रक्त के थक्का बनने में निम्नलिखित में से कौन-सा थक्का बनाने वाला प्रोटीन शामिल होता है?
- A.रोगजनक (पैथोजन)
- B.फाइब्रिनोजन
- C.मैक्रोफेज
- D.फैगोसाइट
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, फाइब्रिनोजन। फाइब्रिनोजन प्लाज़्मा का घुलनशील प्रोटीन है, जो अघुलनशील फाइब्रिन धागों में बदलकर रक्त के थक्के का जाल बनाता है।
जब कोई रक्त वाहिका कटती है, तो प्लेटलेट्स घाव पर इकट्ठा होकर ऐसे पदार्थ छोड़ते हैं जो अभिक्रियाओं की एक श्रृंखला शुरू करते हैं। थ्रोम्बोप्लास्टिन, कैल्शियम आयनों की मदद से, निष्क्रिय प्लाज़्मा प्रोटीन प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन एंज़ाइम में बदलता है। थ्रोम्बिन फिर फाइब्रिनोजन को फाइब्रिन में बदल देता है। फाइब्रिन के धागे एक जाल बनाते हैं, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएँ और प्लेटलेट्स फँस जाते हैं, और यह जाल सख्त होकर थक्का बनता है जो रक्तस्राव रोकता है। फाइब्रिनोजन और प्रोथ्रोम्बिन यकृत में बनते हैं, और कई थक्का कारकों के निर्माण के लिए विटामिन K आवश्यक है।
A गलत है, क्योंकि रोगजनक बैक्टीरिया या वायरस जैसा रोग फैलाने वाला जीव है, रक्त का प्रोटीन नहीं। C गलत है, क्योंकि मैक्रोफेज कीटाणुओं को निगलने वाली बड़ी श्वेत रक्त कोशिका है, थक्का प्रोटीन नहीं। D गलत है, क्योंकि फैगोसाइट सूक्ष्मजीवों को खाने वाली कोशिकाएँ हैं; वे शरीर की रक्षा करती हैं, थक्का नहीं बनातीं।
परीक्षा टिप: प्रोथ्रोम्बिन से थ्रोम्बिन, फिर फाइब्रिनोजन से फाइब्रिन; थक्का बनने के लिए विटामिन K और कैल्शियम ज़रूरी हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →