'संथाल' नामक जनजातीय समूह ने _______ में विद्रोह किया था।
- A.1876
- B.1855
- C.1896
- D.1860
सही उत्तर
B. 1855
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1855। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, 30 जून 1855 को संथाल परगना के राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है। इसका नेतृत्व सिधू और कान्हू मुर्मू ने किया, जिनके साथ चाँद और भैरव भी थे, और उन्होंने हजारों संथालों को उन साहूकारों, व्यापारियों, जमींदारों और कंपनी अधिकारियों के विरुद्ध एकत्र किया जिन्होंने उनकी भूमि हथिया ली थी और उन्हें बंधुआ मजदूरी में धकेल दिया था। 1856 तक इस विद्रोह को कठोर बल से दबा दिया गया, लेकिन इसने अंग्रेजों को अलग संथाल परगना जिला बनाने पर विवश किया, जहाँ विशेष नियमों से बाहरी लोगों को जनजातीय भूमि खरीदने से रोका गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1876 में कोई संथाल विद्रोह नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1896 बिरसा मुंडा के मुंडा उलगुलान का वर्ष नहीं है, जो 1899 में शुरू हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1860 तक विद्रोह कुचला जा चुका था। परीक्षा टिप: संथाल हूल 1855 सिधू-कान्हू के नेतृत्व में; मुंडा उलगुलान 1899-1900 बिरसा मुंडा के नेतृत्व में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए भारत में वर्ष 1757 क्यों महत्वपूर्ण था?
- A.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में निजाम को हराकर हैदराबाद पर नियंत्रण पाया।
- B.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर मद्रास पर नियंत्रण पाया।
- C.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने बरार के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर अवध पर नियंत्रण पाया।
- D.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल पर नियंत्रण पाया।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल पर नियंत्रण पाया।
व्याख्या
सही उत्तर है D। प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को बंगाल में पलाशी के निकट भागीरथी के किनारे लड़ा गया और रॉबर्ट क्लाइव की छोटी कंपनी सेना ने वहाँ नवाब सिराजुद्दौला को हरा दिया। यह जीत युद्ध कौशल से कम और विश्वासघात से अधिक मिली — नवाब के सेनापति मीर जाफर ने गुप्त सौदे के बाद अपनी टुकड़ियों को लड़ने से रोक दिया और मुर्शिदाबाद के साहूकारों ने भी षड्यंत्र का साथ दिया। मीर जाफर को नवाब बनाया गया और कंपनी को बंगाल के व्यापार तथा राजस्व पर पकड़ मिल गई, इसीलिए 1757 को भारत में ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता का आरंभ माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैदराबाद का निजाम प्लासी में पक्षकार नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मद्रास पहले से कंपनी की बस्ती थी और प्लासी बंगाल में लड़ा गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बरार का कोई युद्ध नहीं हुआ और अवध बाद में कंपनी के प्रभाव में आया। परीक्षा टिप: प्लासी 1757 सिराजुद्दौला के विरुद्ध, बक्सर 1764 मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय के विरुद्ध।
आगरा की मोती मस्जिद किस मुगल शासक से संबंधित है?
- A.औरंगजेब
- B.अकबर
- C.हुमायूँ
- D.शाहजहाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. शाहजहाँ
व्याख्या
सही उत्तर है D, शाहजहाँ। आगरा के किले के भीतर स्थित मोती मस्जिद शाहजहाँ ने 1648 से 1654 के बीच सफेद संगमरमर से बनवाई थी, और पत्थर की मोती जैसी चमक के कारण इसका यह नाम पड़ा। शाहजहाँ ने लाल बलुआ पत्थर के आगरा किले का बड़ा हिस्सा संगमरमर में फिर से बनवाया और दीवान-ए-खास, खास महल तथा शीश महल जोड़े। 1628 से 1658 तक का उनका शासन मुगल स्थापत्य का स्वर्ण काल कहा जाता है, जिसमें ताजमहल, दिल्ली का लाल किला और जामा मस्जिद बने। विकल्प A गलत है, क्योंकि औरंगजेब ने दिल्ली के लाल किले के भीतर छोटी मोती मस्जिद और औरंगाबाद में बीबी का मकबरा बनवाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अकबर ने आगरा का मूल किला लाल बलुआ पत्थर से बनवाया और फतेहपुर सीकरी की स्थापना की। विकल्प C गलत है, क्योंकि हुमायूँ ने दिल्ली में दीनपनाह बसाया और उनका मकबरा उनकी मृत्यु के बाद बना। परीक्षा टिप: आगरा किले की मोती मस्जिद शाहजहाँ की, दिल्ली के लाल किले की मोती मस्जिद औरंगजेब की।
मौर्य साम्राज्य की राजधानी कौन थी?
