भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कितने गर्म जलस्रोत और कितने भूतापीय प्रांत चिह्नित किए हैं?
- A.340 गर्म जलस्रोत और 7 प्रांत
- B.381 गर्म जलस्रोत और 10 प्रांत
- C.412 गर्म जलस्रोत और 12 प्रांत
- D.381 गर्म जलस्रोत और 14 प्रांत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 381 गर्म जलस्रोत और 10 प्रांत है। ये प्रांत बहुत भिन्न भूभागों में फैले हैं, जिनमें हिमालयी पट्टी और अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह से लेकर पश्चिमी तट, कैम्बे ग्रैबेन, सोन-नर्मदा-ताप्ती क्षेत्र और दक्षिण भारत का क्रैटोनिक क्षेत्र शामिल हैं। इसी संसाधन आधार पर देश की सैद्धांतिक भूतापीय संभावना लगभग दस हजार छह सौ मेगावाट आंकी गई है और बयालीस स्थलों को बिजली उत्पादन अथवा सीधे ताप उपयोग के लिए संभावनाशील माना गया है। विकल्प D भ्रमित करने के लिए रखा गया है, क्योंकि उसमें जलस्रोतों की संख्या सही है पर प्रांतों की संख्या बदल दी गई है, जबकि विकल्प A और C में दोनों आंकड़े गलत हैं। अभ्यर्थियों को यह भी याद रखना चाहिए कि नोडल मंत्रालय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है और मानचित्रण का कार्य भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करता है।
पूरा लेख पढ़ें: भूतापीय ऊर्जा: लद्दाख की पुगा घाटी में पहले दो कुएं
अभ्यास प्रश्न
भारत के पहले दो भूतापीय कुएं किस घाटी में शुरू किए गए?
- A.नुब्रा घाटी
- B.पुगा घाटी
- C.स्पीति घाटी
- D.सुरू घाटी
उत्तर देखें
यह घाटी समुद्र तल से चौदह हजार फुट से अधिक ऊंचाई पर है और अपने गर्म जलस्रोतों तथा भूमिगत ताप भंडार के लिए लंबे समय से जानी जाती है, इसीलिए इसे भारत के सबसे संभावनाशील भूतापीय स्थलों में गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2025 के अंत तक विश्व की स्थापित भूतापीय क्षमता के बारे में कौन कथन सही है?
- A.यह 15.67 गीगावाट थी और इंडोनेशिया अग्रणी देशों में शामिल था
- B.यह 159.8 गीगावाट थी और चीन अग्रणी था
- C.यह 45.2 गीगावाट थी और भारत अग्रणी था
- D.यह 8.9 गीगावाट थी और आइसलैंड अग्रणी था
उत्तर देखें
उस वर्ष के अंत तक विश्व में स्थापित भूतापीय क्षमता पंद्रह गीगावाट से कुछ अधिक रही और इंडोनेशिया, अमेरिका, फिलीपींस, तुर्किये तथा न्यूजीलैंड नामक पांच देशों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब सड़सठ प्रतिशत थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडियाएआई मिशन को कब मंजूरी दी थी?
- A.7 मार्च 2024
- B.1 फरवरी 2023
- C.15 अगस्त 2025
- D.7 मार्च 2022
उत्तर देखें
इंडियाएआई मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी तारीख को स्वीकृति दी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईकेए-1 और धीर के निर्माताओं का चयन इंडियाएआई मिशन के किस स्तंभ के अंतर्गत हुआ?
- A.इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता
- B.इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल)
- C.इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स
- D.सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई
उत्तर देखें
सोकेट लैब्स और जेंटेईक्यू उन दलों में शामिल हैं, जिन्हें स्वदेशी फाउंडेशन क्षमताएं तथा बड़े भाषा मॉडल बनाने के लिए इसी स्तंभ के अंतर्गत चुना गया था, और मिशन ने उन्हें रियायती दर पर राष्ट्रीय एआई कंप्यूट सुविधा तथा सहायक शोध व्यय में मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओपन-सोर्स धीर 2बी और धीर 5बी मॉडल किस संस्था ने विकसित किए हैं?
- A.सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च
- B.सी-डैक
- C.जेंटेईक्यू एआईटेक इनोवेशंस
- D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
उत्तर देखें
जेंटेईक्यू ने धीर 2बी और धीर 5बी ओपन-सोर्स मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें संस्थान के अपने परिसर में सुरक्षित बहुभाषी सहायक के रूप में लगाया जा सकता है और जो अंग्रेजी तथा 10 भारतीय भाषाओं में काम करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →