सांची की मूर्तियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. कुछ मूर्तियों में शालभंजिका का चित्रण है। 2. शालभंजिका की आकृति कमलों और हाथियों से घिरी एक स्त्री के रूप में दिखाई गई है। 3. शालभंजिका रूपांकन सीधे बौद्ध विचारों से प्रेरित नहीं था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 2
- D.केवल 1 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 1 और 3। कथन 1 और 3 सही हैं; कथन 2 गलत है क्योंकि कमलों और हाथियों से घिरी स्त्री एक अलग आकृति है, जिसे प्रायः गजलक्ष्मी या माया माना जाता है।
सांची के महान स्तूप के तोरणद्वारों पर अनेक नक्काशियां लोक विश्वासों पर आधारित हैं। इनमें एक शालभंजिका है, एक सुंदर स्त्री जो पेड़ की डाल पकड़कर तोरण के किनारे से झूलती दिखाई गई है। लोक विश्वास में ऐसी स्त्री के स्पर्श से पेड़ों में फूल और फल आते थे, इसलिए वह उर्वरता का शुभ प्रतीक थी। इतिहासकार बताते हैं कि यह रूपांकन सीधे बौद्ध विचारों से प्रेरित नहीं था; यह दिखाता है कि बौद्ध धर्म अपनाने वाले लोगों ने अपने पुराने विश्वास बनाए रखे। एक अन्य नक्काशी में कमलों और हाथियों से घिरी स्त्री पर हाथी जल छिड़कते हैं, जिसे गजलक्ष्मी या बुद्ध की माता माया माना जाता है।
A गलत है क्योंकि कथन 2 असत्य है। B गलत है क्योंकि इसमें कथन 2 शामिल है और कथन 1 छूट गया है। C गलत है क्योंकि इसमें केवल असत्य कथन चुना गया है।
परीक्षा टिप: सांची: शालभंजिका = पेड़ की डाल पकड़े स्त्री (उर्वरता); कमल और हाथी = गजलक्ष्मी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
उत्तर देखें
स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
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