- A.पाटलिपुत्र
- B.वैशाली
- C.इंद्रप्रस्थ
- D.कुशीनगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पाटलिपुत्र
व्याख्या
सही उत्तर है A, पाटलिपुत्र। पाटलिपुत्र, आज का पटना, वहाँ बसा था जहाँ सोन नदी गंगा से मिलती है, और यही चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा लगभग 322 ईसा पूर्व चाणक्य की सहायता से स्थापित मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी। सेल्यूकस द्वारा चंद्रगुप्त के दरबार में भेजे गए राजदूत मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में इसे लकड़ी की प्राचीर से घिरा लंबा नगर बताया, जिसमें चौंसठ द्वार और पाँच सौ सत्तर बुर्ज थे। अशोक ने लगभग 250 ईसा पूर्व यहीं तीसरी बौद्ध संगीति कराई। विकल्प B गलत है, क्योंकि वैशाली लिच्छवि गणराज्य की राजधानी थी और दूसरी बौद्ध संगीति का स्थान थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि इंद्रप्रस्थ महाभारत में दिल्ली क्षेत्र का प्राचीन नाम है, मौर्य राजधानी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुशीनगर वह स्थान है जहाँ बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। परीक्षा टिप: पाटलिपुत्र हर्यक, नंद, मौर्य और बाद में गुप्त वंश की भी राजधानी रहा।
बंगाल में पहली अंग्रेजी फैक्ट्री हुगली नदी के तट पर _______ में स्थापित की गई थी।
- A.1641 ई.
- B.1651 ई.
- C.1671 ई.
- D.1661 ई.
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1651 ई.
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1651 ई.। अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में अपनी पहली फैक्ट्री 1651 में हुगली में खोली, जब मुगल शासन ने सालाना रकम के बदले प्रांत में व्यापार की अनुमति दी। यहाँ फैक्ट्री का अर्थ कारखाना नहीं, बल्कि चारदीवारी वाला गोदाम और कंपनी के कर्मचारियों के रहने की जगह था। हुगली से अंग्रेज कासिमबाजार, पटना और ढाका तक फैले और 1690 में जॉब चारनॉक सुतानुटी में बसे, जो आगे चलकर कलकत्ता बना और जिसकी रक्षा फोर्ट विलियम करता था। इससे पहले उनकी फैक्ट्रियाँ 1611 में मसुलीपट्टनम और 1613 में सूरत में बनी थीं, जो बंगाल से बहुत दूर थीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1641 तक कंपनी कोरोमंडल और गुजरात के तटों तक ही सीमित थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1671 तक हुगली की फैक्ट्री बीस साल पुरानी हो चुकी थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1661 में कैथरीन ऑफ ब्रगांजा के दहेज के रूप में बंबई अंग्रेजी राजसत्ता को मिला था। परीक्षा टिप: मसुलीपट्टनम 1611, सूरत 1613, हुगली 1651, कलकत्ता 1690।
किस सिख गुरु ने खालसा पंथ की स्थापना की थी?
- A.श्री गुरु नानक जी
- B.श्री गुरु हरगोबिंद जी
- C.श्री गुरु तेग बहादुर जी
- D.श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
व्याख्या
सही उत्तर है D, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी। सिखों के दसवें और अंतिम देहधारी गुरु ने 1699 की बैसाखी को आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने पाँच स्वयंसेवकों को, जिन्हें पंज प्यारे कहा जाता है, खंडे से तैयार अमृत छकाया और फिर स्वयं उनसे अमृत ग्रहण किया। खालसा के पुरुषों ने सिंह और स्त्रियों ने कौर नाम अपनाया तथा पाँच ककार - केश, कंघा, कड़ा, कच्छा और कृपाण - धारण करने का नियम बना। 1708 में अपने अंतिम समय में गुरु गोबिंद सिंह ने देहधारी गुरु की परंपरा समाप्त कर गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुपद सौंप दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पहले गुरु, गुरु नानक ने सोलहवीं सदी के आरंभ में सिख धर्म की नींव रखी थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद ने अकाल तख्त बनवाया और मीरी-पीरी के विचार के साथ पंथ को शस्त्र से जोड़ा। विकल्प C गलत है, क्योंकि नौवें गुरु और गुरु गोबिंद सिंह के पिता, गुरु तेग बहादुर का 1675 में बलिदान हुआ था। परीक्षा टिप: खालसा, बैसाखी 1699, आनंदपुर साहिब।