तत्वों के समभारिकों (आइसोबार) में समान होती है/होते हैं :
- A.परमाणु संख्याएँ।
- B.इलेक्ट्रॉनों की संख्या।
- C.द्रव्यमान संख्याएँ।
- D.न्यूट्रॉनों की संख्या।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, द्रव्यमान संख्याएँ। समभारिक या आइसोबार अलग-अलग तत्वों के ऐसे परमाणु हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या समान पर परमाणु संख्या अलग होती है। द्रव्यमान संख्या नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों का योग है, इसलिए समभारिकों में न्यूक्लिऑनों की कुल संख्या बराबर होती है, बस बँटवारा अलग होता है: एक में प्रोटॉन अधिक और न्यूट्रॉन कम, दूसरे में उलटा। इसका मानक उदाहरण आर्गन-40, पोटैशियम-40 और कैल्शियम-40 है, जिनकी परमाणु संख्याएँ 18, 19 और 20 हैं पर द्रव्यमान संख्या एक ही, 40 है। कार्बन-14 और नाइट्रोजन-14 एक और जोड़ी है। परमाणु संख्या अलग होने से समभारिक अलग तत्व होते हैं और उनके रासायनिक गुण भी अलग होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि समान परमाणु संख्या पर अलग द्रव्यमान संख्या वाले परमाणु समस्थानिक (आइसोटोप) होते हैं, जैसे कार्बन-12 और कार्बन-14। विकल्प B गलत है, क्योंकि उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉन प्रोटॉनों के बराबर होते हैं, इसलिए अलग परमाणु संख्या वाले समभारिकों में इलेक्ट्रॉन भी अलग होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि समान न्यूट्रॉन वाले परमाणु समन्यूट्रॉनिक (आइसोटोन) होते हैं, जैसे कार्बन-14 और ऑक्सीजन-16। परीक्षा टिप: समस्थानिक में प्रोटॉन, समभारिक में द्रव्यमान संख्या और समन्यूट्रॉनिक में न्यूट्रॉन समान।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसमान ताप और दाब की परिस्थितियों में सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। यह कथन किस नियम के रूप में जाना जाता है?
- A.आवोगाद्रो का नियम
- B.बॉयल का नियम
- C.चार्ल्स का नियम
- D.डाल्टन का आंशिक दाब नियम
उत्तर देखें
इसी से प्रत्येक गैस का एक मोल मानक ताप और दाब पर वही 22.4 लीटर घेरता है, और इसी से रसायनज्ञ हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसी गैसों के सूत्र दो परमाणु वाले तय कर सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्बन दो ऑक्साइड बनाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड, जिनमें बारह ग्राम कार्बन क्रमशः सोलह और बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करता है। यह किस नियम का उदाहरण है?
- A.द्रव्यमान संरक्षण का नियम
- B.स्थिर अनुपात का नियम
- C.गुणित अनुपात का नियम
- D.आवोगाद्रो का नियम
उत्तर देखें
जब दो तत्व एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान से संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल पूर्ण संख्या अनुपात में होते हैं, और यहाँ उसी बारह ग्राम कार्बन के लिए सोलह तथा बत्तीस ग्राम ऑक्सीजन का अनुपात एक और दो है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →36 ग्राम जल में कितने मोल उपस्थित हैं?
- A.एक मोल
- B.दो मोल
- C.तीन मोल
- D.आधा मोल
उत्तर देखें
जल का आण्विक द्रव्यमान अठारह एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई है, अर्थात 1 u के दो हाइड्रोजन परमाणु और 16 u का एक ऑक्सीजन परमाणु, इसलिए एक मोल जल का भार अठारह ग्राम होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक एकीकृत परमाणु द्रव्यमान इकाई, जिसे u लिखा जाता है, किसे कहते हैं?
- A.एक हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान
- B.कार्बन बारह के एक परमाणु के द्रव्यमान का बारहवाँ भाग
- C.एक ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान का सोलहवाँ भाग
- D.एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान
उत्तर देखें
यह मानक इसलिए अपनाया गया कि सभी तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एक ही सापेक्ष पैमाने पर तुले जा सकें, और उसी पर हाइड्रोजन लगभग 1 u, ऑक्सीजन 16 u तथा क्लोरीन 35.5 u का आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल कितना आयतन घेरता है?
- A.11.2 लीटर
- B.22.4 लीटर
- C.24.4 लीटर
- D.1 लीटर
उत्तर देखें
यह आवोगाद्रो के नियम से निकलता है: चूँकि समान ताप और दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है, इसलिए हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का एक एक मोल मानक ताप और दाब पर समान स्थान घेरता है, भले ही उनके द्रव्यमान दो, बत्तीस…
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