लागू होने की नहीं। विकल्प B यानी 1 दिसंबर 2026 और विकल्प D यानी 1 अप्रैल 2027 का इन विनियमनों में कोई जिक्र नहीं है। यह संशोधन इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर विनियमन, 1999 में किया गया है, जिसे ट्राई ने ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख) के तहत बनाया था। इसमें ऑनलाइन पंजीकरण, टेक्स्ट-सर्चेबल पीडीएफ, ऑनलाइन निरीक्षण और श्रेणीबद्ध वित्तीय हतोत्साहन जैसे प्रावधान जोड़े गए हैं, इसलिए जारी होने और लागू होने की तारीखों को अलग याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: ट्राई: इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर 1 जनवरी 2027 से ऑनलाइन

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

संशोधित विनियमन के अनुसार ट्राई के इंटरकनेक्ट समझौतों के रजिस्टर के निरीक्षण का नया शुल्क कितना है?

  1. A.500 रुपये प्रति घंटा
  2. B.1,000 रुपये प्रति घंटा
  3. C.1,500 रुपये प्रति घंटा
  4. D.2,500 रुपये प्रति घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1,500 रुपये प्रति घंटा

संशोधन में रजिस्टर की प्रतियों या उद्धरणों के लिए 500 रुपये प्रति पृष्ठ का शुल्क भी तय किया गया है, और ट्राई के अनुसार ये संशोधित शुल्क मोटे तौर पर ट्राई (सूचना तक पहुंच) विनियमन, 2005 के अनुरूप हैं।

Q2.राष्ट्रीयकठिन

ट्राई इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर किस प्रावधान के तहत रखता है?

  1. A.ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख)
  2. B.भारतीय तार अधिनियम की धारा 4
  3. C.ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 14
  4. D.संविधान का अनुच्छेद 246
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख)

इस खंड के उपखंड (vii) और (viii) ट्राई को, अन्य बातों के साथ, इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर रखने और निर्धारित शुल्क लेकर इसे सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार देते हैं।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 के अंतर्गत इस्पात मंत्रालय ने लंबित मामलों की किन श्रेणियों को लिया?

  1. A.केवल आंतरिक विभागीय लेखा परीक्षा कंडिकाएं
  2. B.केवल अधिकरणों में लंबित अदालती मामले
  3. C.सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ और सीपीग्राम्स मामले
  4. D.केवल लंबित निविदा और खरीद फाइलें
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ और सीपीग्राम्स मामले

अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना तथा इन विविध श्रेणियों के लंबित मामलों का समाधान करना था, इसलिए इसकी रिपोर्ट में कागजी कार्य और लोक शिकायतें दोनों आती हैं।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 में कबाड़, ई-कचरे और अनुपयोगी फाइलों के निपटान से इस्पात मंत्रालय ने लगभग कितनी दफ्तरी जगह खाली की?

  1. A.लगभग 17,501 वर्ग फुट
  2. B.लगभग 21,164 वर्ग फुट
  3. C.लगभग 7,501 वर्ग फुट
  4. D.लगभग 1,750 वर्ग फुट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लगभग 17,501 वर्ग फुट

मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान कबाड़, इलेक्ट्रॉनिक कचरे तथा अनावश्यक फाइलों को हटाकर लगभग इतनी दफ्तरी जगह खाली की गई।

Q5.राष्ट्रीयमध्यम

एससीडीपीएम 6 के दौरान इस्पात मंत्रालय ने कितनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और यह लक्ष्य का कितना हिस्सा रहा?

  1. A.17,107 फाइलें, लक्ष्य का 95 प्रतिशत
  2. B.21,164 फाइलें, लक्ष्य का 101 प्रतिशत
  3. C.17,501 फाइलें, लक्ष्य का 100 प्रतिशत
  4. D.12,164 फाइलें, लक्ष्य का 110 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 21,164 फाइलें, लक्ष्य का 101 प्रतिशत

मंत्रालय ने अभियान के दौरान इतनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और उपलब्धि नियत संख्या से कुछ आगे रही, इसलिए इसे निर्धारित लक्ष्य का 101 प्रतिशत दर्ज किया गया।