सल्फ़्यूरिक अम्ल का आणविक द्रव्यमान 98 है। यदि 49 ग्राम अम्ल को पानी में घोलकर एक लीटर विलयन बनाया जाए, तो अम्ल की सांद्रता क्या होगी?
- A.दो नॉर्मल
- B.एक नॉर्मल
- C.0.5 नॉर्मल
- D.चार नॉर्मल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, एक नॉर्मल। सल्फ़्यूरिक अम्ल में दो प्रतिस्थापनीय हाइड्रोजन परमाणु होते हैं, इसलिए इसका तुल्यांकी द्रव्यमान 98 ÷ 2 = 49 ग्राम है, और एक लीटर में 49 ग्राम का अर्थ है ठीक एक ग्राम-तुल्यांक प्रति लीटर।
नॉर्मलता एक लीटर विलयन में घुले विलेय के ग्राम-तुल्यांकों की संख्या है। किसी अम्ल का तुल्यांकी द्रव्यमान उसके मोलर द्रव्यमान को उसकी क्षारकता, यानी एक अणु द्वारा दिए जा सकने वाले H⁺ आयनों की संख्या, से भाग देकर मिलता है। H₂SO₄ द्विक्षारकी है, इसलिए इसका तुल्यांकी द्रव्यमान 49 ग्राम है। यहाँ 49 ग्राम ÷ 49 ग्राम = 1 ग्राम-तुल्यांक, जो 1 लीटर में घुला है, अतः विलयन 1 N है। यही विलयन 0.5 मोलर है, क्योंकि 49 ग्राम आधा मोल है; सल्फ़्यूरिक अम्ल के लिए नॉर्मलता सदा मोलरता की दोगुनी होती है।
A गलत है क्योंकि 2 N के लिए एक लीटर में 98 ग्राम चाहिए। C गलत है क्योंकि 0.5 इस विलयन की मोलरता है, नॉर्मलता नहीं। D गलत है क्योंकि 4 N के लिए एक लीटर में 196 ग्राम चाहिए।
परीक्षा टिप: नॉर्मलता = मोलरता × क्षारकता; H₂SO₄ का तुल्यांकी द्रव्यमान 49, इसलिए N = 2M।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवस्तु दूरी 'u', प्रतिबिंब दूरी 'v' और दर्पण की फोकस दूरी 'f' को जोड़ने वाला गोलीय दर्पण सूत्र समतल दर्पण पर कब लागू किया जा सकता है?
- A.जब फोकस दूरी अनंत की ओर जाए।
- B.जब फोकस दूरी शून्य की ओर जाए।
- C.जब प्रतिबिंब दूरी शून्य की ओर जाए।
- D.जब प्रतिबिंब दूरी अनंत की ओर जाए।
उत्तर देखें
समतल दर्पण अनंत वक्रता त्रिज्या वाला गोलीय दर्पण है, इसलिए इसकी फोकस दूरी f = R/2 भी अनंत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिलाओं में मासिक चक्र उन हार्मोनों द्वारा नियंत्रित होता है जो किसके द्वारा स्रावित होते हैं?
- A.अंडाशय और अश्रु ग्रंथि
- B.अंडाशय और तैल ग्रंथि
- C.अंडाशय और पीयूष ग्रंथि
- D.प्रोस्टेट और पीयूष ग्रंथि
उत्तर देखें
पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है और उसके उत्तर में अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन बनाता है; ये हार्मोन मिलकर चक्र चलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी तत्व की संयोजकता किस पर निर्भर करती है?
- A.परमाणु में प्रोटॉनों की कुल संख्या
- B.परमाणु की द्रव्यमान संख्या
- C.परमाणु में न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
- D.परमाणु के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
उत्तर देखें
संयोजकता परमाणु की संयोग क्षमता है, और यह उन संयोजी इलेक्ट्रॉनों से तय होती है जिन्हें परमाणु अपना बाहरी कोश पूरा करने के लिए ग्रहण करता है, खोता है या साझा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन स्त्री लैंगिक लक्षणों के विकास के लिए उत्तरदायी है?
- A.प्रोलैक्टिन
- B.एस्ट्रोजन
- C.ऑक्सीटोसिन
- D.प्रोजेस्टेरोन
उत्तर देखें
मुख्यतः अंडाशय द्वारा बनने वाला एस्ट्रोजन यौवनारंभ पर स्त्रियों के द्वितीयक लैंगिक लक्षण विकसित करता है। यौवनारंभ पर पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है, जो अंडाशय को एस्ट्रोजन स्रावित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G का मात्रक है
- A.N
- B.m/s
- C.जूल
- D.N-m²/kg²
उत्तर देखें
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम को पुनर्व्यवस्थित करने पर G = F r² / (m₁ m₂) मिलता है, इसलिए इसका मात्रक न्यूटन × मीटर² ÷ किलोग्राम² है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →