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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 27

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 27) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: दिल्ली सल्तनत, चोल साम्राज्य, विजयनगर और बहमनी राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासकठिन

दिल्ली सल्तनत के प्रशासन में दीवान-ए-अर्ज नामक विभाग निम्नलिखित में से किसका कार्य देखता था?

  1. A.वित्त और भू-राजस्व
  2. B.सेना
  3. C.शाही पत्राचार
  4. D.न्याय और अपील
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सेना

व्याख्या

सही उत्तर B, सेना है। दीवान-ए-अर्ज दिल्ली सल्तनत का सैन्य विभाग था, जिसका प्रमुख आरिज-ए-मुमालिक होता था, जो सैनिकों की भर्ती करता, गिनती कराता, घोड़ों तथा साज-सामान का निरीक्षण करता और वेतन की व्यवस्था करता था। बलबन ने इसे अलग विभाग के रूप में स्थापित किया और अलाउद्दीन खिलजी ने दाग तथा चेहरा की जाँच व्यवस्थाओं से इसे मजबूत किया। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त और भू-राजस्व दीवान-ए-विजारत के अधीन थे, जिसका प्रमुख वजीर राज्य का सबसे वरिष्ठ अधिकारी था। विकल्प C गलत है क्योंकि शाही पत्राचार और आदेशों का लेखन दीवान-ए-इंशा का कार्य था, जिसका प्रमुख दबीर-ए-खास होता था। विकल्प D गलत है क्योंकि न्याय काजी-उल-कुजात के अधीन दीवान-ए-कजा से होता था, जबकि दीवान-ए-रिसालत धार्मिक विषय, अनुदान और सुल्तान के नाम पर अपील देखता था। इस विषय के प्रश्न आमतौर पर विभाग और उसके प्रमुख की जोड़ी बनाकर पूछे जाते हैं, इसलिए चारों जोड़ियाँ एक साथ याद रखें: विजारत के साथ वजीर, अर्ज के साथ आरिज-ए-मुमालिक, इंशा के साथ दबीर-ए-खास और कजा के साथ काजी-उल-कुजात।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 2मध्यम

किस चोल शासक को लोकप्रिय रूप से 'गंगा का विजेता' कहा जाता था?

  1. A.विजयालय चोल
  2. B.गंडरादित्य चोल
  3. C.परांतक चोल प्रथम
  4. D.राजेंद्र चोल प्रथम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राजेंद्र चोल प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजेंद्र चोल प्रथम। उन्होंने गंगईकोंड चोल यानी गंगा को जीतने वाला उपाधि तब धारण की, जब लगभग 1022 ईस्वी में उनकी सेना उत्तर की ओर बढ़ी, पाल शासक महिपाल को हराया और गंगा का जल तमिल प्रदेश तक ले आई। यह जल उनकी नई राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम के विशाल तालाब में डाला गया। यह राजधानी उन्होंने तंजावुर के स्थान पर बसाई और वहाँ अपने पिता राजराज प्रथम की शैली में बड़ा शिव मंदिर बनवाया। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान भी भेजा, जो किसी भारतीय शासक के लिए दुर्लभ बात थी। A गलत है क्योंकि विजयालय ने नौवीं सदी में तंजावुर जीतकर वंश की नींव रखी थी। B गलत है क्योंकि गंडरादित्य तमिल भक्ति रचना के लिए याद किए जाते हैं। C गलत है क्योंकि परांतक प्रथम राष्ट्रकूटों से लड़े और तक्कोलम में हार गए थे। परीक्षा टिप: राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंड चोल, गंगईकोंडचोलपुरम और श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 3आसान

विजयनगर साम्राज्य की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1210
  2. B.1315
  3. C.1336
  4. D.1368
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1336

