संत ज्ञानेश्वर द्वारा रचित ज्ञानेश्वरी किस ग्रंथ पर मराठी टीका है?
- A.भगवद्गीता
- B.रामायण
- C.ऋग्वेद
- D.अर्थशास्त्र
सही उत्तर
A. भगवद्गीता
व्याख्या
सही उत्तर A, भगवद्गीता है। तेरहवीं शताब्दी में रची गई यह कृति, जिसे भावार्थ दीपिका भी कहते हैं, गीता के श्लोकों की व्याख्या मराठी पद्य में करती है, और उसका महत्व यह है कि उसने शास्त्र को संस्कृत से निकालकर साधारण पाठक के सामने रखा, जिससे वारकरी भक्ति परंपरा की नींव पड़ी। विकल्प B गलत है क्योंकि रामायण के क्षेत्रीय रूपांतर अलग कवियों ने दिए, जिनमें अवधी में तुलसीदास, तमिल में कंबर और बांग्ला में कृत्तिवास प्रसिद्ध हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस परंपरा में ऋग्वेद पर ऐसी कोई लोकभाषा टीका नहीं लिखी गई। विकल्प D गलत है क्योंकि कौटिल्य का अर्थशास्त्र राजनीति और अर्थव्यवस्था का ग्रंथ है, जिस पर भक्ति टीका का प्रश्न ही नहीं उठता। इन्हीं संत ने दर्शन ग्रंथ अमृतानुभव भी लिखा, जो प्रश्न का दूसरा भाग बनता है।
पूरा लेख पढ़ें: क्षेत्रीय साहित्य: तमिल, बांग्ला और मराठी की कृतियां
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंतिरुक्कुरल की रचना किसने की थी?
- A.तिरुवल्लुवर
- B.इलंगो अडिगल
- C.कंबर
- D.तोल्काप्पियर
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सही उत्तर: A. तिरुवल्लुवर
व्याख्या
सही उत्तर A, तिरुवल्लुवर है। उन्होंने एक सौ तैंतीस अध्यायों में एक हजार तीन सौ तीस दोहे रचे, जो धर्म, अर्थ और काम तीन भागों में बंटे हैं; यह ग्रंथ किसी एक धर्म से बंधे बिना आचरण का उपदेश देता है, इसलिए तमिल प्रदेश के सभी मतों के लोग इसे मानते हैं और इसे तमिल वेद कहा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि इलंगो अडिगल ने महाकाव्य सिलप्पदिकारम लिखा, जो कोवलन और कण्णगी की कथा है। विकल्प C गलत है क्योंकि कंबर ने कई शताब्दी बाद कंब रामायणम की रचना की, जो रामायण का तमिल रूप है। विकल्प D गलत है क्योंकि तोल्काप्पियर ने तोल्काप्पियम लिखी, जो तमिल व्याकरण तथा काव्यशास्त्र की सबसे पुरानी उपलब्ध कृति है और संगम युग की ही है। दोहों की संख्या और तीनों भागों के नाम भी साथ याद रखें।
संगम कविताओं में उल्लिखित तमिल शब्द मुवेंदर का अर्थ क्या है?
- A.धम्म महामात्त
- B.ग्राम मुखिया
- C.धनवान
- D.तीन सरदार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तीन सरदार
व्याख्या
सही उत्तर D, तीन सरदार है। संगम कविताओं में मुवेंदर शब्द तमिल प्रदेश के तीन मुकुटधारी शासकों, अर्थात चेर, चोल और पांड्य के लिए आता है, जिनमें से प्रत्येक के पास एक बंदरगाह और एक भीतरी सत्ता केंद्र था, और कविताएं उनके दान तथा युद्धों का बखान करती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि धम्म महामात्त मौर्य सम्राट अशोक द्वारा धम्म के प्रचार और निरीक्षण के लिए नियुक्त अधिकारी था और यह शब्द प्राकृत अभिलेखों का है, तमिल काव्य का नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि ग्राम मुखिया के लिए उन्हीं कविताओं में अलग शब्द हैं और वे मुकुटधारी सरदार से बहुत नीचे थे। विकल्प C गलत है क्योंकि यह शब्द संपन्नता का सूचक है ही नहीं। राजवंशों के प्रतीक चिह्न भी याद रखें, क्योंकि अगला प्रश्न धनुष, बाघ या मछली पर बन सकता है।
कोवलन और कण्णगी की कथा कहने वाले तमिल महाकाव्य सिलप्पदिकारम की रचना किसने की?
