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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सौर विस्फोट के असममित फैलाव पर यह अध्ययन किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ?

  1. A.नेचर एस्ट्रोनॉमी
  2. B.एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स
  3. C.करंट साइंस
  4. D.मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी

सही उत्तर

B. एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स

व्याख्या

सही उत्तर एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स है। यह शोधपत्र, जिसमें बताया गया कि कोरोनल मास इजेक्शन सममित बुलबुले की तरह नहीं फैला, इसी पत्रिका में छपा, और यह 5 अगस्त 2024 को सूर्य के पश्चिमी किनारे के पास सक्रिय क्षेत्र से उठे विस्फोट पर आधारित है। विकल्प A गलत है, क्योंकि नेचर एस्ट्रोनॉमी ने यह शोधपत्र नहीं छापा। विकल्प C गलत है, क्योंकि करंट साइंस का नाम नहीं लिया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह काम मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित नहीं हुआ। परीक्षा के लिए यह क्रम याद रखें, आदित्य-एल1 से उसका प्रमुख पेलोड वीईएलसी, उसे बनाने वाला भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, वह जिस 530.3 नैनोमीटर हरी रेखा को देखता है, और एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स जहां नतीजा छपा।

पूरा लेख पढ़ें: आदित्य-एल1 के वीईएलसी ने सौर विस्फोट का असममित फैलाव दिखाया

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत की आदित्य-एल1 सौर वेधशाला का प्रमुख पेलोड कौन सा है?

  1. A.सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप
  2. B.विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ
  3. C.एटमॉस्फेरिक इमेजिंग असेंबली
  4. D.प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ

भारत की पहली अंतरिक्ष आधारित सौर वेधशाला आदित्य-एल1 पर सात पेलोड हैं और इनमें वीईएलसी को प्रमुख बताया गया है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

वीईएलसी के प्रेक्षणों से कोरोनल मास इजेक्शन के बारे में पहली बार क्या पता चला?

  1. A.वह पूर्ण रूप से सममित बुलबुले की तरह फैला
  2. B.वह असमान रूप से फैला और असममित हो गया
  3. C.वह पृथ्वी की ओर बढ़ा ही नहीं
  4. D.उसमें आयनित लोहा नहीं था
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वह असमान रूप से फैला और असममित हो गया

इस अध्ययन से पहले माना जाता था कि कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य से किसी सरल सममित बुलबुले की तरह बाहर बढ़ता है; वीईएलसी के स्पेक्ट्रा को नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी की तस्वीरों और त्रि-आयामी मॉडल के साथ पढ़ने पर पता चला कि फैलाव असमान था।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

आदित्य-एल1 के वीईएलसी पेलोड का डिजाइन और निर्माण किस संस्थान ने किया?

  1. A.भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
  2. B.भारतीय तारा भौतिकी संस्थान
  3. C.टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान
  4. D.अंतर-विश्वविद्यालय खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी केंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय तारा भौतिकी संस्थान

यह कोरोनाग्राफ संस्थान की होसकोटे स्थित क्रेस्ट परिसर की एमजीके मेनन अंतरिक्ष विज्ञान प्रयोगशाला में इसरो के पर्याप्त सहयोग से बनाया गया, और इस अध्ययन को करने वाले वैज्ञानिक भी आईआईए के ही हैं, प्रमुख लेखक वहां के शोध छात्र सौरभ त्रिपाठी, संवादी लेखक सौर खगोलशास्त्री तन्मय सामंत और सह-लेखक…

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

2025 के अंत तक विश्व की स्थापित भूतापीय क्षमता के बारे में कौन कथन सही है?

  1. A.यह 15.67 गीगावाट थी और इंडोनेशिया अग्रणी देशों में शामिल था
  2. B.यह 159.8 गीगावाट थी और चीन अग्रणी था
  3. C.यह 45.2 गीगावाट थी और भारत अग्रणी था
  4. D.यह 8.9 गीगावाट थी और आइसलैंड अग्रणी था
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह 15.67 गीगावाट थी और इंडोनेशिया अग्रणी देशों में शामिल था

उस वर्ष के अंत तक विश्व में स्थापित भूतापीय क्षमता पंद्रह गीगावाट से कुछ अधिक रही और इंडोनेशिया, अमेरिका, फिलीपींस, तुर्किये तथा न्यूजीलैंड नामक पांच देशों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब सड़सठ प्रतिशत थी।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कितने गर्म जलस्रोत और कितने भूतापीय प्रांत चिह्नित किए हैं?

  1. A.340 गर्म जलस्रोत और 7 प्रांत
  2. B.381 गर्म जलस्रोत और 10 प्रांत
  3. C.412 गर्म जलस्रोत और 12 प्रांत
  4. D.381 गर्म जलस्रोत और 14 प्रांत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 381 गर्म जलस्रोत और 10 प्रांत

ये प्रांत बहुत भिन्न भूभागों में फैले हैं, जिनमें हिमालयी पट्टी और अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह से लेकर पश्चिमी तट, कैम्बे ग्रैबेन, सोन-नर्मदा-ताप्ती क्षेत्र और दक्षिण भारत का क्रैटोनिक क्षेत्र शामिल हैं।