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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

तेलंगाना भारतनेट समझौता करने वाली डिजिटल भारत निधि को पहले किस नाम से जाना जाता था?

  1. A.यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ)
  2. B.भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड
  3. C.नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क
  4. D.टेलीकॉम डेवलपमेंट फंड

सही उत्तर

A. यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ)

व्याख्या

सही उत्तर यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) है। इस निधि की स्थापना भारतीय तार (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 1 अप्रैल 2002 से प्रभावी रूप में हुई थी, और दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुसार इसका नाम डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) हो गया। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है और इसका काम वंचित ग्रामीण, दूरदराज और शहरी इलाकों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। बाकी विकल्प डीबीएन के पुराने नाम नहीं हैं। विकल्प B, भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड, को डीबीएन का पूर्ववर्ती नहीं बताया गया है। विकल्प C, नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, किसी निधि का नाम नहीं है। विकल्प D, टेलीकॉम डेवलपमेंट फंड, का भी इस संदर्भ में डीबीएन से कोई संबंध नहीं है। डीबीएन भारतनेट, 4जी सैचुरेशन परियोजना और आकांक्षी जिलों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों, हिमालयी व सीमावर्ती क्षेत्रों, द्वीपों तथा पूर्वोत्तर में मोबाइल सेवाओं के लिए धन देती है।

पूरा लेख पढ़ें: संशोधित भारतनेट: तेलंगाना की 12,769 पंचायतों के लिए 3,189 करोड़

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

नवंबर 2026 में हुए संशोधित भारतनेट समझौते के तहत तेलंगाना की कितनी ग्राम पंचायतें शामिल हैं?

  1. A.10,787
  2. B.12,769
  3. C.1,946
  4. D.14,500
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12,769

तेलंगाना में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का कुल दायरा यही है, जो तीन हिस्सों से बनता है: पहले चरण की 1,946 ग्राम पंचायतें, जिनका नेटवर्क अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में उन्नयन होगा; दूसरे चरण की 10,787 ग्राम पंचायतें, जिन्हें नए सिरे से कवर किया जाएगा; और…

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को किस तारीख को मंजूरी दी थी?

  1. A.15 अगस्त 2021
  2. B.4 अगस्त 2023
  3. C.1 अप्रैल 2002
  4. D.6 नवंबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4 अगस्त 2023

इसी दिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, ताकि मौजूदा भारतनेट नेटवर्क का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और विस्तार करके सभी ग्राम पंचायतों और मांग के आधार पर गांवों तक मजबूत तथा भविष्य के अनुरूप ब्रॉडबैंड पहुंचाया जा सके।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?

  1. A.75 से अधिक
  2. B.100 से अधिक
  3. C.200 से अधिक
  4. D.500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 200 से अधिक

पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?

  1. A.कोयला मंत्रालय
  2. B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
  3. C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
  4. D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)

इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?

  1. A.618.06 करोड़ रुपये
  2. B.770.50 करोड़ रुपये
  3. C.970.33 करोड़ रुपये
  4. D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 970.33 करोड़ रुपये

विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।