व्याख्या

सही उत्तर C, 1336 है। संगम के पुत्रों हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने 1336 ईस्वी में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर उस स्थान पर विजयनगर नगर और साम्राज्य की नींव रखी जिसे आज कर्नाटक का हम्पी कहा जाता है। परंपरा इस स्थापना को शृंगेरी के संत विद्यारण्य से जोड़ती है और साम्राज्य ने विरूपाक्ष को अपना आराध्य माना। विकल्प A गलत है क्योंकि 1210 दिल्ली सल्तनत का आरंभिक वर्ष है, जब कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु हुई थी, और तब दक्षिण में ऐसा कोई साम्राज्य नहीं बना। विकल्प B गलत है क्योंकि 1315 अलाउद्दीन खिलजी के अंतिम वर्षों में आता है, जब मलिक काफूर सुदूर दक्षिण पर आक्रमण कर रहा था; उस समय दक्कन में इतना बड़ा स्वतंत्र साम्राज्य नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1368 स्थापना के बाद का वर्ष है, जब तक संगम शासक रायचूर दोआब को लेकर बहमनियों से लड़ रहे थे। विजयनगर 1336 और बहमनी 1347 की जोड़ी याद रखें।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 3आसान

'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' के नारे किसने दिए?

  1. A.मोहनदास करमचंद गांधी
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.सुभाष चंद्र बोस
  4. D.सरदार वल्लभ भाई पटेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सुभाष चंद्र बोस

व्याख्या

सही उत्तर है C, सुभाष चंद्र बोस। दोनों नारे नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व उन्होंने 1943 से किया। दिल्ली चलो का नारा देकर उन्होंने दिल्ली की ओर बढ़ना फौज का लक्ष्य बनाया, और दक्षिण पूर्व एशिया के भारतीयों से अपनी प्रसिद्ध अपील में आजादी के बदले खून माँगा। उन्होंने जय हिंद का अभिवादन भी दिया, अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार बनाई, और महिला सैनिकों की रानी झाँसी रेजिमेंट खड़ी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि गांधीजी के नारे 1942 में दिए गए भारत छोड़ो और करो या मरो थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेहरू अपने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के लिए याद किए जाते हैं, इन नारों के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लौह पुरुष पटेल बारदोली आंदोलन और देशी रियासतों के विलय से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: दिल्ली चलो, जय हिंद और खून दो, तीनों सुभाष चंद्र बोस की ओर इशारा करते हैं।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 26 Oct 2020, Shift 3मध्यम

प्लासी के युद्ध के समय मुगल सम्राट कौन था?

  1. A.आलमगीर द्वितीय
  2. B.सिराजुद्दौला
  3. C.मीर कासिम
  4. D.शाह आलम द्वितीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आलमगीर द्वितीय

व्याख्या

सही उत्तर A, आलमगीर द्वितीय है। प्लासी का युद्ध 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट क्लाइव और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुआ था। उस वर्ष दिल्ली की गद्दी पर आलमगीर द्वितीय था, जिसने 1754 से 1759 तक शासन किया और तब तक अपने अमीरों के नियंत्रण में एक शक्तिहीन सम्राट रह गया था। विकल्प B गलत है क्योंकि सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब और प्लासी में हारने वाला पक्ष था, मुगल सम्राट नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मीर कासिम बंगाल का बाद का नवाब था, जो 1764 में बक्सर में लड़ा और कभी मुगल सिंहासन पर नहीं बैठा। विकल्प D गलत है क्योंकि शाह आलम द्वितीय 1759 में सम्राट बना, प्लासी के दो वर्ष बाद; उसी ने बक्सर हारा और 1765 में कंपनी को बंगाल की दीवानी दी।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021मध्यम

औपनिवेशिक भारत में भारतीय लोहा और इस्पात धातुकर्म के पतन के कारण के रूप में आप निम्नलिखित में से किसे बताएंगे? A. इंग्लैंड से लोहा और इस्पात आयात किया जाता था। B. नए वन कानूनों ने लोगों को आरक्षित वनों में लकड़ी लेने जाने से रोक दिया।

  1. A.केवल A
  2. B.केवल B
  3. C.A और B दोनों
  4. D.न A न B
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. A और B दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, A और B दोनों। भारत के गांवों के लोहा गलाने वाले कारीगर एक साथ दो दबावों से उजड़ गए। उन्नीसवीं सदी के मध्य से ब्रिटिश कारखानों में बना सस्ता लोहा और इस्पात भारत में बड़ी मात्रा में आने लगा, और स्थानीय कारीगर उस दाम का मुकाबला नहीं कर सके, इसलिए उनके धातु की मांग गिर गई। उसी समय उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध के औपनिवेशिक वन कानूनों ने बड़े इलाकों को आरक्षित वन घोषित कर दिया और गलाने वाले समुदायों का प्रवेश रोक दिया। अब वे अपनी भट्ठियों के लिए कोयला बनाने हेतु लकड़ी नहीं काट सकते थे, और लकड़ी के कोयले के बिना भट्ठियां ठंडी पड़ गईं। कुछ ने भारी शुल्क देकर प्रवेश लिया, पर बहुत से परिवारों ने यह काम छोड़कर खेती या मजदूरी अपना ली। A और B अकेले अधूरे हैं क्योंकि हर कथन केवल एक कारण बताता है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं। परीक्षा टिप: सस्ता ब्रिटिश आयात और वन कानूनों से कोयले की कमी, दोनों ने गांव का लोहा उद्योग खत्म किया।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 03 Aug, 2023, Shift 2आसान

चोल साम्राज्य की स्थापना किसने की थी?

  1. A.दंतिदुर्ग
  2. B.सिंहविष्णु
  3. C.उपेंद्रराय
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. विजयालय

व्याख्या

सही उत्तर है D, विजयालय। विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में मुत्तरैयर सरदारों से तंजावुर छीनकर उस वंश की नींव रखी, जिसे इतिहास में साम्राज्यवादी चोल कहा जाता है। ये सरदार पल्लवों के अधीन सामंत थे। विजयालय ने जीते हुए नगर में निशुंभसूदिनी देवी का मंदिर बनवाया और तंजावुर तब तक चोलों की राजधानी बना रहा, जब तक राजेंद्र प्रथम ने अपनी राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम नहीं बसाई। इस वंश का सबसे गौरवशाली दौर राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के समय आया। राजराज प्रथम ने तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जबकि राजेंद्र प्रथम ने श्रीलंका तथा समुद्र पार श्रीविजय तक चोल सेना पहुँचाई। A गलत है क्योंकि दंतिदुर्ग ने दक्कन के राष्ट्रकूट वंश की स्थापना की थी। B गलत है क्योंकि सिंहविष्णु कांचीपुरम के आरंभिक पल्लव शासक थे। C गलत है क्योंकि उपेंद्रराय का चोल वंशावली में कोई स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: विजयालय–तंजावुर, राजराज प्रथम–बृहदेश्वर मंदिर, राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंडचोलपुरम।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Jan 2023, Shift 4मध्यम

'संथाल' नामक जनजातीय समूह ने _______ में विद्रोह किया था।

  1. A.1876
  2. B.1855
  3. C.1896
  4. D.1860
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1855

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1855। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, 30 जून 1855 को संथाल परगना के राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है। इसका नेतृत्व सिधू और कान्हू मुर्मू ने किया, जिनके साथ चाँद और भैरव भी थे, और उन्होंने हजारों संथालों को उन साहूकारों, व्यापारियों, जमींदारों और कंपनी अधिकारियों के विरुद्ध एकत्र किया जिन्होंने उनकी भूमि हथिया ली थी और उन्हें बंधुआ मजदूरी में धकेल दिया था। 1856 तक इस विद्रोह को कठोर बल से दबा दिया गया, लेकिन इसने अंग्रेजों को अलग संथाल परगना जिला बनाने पर विवश किया, जहाँ विशेष नियमों से बाहरी लोगों को जनजातीय भूमि खरीदने से रोका गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1876 में कोई संथाल विद्रोह नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1896 बिरसा मुंडा के मुंडा उलगुलान का वर्ष नहीं है, जो 1899 में शुरू हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1860 तक विद्रोह कुचला जा चुका था। परीक्षा टिप: संथाल हूल 1855 सिधू-कान्हू के नेतृत्व में; मुंडा उलगुलान 1899-1900 बिरसा मुंडा के नेतृत्व में।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 4आसान

1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किए जाने के समय बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था?

  1. A.चार्ल्स कॉर्नवालिस
  2. B.लॉर्ड विलियम बेंटिक
  3. C.लॉर्ड माउंटबेटन
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चार्ल्स कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है A, चार्ल्स कॉर्नवालिस। कॉर्नवालिस 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहे और उन्होंने 1793 में बंगाल, बिहार तथा ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया, जिसकी अधिकांश तैयारी जॉन शोर ने की थी। इस व्यवस्था ने जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया और कंपनी को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया। इसका असर यह हुआ कि बाद में पैदावार बढ़ने पर जो लाभ हुआ, वह सरकार के बजाय जमींदार के पास गया। सूर्यास्त कानून के अनुसार तय दिन सूर्यास्त तक रकम जमा न करने वाले जमींदार की जागीर नीलाम हो जाती थी, जिससे कई पुराने घराने उजड़ गए और नए जमींदारों का वर्ग बना, जबकि किसान को जोत की कोई सुरक्षा नहीं मिली। B गलत है क्योंकि बेंटिक 1828 में आए और सती प्रथा की समाप्ति के लिए जाने जाते हैं। C गलत है क्योंकि माउंटबेटन 1947 के अंतिम वायसराय थे। D गलत है क्योंकि रिपन 1880 के दशक में स्थानीय स्वशासन के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793–कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी–मुनरो, महालवाड़ी–होल्ट मैकेंजी।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किस वंश की राजधानी दक्षिण भारत में नहीं थी?

  1. A.चोल
  2. B.चेर
  3. C.पल्लव
  4. D.पाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, पाल। पाल वंश ने पूर्वी भारत, यानी बंगाल और बिहार पर शासन किया, इसलिए इसकी राजधानी कभी दक्षिण भारत में नहीं रही। इस वंश की नींव लगभग 750 ईस्वी में गोपाल ने रखी थी, जिन्हें बंगाल के सरदारों ने लंबे समय की अराजकता खत्म करने के लिए अपना राजा चुना। उनके बाद धर्मपाल और देवपाल ने पाटलिपुत्र और मुंगेर से शासन किया और विक्रमशिला का प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार बनवाया, जहाँ तिब्बत तक से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। A गलत है क्योंकि चोलों की राजधानी पहले तंजावुर और बाद में गंगईकोंडचोलपुरम रही, जो तमिल क्षेत्र में हैं। B गलत है क्योंकि चेर वंश आज के केरल के मालाबार तट पर था और उसका केंद्र वंजी यानी करूर माना जाता है। C गलत है क्योंकि पल्लवों की राजधानी तमिलनाडु का कांचीपुरम थी और उन्होंने महाबलीपुरम के तट मंदिर बनवाए। परीक्षा टिप: चोल–तंजावुर, चेर–वंजी और पल्लव–कांचीपुरम दक्षिण भारत में; पाल–बंगाल तथा बिहार में।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 05 Dec 2022, Shift 4आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा विद्रोह कान्हू और सिद्धू के नेतृत्व में हुआ था?

  1. A.भील विद्रोह
  2. B.खासी विद्रोह
  3. C.मुंडा विद्रोह
  4. D.संथाल विद्रोह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संथाल विद्रोह

व्याख्या

सही उत्तर है D, संथाल विद्रोह। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, सिद्धू और कान्हू मुर्मू भाइयों के नेतृत्व में हुआ। यह 1855 में दामिन-ए-कोह क्षेत्र की राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है, जब संथाल किसान उन साहूकारों, जमींदारों, ठेकेदारों और पुलिस के खिलाफ उठ खड़े हुए जिन्होंने उनकी जमीन छीन ली थी और उन्हें कर्ज के बंधन में डाल दिया था। हजारों लोग भगनाडीह में जुटे, अपना शासन घोषित किया और मैदानों की ओर बढ़े; भारी लड़ाई के बाद अंग्रेजों ने 1856 तक इस विद्रोह को दबा दिया और सिद्धू तथा कान्हू मारे गए। इसके बाद सरकार ने विशेष सुरक्षा नियमों वाला अलग संथाल परगना जिला बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि खानदेश के भील विद्रोह का नेतृत्व सेवाराम और बाद में गोविंद गुरु ने किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि मेघालय की पहाड़ियों के खासी विद्रोह का नेता तिरोत सिंह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1899 के मुंडा उलगुलान का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया। परीक्षा टिप: हूल 1855 यानी सिद्धू-कान्हू और उलगुलान 1899 यानी बिरसा मुंडा।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?

  1. A.लाहौर
  2. B.बंबई
  3. C.कलकत्ता
  4. D.इलाहाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंबई

व्याख्या

सही उत्तर है B, बंबई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की, देशभर से 72 प्रतिनिधि आए, और सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने इसके आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई। यह अधिवेशन पहले पूना में होना था, पर वहाँ हैज़ा फैलने के कारण इसे बंबई ले जाया गया। पेपर सेटर अगले कुछ अधिवेशनों के बारे में भी पूछते हैं, इसलिए हर स्थान को उसके अध्यक्ष के साथ याद करें। A गलत है क्योंकि लाहौर में 1929 का प्रसिद्ध अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ। C गलत है क्योंकि कलकत्ता में 1886 का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ। D गलत है क्योंकि इलाहाबाद में 1888 का चौथा अधिवेशन जॉर्ज यूल की अध्यक्षता में हुआ, जो कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: 1885 बंबई, डब्ल्यू.सी. बनर्जी, 72 प्रतिनिधि; 1886 कलकत्ता, दादाभाई नौरोजी; 1929 लाहौर, पूर्ण स्वराज।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 6 March 2023कठिन

निम्नलिखित में से कौन 1915 के अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे?

  1. A.सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
  2. B.अंबिका चरण मजूमदार
  3. C.भूपेंद्र नाथ बोस
  4. D.मदन मोहन मालवीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर है A, सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1915 का अधिवेशन बंबई में हुआ और उसकी अध्यक्षता सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने की, जो बाद में लॉर्ड सिन्हा ऑफ रायपुर कहलाए। वे 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे, और आगे चलकर भारत के अवर राज्य सचिव तथा बिहार और ओडिशा के राज्यपाल बने, यानी किसी प्रांत के पहले भारतीय राज्यपाल। उनकी अध्यक्षता उसी वर्ष हुई जब गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता का निधन हुआ और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से लौटे, इसलिए यह अधिवेशन पार्टी के लिए मोड़ माना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अंबिका चरण मजूमदार ने 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की, जहाँ कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ तथा नरम और गरम दल एक हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूपेंद्र नाथ बोस ने 1914 के मद्रास अधिवेशन की अध्यक्षता की। विकल्प D गलत है, क्योंकि मदन मोहन मालवीय 1909 में लाहौर और 1918 के दिल्ली विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष रहे। परीक्षा टिप: 1914 मद्रास बोस, 1915 बंबई सिन्हा, 1916 लखनऊ मजूमदार।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 25 Mar, 2026, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस स्वतंत्रता सेनानी ने 1927 में महाड़ सत्याग्रह का नेतृत्व किया?

  1. A.ज्योतिराव फुले
  2. B.ई वी रामास्वामी नायकर
  3. C.के केलप्पन
  4. D.बी आर आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी आर आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, बी आर आंबेडकर। 20 मार्च 1927 को डॉ बी आर आंबेडकर हजारों दलितों के साथ महाराष्ट्र के महाड़ में चवदार तालाब पहुँचे और उसका पानी पिया, जिससे दलित वर्गों का सार्वजनिक जल स्रोत पर अधिकार जताया गया। बाद में ऊँची जातियों के समूहों ने गोबर और दही डालकर तालाब का शुद्धिकरण किया, और उसी वर्ष दिसंबर में आंबेडकर महाड़ लौटे तथा मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया। इस दिन को सामाजिक सशक्तीकरण दिवस के रूप में याद किया जाता है और महाड़ को आधुनिक भारत में दलित स्वाभिमान की पहली सामूहिक कार्रवाई कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ज्योतिराव फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, हालाँकि उनके 1873 के सत्यशोधक समाज ने जमीन तैयार की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि पेरियार कहे जाने वाले ई वी रामास्वामी नायकर ने दक्षिण में आत्म-सम्मान आंदोलन और वैकोम सत्याग्रह चलाया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल गांधी कहे जाने वाले के केलप्पन ने 1931 का गुरुवायूर सत्याग्रह चलाया। परीक्षा टिप: महाड़ 1927 और कालाराम मंदिर 1930 — दोनों का नेतृत्व आंबेडकर ने किया।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 31 July 2021, Shift 1आसान

सोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?

  1. A.1990
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1991

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 13 Oct 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन दिल्ली के लोदी वंश का अंतिम शासक था?