- A.सत्तनार
- B.इलंगो अडिगल
- C.तिरुवल्लुवर
- D.सुब्रह्मण्य भारती
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सही उत्तर: B. इलंगो अडिगल
व्याख्या
सही उत्तर B, इलंगो अडिगल है। सिलप्पदिकारम का अर्थ पायल की कथा है, और उसमें व्यापारी कोवलन, उसकी पत्नी कण्णगी तथा नर्तकी माधवी की कथा है; अंत में कण्णगी पांड्य राजा के समक्ष अपने पति की निर्दोषता सिद्ध करती है और मदुरै जल उठता है, जिसके बाद वह पतिव्रता देवी के रूप में पूजी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि सत्तनार ने मणिमेखलै लिखी, जो कोवलन और माधवी की पुत्री पर आधारित बौद्ध अनुवर्ती कथा है, और दोनों कृतियां जुड़वां महाकाव्य कहलाती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि तिरुवल्लुवर ने तिरुक्कुरल लिखी, जो दोहों का ग्रंथ है, कथाकाव्य नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुब्रह्मण्य भारती बीसवीं शताब्दी के कवि थे, जिनके देशभक्ति काव्य ने उन्हें तमिल का राष्ट्रकवि बनाया। नायिका को महाकाव्य के साथ जोड़कर याद रखें।
संगम सभाएं निम्नलिखित में से किस नगर में हुई थीं?
- A.नागपट्टिनम
- B.तिरुवारूर
- C.तिरुवल्लूर
- D.मदुरै
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मदुरै
व्याख्या
सही उत्तर D, मदुरै है। तमिल परंपरा के अनुसार कवियों की सभाएं, जिन्हें संगम कहा जाता है, पांड्य राजाओं के संरक्षण में हुईं, और उपलब्ध विवरणों में जिस सभा की स्मृति है उसका स्थान पांड्य राजधानी मदुरै था; वहीं संकलित कविताएं तमिल साहित्य का सबसे प्राचीन भंडार हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि नागपट्टिनम कोरोमंडल तट का बंदरगाह था, जो व्यापार तथा बाद के बौद्ध एवं ईसाई संबंधों के लिए जाना जाता है, किसी साहित्यिक सभा के लिए नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि तिरुवारूर मंदिर नगर और कर्नाटक संगीत के महान रचनाकारों की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है, जो बहुत बाद का युग है। विकल्प C गलत है क्योंकि तिरुवल्लूर तमिलनाडु के उत्तरी छोर पर है और उसका संगम सभाओं से कोई संबंध नहीं। मदुरै को पांड्य और संगम, दोनों से जोड़कर याद रखें।
वंदे मातरम गीत वाला उपन्यास आनंदमठ किसने लिखा था?
- A.रवींद्रनाथ ठाकुर
- B.शरतचंद्र चट्टोपाध्याय
- C.बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय
- D.माइकल मधुसूदन दत्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय
व्याख्या
सही उत्तर C, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय है। उन्होंने 1882 में आनंदमठ प्रकाशित किया और उसमें आया वंदे मातरम गीत स्वतंत्रता आंदोलन का उद्घोष बना तथा भारत का राष्ट्रीय गीत स्वीकार किया गया; उनकी अन्य प्रसिद्ध कृतियां दुर्गेशनंदिनी, कपालकुंडला और देवी चौधुरानी हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि रवींद्रनाथ ठाकुर ने गीतांजलि, गोरा और घरे बाइरे लिखीं तथा राष्ट्रगान जन गण मन उन्हीं की रचना है, इसीलिए दोनों नाम इस प्रश्न में साथ दिए जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने देवदास, परिणीता और श्रीकांत लिखे, जो सामाजिक जीवन के उपन्यास हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि माइकल मधुसूदन दत्त ने मेघनाद वध काव्य लिखा, जो अतुकांत छंद में पहला बांग्ला महाकाव्य है। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का भेद स्पष्ट रखें। यह प्रश्न दोनों ओर से पूछा जाता है, इसलिए उपन्यास का वर्ष और गीत की स्थिति दोनों याद रखें।