स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 की शुरुआत वाला तटीय सफाई अभियान किस मंत्रालय ने आयोजित किया?
- A.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- C.पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय
- D.जल शक्ति मंत्रालय
सही उत्तर
B. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय है। पूर्वी मिदनापुर के दीघा में यह अभियान इसी मंत्रालय ने आयोजित किया और देश भर में इसका समन्वय चेन्नई स्थित राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान ने किया, जो इसी मंत्रालय के अधीन संस्थान है। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्रीनिवास राव गांगी रेड्डी ने समुद्री एक्वेरियम और क्षेत्रीय केंद्र में किया। विकल्प A यानी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय वन, वन्यजीव और प्रदूषण नियंत्रण देखता है और स्वाभाविक अनुमान लगता है, पर यहां उसका नाम नहीं है। विकल्प C का काम बंदरगाह और पोत परिवहन है, तट सफाई अभियान नहीं। विकल्प D जल शक्ति मंत्रालय नदियों, पेयजल और स्वच्छता पर काम करता है। अभ्यर्थी एनआईओटी और इनकॉइस जैसे महासागर से जुड़े संस्थानों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जोड़कर याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: दीघा तट से स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 अभियान शुरू
अभ्यास प्रश्न
जिस अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस की पूर्व-तैयारी में दीघा का अभियान हुआ, वह किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.5 जून
- B.8 जून
- C.19 सितंबर
- D.29 सितंबर
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सही उत्तर: C. 19 सितंबर
व्याख्या
सही उत्तर 19 सितंबर है। दीघा का सफाई अभियान अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस की पूर्व-तैयारी बताया गया, जो 19 सितंबर 2026 को मनाया जाना था। इसका उद्देश्य समुद्री प्रदूषण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना तथा तटीय और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने वाली आदतों को बढ़ावा देना था। विकल्प A यानी 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है और विकल्प B यानी 8 जून विश्व महासागर दिवस है; ये दोनों पर्यावरण से जुड़े दिवसों के उसी परिवार से आते हैं, इसलिए सबसे अधिक भ्रम पैदा करते हैं। विकल्प D पास की तिथि है, जो केवल सटीकता जांचने के लिए रखी गई है। इन्हें अलग रखने का आसान तरीका यह है कि जून में पर्यावरण और महासागर के दो वैश्विक दिवस आते हैं, जबकि सितंबर में विशेष रूप से तट सफाई का दिवस आता है।
स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 अभियान का देशव्यापी समन्वय किस संस्थान ने किया?
- A.भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, हैदराबाद
- B.राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई
- C.राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र, चेन्नई
- D.केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि
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सही उत्तर: B. राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई है। दीघा का अभियान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने आयोजित किया और देश भर में इसका समन्वय इसी संस्थान ने किया, जिसके अधिकारी समुद्री एक्वेरियम और क्षेत्रीय केंद्र के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। विकल्प A यानी भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र ने अपने अधिकारियों के जरिए अभियान में भाग तो लिया, पर वह समन्वयक संस्था नहीं थी, इसलिए यही सबसे कठिन भ्रामक विकल्प है। विकल्प C और D वास्तविक समुद्री अनुसंधान संस्थान हैं, पर इस घोषणा में इनका नाम नहीं आया। अभियान में कुल मिलाकर लगभग 100 लोग शामिल हुए, जिनमें कॉलेज के छात्र तथा भाग लेने वाली संस्थाओं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारी थे। ध्यान रखें कि किसी अभियान में आयोजक मंत्रालय, समन्वयक संस्था और भाग लेने वाली संस्थाएं अलग-अलग होती हैं, और प्रश्न प्रायः इसी अंतर पर बनाया जाता है।
भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?
- A.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- C.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- D.विद्युत मंत्रालय
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सही उत्तर: C. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सितंबर 2025 में भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति अधिसूचित की और इसके कार्यान्वयन के लिए यही मंत्रालय नोडल है। यही मंत्रालय अक्षय ऊर्जा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम भी चलाता है तथा इसने जुलाई और अगस्त 2025 के बीच पांच अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं मंजूर कीं, जिनमें संसाधन आकलन, स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास और क्षेत्रीय प्रदर्शन शामिल हैं। विकल्प क में दिया पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इसलिए लुभाता है क्योंकि पहले कुएं ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने चालू किए और नीति परित्यक्त तेल तथा गैस कुओं के पुन: उपयोग की बात करती है, पर नोडल भूमिका उसके पास नहीं है। विकल्प ख में दिया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्वाभाविक पर गलत अनुमान है। विकल्प घ में दिया विद्युत मंत्रालय पारंपरिक बिजली देखता है।
भारत के पहले दो भूतापीय कुएं कहां चालू किए गए?
- A.तातापानी, छत्तीसगढ़
- B.पूगा घाटी, लद्दाख
- C.मणिकरण, हिमाचल प्रदेश
- D.अंकलेश्वर, गुजरात
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सही उत्तर: B. पूगा घाटी, लद्दाख
व्याख्या
सही उत्तर लद्दाख की पूगा घाटी है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने जुलाई 2026 में वहां देश के पहले दो भूतापीय कुएं चालू किए। यह घाटी समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है, अपने गर्म जलस्रोतों और भूमिगत ताप भंडार के लिए जानी जाती है तथा भारत के सबसे संभावनाशील भूतापीय स्थलों में गिनी जाती है। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है और ये दोनों मिलकर भारत की पहली 1 मेगावाट प्रदर्शन आधारित भूतापीय परियोजना की नींव रखेंगे। विकल्प क में दिया तातापानी और विकल्प ग में दिया मणिकरण भारत के जाने-माने भूतापीय क्षेत्र हैं, इसलिए ऐसे प्रश्न में यही सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर पहले कुएं वहां नहीं हैं। विकल्प घ में दिया अंकलेश्वर इसी रिपोर्ट में आता है, पर अलग भूमिका में, जहां अनुत्पादक तेल और गैस कुओं की रेट्रोफिटिंग की पायलट परियोजना चल रही है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश में कितने गर्म झरनों की मैपिंग की है?
- A.183
- B.381
- C.420
- D.106
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सही उत्तर: B. 381
व्याख्या
सही उत्तर 381 है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश भर में 381 गर्म झरनों की मैपिंग की है और 10 भूतापीय प्रांतों की पहचान की है, जबकि भारत की सैद्धांतिक भूतापीय क्षमता लगभग 10.6 गीगावॉट है, जिसमें से 42 स्थल बिजली उत्पादन और प्रत्यक्ष ताप उपयोग के लिए संभावनाशील माने गए हैं। विकल्प क में सही आंकड़े के अंक उलट दिए गए हैं, जो संख्या वाले प्रश्नों की सबसे पुरानी चाल है और उन छात्रों को फंसाती है जिन्हें अंक याद हैं पर उनका क्रम नहीं। विकल्प ग संभावनाशील स्थलों की संख्या बयालीस से गढ़ा गया है और विकल्प घ सैद्धांतिक क्षमता 10.6 गीगावॉट से, यानी दोनों इसी अनुच्छेद की असली संख्याएं हैं पर गलत शीर्षक के नीचे रखी गई हैं। इस अनुच्छेद के चारों आंकड़े क्रम से याद रखें।