जिस अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस की पूर्व-तैयारी में दीघा का अभियान हुआ, वह किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.5 जून
- B.8 जून
- C.19 सितंबर
- D.29 सितंबर
सही उत्तर
C. 19 सितंबर
व्याख्या
सही उत्तर 19 सितंबर है। दीघा का सफाई अभियान अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस की पूर्व-तैयारी बताया गया, जो 19 सितंबर 2026 को मनाया जाना था। इसका उद्देश्य समुद्री प्रदूषण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना तथा तटीय और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने वाली आदतों को बढ़ावा देना था। विकल्प A यानी 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है और विकल्प B यानी 8 जून विश्व महासागर दिवस है; ये दोनों पर्यावरण से जुड़े दिवसों के उसी परिवार से आते हैं, इसलिए सबसे अधिक भ्रम पैदा करते हैं। विकल्प D पास की तिथि है, जो केवल सटीकता जांचने के लिए रखी गई है। इन्हें अलग रखने का आसान तरीका यह है कि जून में पर्यावरण और महासागर के दो वैश्विक दिवस आते हैं, जबकि सितंबर में विशेष रूप से तट सफाई का दिवस आता है।
पूरा लेख पढ़ें: दीघा तट से स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 अभियान शुरू
अभ्यास प्रश्न
स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 की शुरुआत वाला तटीय सफाई अभियान किस मंत्रालय ने आयोजित किया?
- A.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- C.पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय
- D.जल शक्ति मंत्रालय
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सही उत्तर: B. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय है। पूर्वी मिदनापुर के दीघा में यह अभियान इसी मंत्रालय ने आयोजित किया और देश भर में इसका समन्वय चेन्नई स्थित राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान ने किया, जो इसी मंत्रालय के अधीन संस्थान है। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्रीनिवास राव गांगी रेड्डी ने समुद्री एक्वेरियम और क्षेत्रीय केंद्र में किया। विकल्प A यानी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय वन, वन्यजीव और प्रदूषण नियंत्रण देखता है और स्वाभाविक अनुमान लगता है, पर यहां उसका नाम नहीं है। विकल्प C का काम बंदरगाह और पोत परिवहन है, तट सफाई अभियान नहीं। विकल्प D जल शक्ति मंत्रालय नदियों, पेयजल और स्वच्छता पर काम करता है। अभ्यर्थी एनआईओटी और इनकॉइस जैसे महासागर से जुड़े संस्थानों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जोड़कर याद रखें।
स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 अभियान का देशव्यापी समन्वय किस संस्थान ने किया?
- A.भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, हैदराबाद
- B.राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई
- C.राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र, चेन्नई
- D.केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि
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सही उत्तर: B. राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई है। दीघा का अभियान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने आयोजित किया और देश भर में इसका समन्वय इसी संस्थान ने किया, जिसके अधिकारी समुद्री एक्वेरियम और क्षेत्रीय केंद्र के उद्घाटन समारोह में भी शामिल हुए। विकल्प A यानी भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र ने अपने अधिकारियों के जरिए अभियान में भाग तो लिया, पर वह समन्वयक संस्था नहीं थी, इसलिए यही सबसे कठिन भ्रामक विकल्प है। विकल्प C और D वास्तविक समुद्री अनुसंधान संस्थान हैं, पर इस घोषणा में इनका नाम नहीं आया। अभियान में कुल मिलाकर लगभग 100 लोग शामिल हुए, जिनमें कॉलेज के छात्र तथा भाग लेने वाली संस्थाओं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारी थे। ध्यान रखें कि किसी अभियान में आयोजक मंत्रालय, समन्वयक संस्था और भाग लेने वाली संस्थाएं अलग-अलग होती हैं, और प्रश्न प्रायः इसी अंतर पर बनाया जाता है।
समीक्षा बैठक के अनुसार भारत के लगभग कितने भू-भाग पर घासस्थल हैं?
