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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

श्वेत क्रांति 2.0 के तहत देश में कितनी नई सहकारी डेयरियां स्थापित की जानी हैं?

  1. A.25 हजार
  2. B.46 हजार
  3. C.75 हजार
  4. D.1 लाख

सही उत्तर

C. 75 हजार

व्याख्या

सही उत्तर 75 हजार है। श्वेत क्रांति 2.0 के तहत देश भर में इतनी नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके साथ ही 46 हजार पहले से मौजूद डेयरियों को मजबूत किया जाना है। मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में नई डेयरियां बनने की उम्मीद है, इसी कारण यह आंकड़ा भोपाल के पशुपालकों के सम्मेलन में सामने आया। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह पुरानी डेयरियों के सुदृढ़ीकरण का आंकड़ा है, नई डेयरियों का नहीं, और एक ही योजना के इन दो आंकड़ों की जोड़ी पर ही ऐसे प्रश्न बनते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह किसी भी लक्ष्य से मेल नहीं खाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह लक्ष्य को बढ़ाकर एक गोल संख्या में बदल देता है, जो घोषित नहीं हुई। पुनरावृत्ति का व्यावहारिक तरीका यह है कि बड़ी संख्या नई डेयरियों के लिए और छोटी संख्या सुदृढ़ीकरण के लिए याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ के दूध संयंत्र की नींव रखी

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता के दूध प्रसंस्करण संयंत्र की नींव मध्य प्रदेश के किस शहर में रखी गई?

  1. A.इंदौर
  2. B.उज्जैन
  3. C.शिवपुरी
  4. D.ग्वालियर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उज्जैन

व्याख्या

सही उत्तर उज्जैन है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने वहां प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता के दूध प्रसंस्करण संयंत्र की नींव डिजिटल माध्यम से रखी, जिसकी लागत 255 करोड़ रुपये है। विकल्प A यानी इंदौर गलत है, लेकिन ध्यान देने योग्य है कि इसी कार्यक्रम में इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस दिया गया, इसलिए यह शहर घोषणा में किसी और कारण से आता है। विकल्प C यानी शिवपुरी गलत है, क्योंकि वहां पहले से मौजूद मिनी डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण कार्यों का उद्घाटन हुआ, नया प्रसंस्करण संयंत्र नहीं। विकल्प D यानी ग्वालियर गलत है, क्योंकि इन घोषणाओं में उस शहर की कोई परियोजना शामिल नहीं थी। जब एक ही राज्य की कई परियोजनाएं साथ घोषित होती हैं, तो प्रत्येक शहर के आगे उसकी परियोजना और लागत लिखना भरोसेमंद तरीका है, क्योंकि प्रश्नपत्र आंकड़े वही रखते हुए शहर बदल देते हैं।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

गौपालक सम्मेलन में दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़कर प्रतिदिन कितनी हो गई है?

  1. A.307 ग्राम
  2. B.395 ग्राम
  3. C.485 ग्राम
  4. D.520 ग्राम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 485 ग्राम

व्याख्या

सही उत्तर 485 ग्राम है। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता लगभग 58 प्रतिशत बढ़ी है, यानी 2014-15 के करीब 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर अब लगभग 485 ग्राम प्रतिदिन, और भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह पुराना आंकड़ा है, वर्तमान नहीं; जो प्रश्न दोनों वर्ष देकर एक आंकड़ा पूछता है वह ठीक इसी अंतर की परीक्षा लेता है। विकल्प B और D गलत हैं, क्योंकि ये वर्तमान आंकड़े के निकटवर्ती अनुमान हैं और बताए गए आंकड़े से मेल नहीं खाते। साथ के आंकड़े भी एक साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात कुल दूध उत्पादन 2014-15 के लगभग 14.60 करोड़ टन से बढ़कर करीब 24.80 करोड़ टन हो गया है और डेयरी निर्यात लगभग 4,666 करोड़ रुपये का है, जो संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब और भूटान जैसे देशों को होता है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन किस सहकारी संस्था के साथ हुआ?

  1. A.कृभको
  2. B.इफको
  3. C.नेफेड
  4. D.एनसीडीसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कृभको

व्याख्या

सही उत्तर कृभको है। भोपाल में मोरवन परियोजना के तहत शहरी वन विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान कृभको और मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के बीच कार्यक्रम के दौरान हुआ। विकल्प B यानी इफको एक अलग उर्वरक सहकारी संस्था है और इस समझौते में शामिल नहीं थी, हालांकि दोनों नामों की समानता इसे सबसे आकर्षक गलत विकल्प बनाती है। विकल्प C यानी नेफेड कृषि उपज की सहकारी विपणन संस्था है और इस समझौते में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। विकल्प D यानी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम सहकारी विकास को वित्त देता है और यहां भी शामिल नहीं था। इसी कार्यक्रम की दो अन्य सहकारी बातें साथ याद रखने योग्य हैं, अर्थात डेयरी क्षेत्र के कार्य के लिए सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की स्थापना और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्रों का वितरण।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

जल अर्पण के तहत पूरी हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाएं किसे सौंपी जाती हैं?

  1. A.जिला कलेक्टर और खंड विकास अधिकारी
  2. B.ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति
  3. C.राज्य लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
  4. D.निजी जल कंपनियां
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति

व्याख्या

सही उत्तर ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति है। जल अर्पण में निर्धारित परीक्षण अवधि के बाद चालू हो चुकी ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण इन्हीं दो ग्राम स्तरीय संस्थाओं को होता है, जो इसके बाद संचालन, रखरखाव और दीर्घकालिक स्थिरता की जिम्मेदारी संभालती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जिला और खंड स्तर के अधिकारी कार्यक्रम का प्रशासन करते हैं, लेकिन इस सुधार के तहत योजनाएं उनके हाथ में नहीं दी जातीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राज्य अभियांत्रिकी विभाग ऐसी योजनाओं का निर्माण करते हैं और सुधार का उद्देश्य प्रबंधन को उनसे हटाकर गांव की ओर ले जाना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हस्तांतरण समुदाय की संस्थाओं को होता है, निजी कंपनियों को नहीं। यहां परखा जा रहा विचार समुदाय का स्वामित्व है, और समिति का संक्षिप्त रूप वीडब्ल्यूएससी भी याद रखना उपयोगी है।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

जल जीवन मिशन 2.0 के किस मंच के तहत 2691 जल आपूर्ति परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग की गई?

  1. A.सुजलम भारत
  2. B.अमृत सरोवर
  3. C.जल शक्ति अभियान
  4. D.नल जल मित्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सुजलम भारत

व्याख्या

सही उत्तर सुजलम भारत है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल शासन और परिसंपत्ति प्रबंधन सुजलम भारत के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जल आपूर्ति परिसंपत्तियों तथा पाइप जलापूर्ति स्रोतों की जियो-टैगिंग होती है, और जल अर्पण के अवसर पर देश भर में कुल 2691 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग हुई, जिनमें लगभग 700 स्रोत शामिल थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह गांव के जल निकायों से जुड़ी एक अलग पहल है और यहां जियो-टैगिंग मंच के रूप में उसका नाम नहीं आया। विकल्प C गलत है, क्योंकि वह जल संरक्षण का अभियान है, डिजिटल परिसंपत्ति मंच नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस जियो-टैगिंग कार्य के संबंध में ऐसे किसी मंच का उल्लेख नहीं हुआ। उद्देश्य भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि परिसंपत्तियों और स्रोतों की जियो-टैग सूची योजना, निगरानी और दीर्घकालिक रखरखाव में सहायक होती है।