  1. A.इब्राहिम लोदी
  2. B.सिकंदर लोदी
  3. C.बरबक शाह
  4. D.बहलोल लोदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इब्राहिम लोदी

व्याख्या

सही उत्तर है A, इब्राहिम लोदी। इब्राहिम लोदी लोदी वंश का अंतिम शासक और दिल्ली का अंतिम सुल्तान था। 1526 के पानीपत के पहले युद्ध में बाबर ने उसे हराया और मार डाला, और इसी से भारत में मुगल शासन शुरू हुआ। लोदी वंश दिल्ली सल्तनत का तीसरा और अंतिम वंश था तथा दिल्ली पर राज करने वाला पहला अफगान वंश था। बहलोल लोदी ने 1451 में इसकी नींव रखी, उसके बेटे सिकंदर लोदी ने 1504 में राजधानी आगरा ले गया, और 1517 में गद्दी पर बैठे इब्राहिम का अपने अफगान सरदारों से झगड़ा हो गया। पंजाब के सूबेदार दौलत खाँ लोदी ने बाबर को बुलाया और पानीपत के मैदान में सल्तनत समाप्त हो गई। B गलत है क्योंकि सिकंदर लोदी इब्राहिम से पहले शासक था। C गलत है क्योंकि बरबक शाह लोदी राजकुमार था जो जौनपुर का शासन देखता था। D गलत है क्योंकि बहलोल लोदी वंश का संस्थापक था। परीक्षा टिप: बहलोल 1451, सिकंदर 1489, इब्राहिम 1517, पानीपत 1526।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 9 Sept 2018आसान

विजयनगर साम्राज्य का स्वर्ण काल किसके शासनकाल को माना जाता है?

  1. A.वीर नरसिंह
  2. B.कृष्णदेव राय
  3. C.सदाशिव राय
  4. D.अच्युत देव राय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कृष्णदेव राय

व्याख्या

सही उत्तर B, कृष्णदेव राय है। तुलुव वंश के कृष्णदेव राय ने 1509 से 1529 तक शासन किया और उनका काल विजयनगर का स्वर्ण युग माना जाता है। इसी काल में रायचूर दोआब फिर से जीता गया, ओडिशा के गजपति शासक को झुकाया गया, अष्टदिग्गज कहे जाने वाले आठ दरबारी कवियों के कारण तेलुगु साहित्य फला-फूला तथा विट्ठलस्वामी और हजारा राम मंदिर बने। उन्होंने स्वयं तेलुगु में आमुक्तमाल्यद लिखा। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके सौतेले भाई और पूर्ववर्ती वीर नरसिंह ने केवल 1505 से 1509 तक शासन किया और वह समय विद्रोह दबाने में बीता। विकल्प C गलत है क्योंकि सदाशिव राय परवर्ती तुलुव वंश के नाममात्र के शासक थे, जिनके नाम पर आलिया राम राय शासन चलाते थे और 1565 की तालीकोटा की पराजय इसी काल में हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि अच्युत देव राय, जिन्होंने 1529 से 1542 तक शासन किया, कृष्णदेव राय के कमजोर उत्तराधिकारी थे और उन्हीं के समय साम्राज्य ढलने लगा।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 2मध्यम

किस मुगल सम्राट ने मकसूदाबाद नगर बसाया, जो बाद में मुर्शिदाबाद के नाम से प्रसिद्ध हुआ?

  1. A.बहादुर शाह ज़फ़र
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.हुमायूँ
  4. D.अकबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अकबर

व्याख्या

सही उत्तर D, अकबर है। भागीरथी के तट पर जो नगर बाद में मुर्शिदाबाद बना, वह अकबर के शासनकाल में मकसूदाबाद के नाम से बसा था और यही नाम तब तक चला जब तक अठारहवीं शताब्दी के आरंभ में बंगाल के सूबेदार मुर्शिद कुली खान ने अपना मुख्यालय वहाँ ले जाकर उसका नाम अपने नाम पर नहीं रख दिया। इसके बाद मुर्शिदाबाद नवाबों के अधीन बंगाल की राजधानी रहा, और प्लासी के बाद अंग्रेजों ने सत्ता कलकत्ता ले गई। विकल्प A गलत है क्योंकि बहादुर शाह ज़फ़र उन्नीसवीं शताब्दी में केवल दिल्ली तक सीमित अंतिम सम्राट था और उसने कोई नगर नहीं बसाया। विकल्प B गलत है क्योंकि शाहजहाँ ने दिल्ली में शाहजहानाबाद बसाया, मकसूदाबाद नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि हुमायूँ का बहुत समय शेरशाह सूरी से युद्ध और फारस के निर्वासन में बीता और यह नगर उसके नाम से नहीं जुड़ा। मकसूदाबाद और मुर्शिदाबाद की जोड़ी अकबर के साथ याद रखिए।

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