- A.लगभग 14 प्रतिशत
- B.लगभग 18 प्रतिशत
- C.लगभग 24 प्रतिशत
- D.लगभग 32 प्रतिशत
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सही उत्तर: C. लगभग 24 प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर है लगभग 24 प्रतिशत। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने घासस्थलों के पारिस्थितिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये देश के लगभग इतने भू-भाग को कवर करते हैं, फिर भी ये भारत के सबसे अधिक क्षतिग्रस्त और सबसे कम संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्रों में से हैं। उन्होंने बैठक को बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद तथा भारतीय वन सर्वेक्षण के सहयोग से पांच वर्ष का राष्ट्रीय आकलन प्रस्तावित है, जिसे नेशनल कैम्पा का सहयोग मिलेगा। यह आकलन घासस्थल प्रबंधन के राष्ट्रीय ढांचे के लिए वैज्ञानिक आधार देगा, जिसमें गुजरात के बन्नी घासस्थल सहित खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों का मानचित्रण, पारिस्थितिक आकलन, पुनर्स्थापन और बेहतर प्रबंधन शामिल होगा। विकल्प A, B और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते।
भुज की समीक्षा बैठक के अनुसार चीता परियोजना के तहत संरक्षित आवास कितना है?
- A.2,428 वर्ग किमी
- B.3,428 वर्ग किमी
- C.4,328 वर्ग किमी
- D.1,428 वर्ग किमी
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सही उत्तर: B. 3,428 वर्ग किमी
व्याख्या
सही उत्तर है 3,428 वर्ग किमी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर के एकीकृत प्रबंधन के जरिए चीतों के लिए संरक्षित आवास इस क्षेत्रफल तक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने उनतीस संस्थापक चीतों से आबादी बढ़ाई है, यह आबादी अब बावन तक पहुंच गई है और उनचास शावक भारत में जन्मे हैं। कुनो में शावकों के जीवित रहने की दर लगभग अड़सठ प्रतिशत है, जो दिखाता है कि उपयुक्त पारिस्थितिक परिस्थितियों में आबादी स्थापित हो सकती है। गुजरात के बन्नी घासस्थल और मध्य प्रदेश के नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को भावी रिलीज स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। विकल्प A, C और D के आंकड़े विज्ञप्ति से मेल नहीं खाते और सही आंकड़े के इतने करीब हैं कि सरसरी तौर पर पढ़ने वाला उलझ सकता है।
महान भारतीय बस्टर्ड संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान किस संस्थान ने तैयार किया?
- A.भारतीय प्राणी सर्वेक्षण
- B.राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण
- C.भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
- D.भारतीय वन सर्वेक्षण
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सही उत्तर: C. भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ
व्याख्या
सही उत्तर है भारतीय वन्यजीव संस्थान, गुजरात वन विभाग के साथ। केंद्रीय मंत्री ने यह योजना भुज में जारी की और इसे विज्ञान आधारित रोडमैप बताया। इसका लक्ष्य तीस से अधिक पक्षियों की न्यूनतम व्यवहार्य आबादी स्थापित करना और दो सौ से पांच सौ वर्ग किलोमीटर सुरक्षित तथा सतत आवास सुनिश्चित करना है। तत्काल ध्यान लगभग दो सौ वर्ग किलोमीटर के लाला-रावा भू-दृश्य पर है, जहां आवास पुनर्स्थापन, चराई प्रबंधन, आक्रामक प्रजातियों को हटाना, शिकारी प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े खतरों को कम करना शामिल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उस प्राधिकरण के अधिकारी बैठक में मौजूद तो थे, पर योजना उन्होंने नहीं बनाई। विकल्प A और D में ऐसे निकाय हैं जिन्हें इस दस्तावेज का श्रेय नहीं दिया गया, हालांकि भारतीय वन सर्वेक्षण प्रस्तावित घासस्थल आकलन में साझेदार है।