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ट्राई ने ऐप आधारित टीवी वितरण के लिए प्राधिकरण ढांचा सुझाया

ट्राई ने ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण सेवाओं के लिए हल्के प्राधिकरण ढांचे की सिफारिश की, जिसमें फ्री विज्ञापन समर्थित स्ट्रीमिंग टीवी भी शामिल है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

26 अक्टूबर 2026 को ट्राई ने ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण (एएलटीडी) सेवाओं के प्राधिकरण ढांचे पर सिफारिशें जारी कीं, जो इंटरनेट से टेलीविजन चैनल पहुंचाने वाले ऐप्स और फास्ट सेवाओं पर लागू होंगी।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 26 अक्टूबर 2026 को ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण (एएलटीडी) सेवाओं के प्राधिकरण ढांचे पर अपनी सिफारिशें जारी कीं। ये सिफारिशें उन ऐप्स से जुड़ी हैं जो निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को इंटरनेट के जरिए दर्शकों तक पहुंचाते हैं, और इनमें फ्री विज्ञापन समर्थित स्ट्रीमिंग टेलीविजन (फास्ट) सेवाएं भी शामिल हैं।

संदर्भ कहां से आया

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 15 दिसंबर 2025 को ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(क) के तहत नियामक को पत्र भेजकर फास्ट सेवाओं के लिए ऐसा ढांचा मांगा था, जो मौजूदा मंचों के साथ समानता, सामग्री की जवाबदेही और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ट्राई ने पाया कि ये चैनल तीन तरह से घरों तक पहुंचते हैं: टेलीविजन सेट तथा अन्य उपकरणों में पहले से मौजूद ऐप के रूप में, मोबाइल या स्मार्ट टीवी पर डाउनलोड किए जाने वाले ऐप के रूप में, और वेब ब्राउजर के जरिए। चूंकि सेवा कई तरह के कनेक्टेड टेलीविजन पर चलती है, इसलिए नियामक ने व्यापक नाम एएलटीडी चुना।

परामर्श प्रक्रिया

परामर्श पत्र 6 अप्रैल 2026 को जारी हुआ। हितधारकों से 207 टिप्पणियां और 11 प्रति-टिप्पणियां मिलीं, और 10 जून 2026 को खुली चर्चा हुई, जिसके बाद प्राधिकरण ने अपनी राय अंतिम रूप दी। ये सिफारिशें दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्राधिकरण पर 21 फरवरी 2025 की पिछली सलाह पर आगे बढ़ती हैं।

मुख्य सिफारिशें

  • एएलटीडी सेवा को दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(क) के तहत टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की एक अलग उपश्रेणी बनाया जाए।
  • प्राधिकरण लेने और अनुपालन की जिम्मेदारी ऐप प्रदाता की होगी।
  • प्राधिकरण हल्का हो: राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र, शुरुआती वैधता 20 वर्ष, हर बार 10 वर्ष के लिए नवीकरण, आवेदन प्रसंस्करण शुल्क 10,000 रुपये और एक बार का प्रवेश शुल्क 1 लाख रुपये, कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा नहीं।
  • नियम व शर्तें दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 56 के तहत अधिसूचित हों और प्राधिकरण, चैनल पंजीकरण तथा रिपोर्टिंग ऑनलाइन पोर्टल से हो।

जिम्मेदारियां और उपभोक्ता संरक्षण

मंत्रालय को मास्टर एएलटीडी ऐप भंडार रखना चाहिए, और टेलीविजन निर्माताओं तथा ऑपरेटिंग सिस्टम प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उपकरणों और ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत एएलटीडी ऐप ही उपलब्ध हों; उन्हें हर साल अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी। इंटरनेट-मूल रैखिक टेलीविजन चैनलों के लिए सरल पंजीकरण का रास्ता सुझाया गया है, और अधिकृत मंच केवल वही चैनल दिखा सकेगा जिनके पास केंद्र सरकार की वैध अनुमति, प्राधिकरण या पंजीकरण हो। दर्शकों की शिकायतों के लिए पहला संपर्क बिंदु ऐप प्रदाता होगा। एएलटीडी ऐप से होने वाली दर्शक संख्या को टेलीविजन दर्शक मापन व्यवस्था में जोड़ा जाएगा और टीवी रेटिंग नीति, 2026 के अनुरूप अनाम आंकड़े प्रकाशित किए जा सकेंगे। इस दायरे से प्रसारक के अपने मंच, जो केवल अपने समूह के चैनल दिखाते हैं, तथा सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम बाहर रहेंगे।

महत्वपूर्ण तथ्य

नियामकभारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई)
सिफारिशेंऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण (एएलटीडी) सेवाओं का प्राधिकरण ढांचा
इसमें शामिलफ्री विज्ञापन समर्थित स्ट्रीमिंग टेलीविजन (फास्ट) सेवाएं
संदर्भसूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, 15 दिसंबर 2025, ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(क)
परामर्श पत्र6 अप्रैल 2026 को जारी; 207 टिप्पणियां और 11 प्रति-टिप्पणियां मिलीं
खुली चर्चा10 जून 2026
प्रस्तावित कानूनी आधारदूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(क) के तहत उपश्रेणी; शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में
वैधता व शुल्क20 वर्ष वैधता, 10 वर्ष का नवीकरण; 10,000 रुपये प्रसंस्करण तथा 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
प्राधिकरण धारकऐप प्रदाता
दर्शक मापनएएलटीडी दर्शक संख्या शामिल होगी, अनाम आंकड़े टीवी रेटिंग नीति, 2026 के अनुरूप

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: नियामक (ट्राई), एएलटीडी तथा फास्ट का पूरा नाम, उपश्रेणी बनाने वाला कानून (दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(क)), संदर्भ भेजने वाला कानून (ट्राई अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(क)), वैधता (20 वर्ष, नवीकरण 10 वर्ष), शुल्क (10,000 रुपये प्रसंस्करण तथा 1 लाख रुपये प्रवेश) और प्राधिकरण लेने वाला (ऐप प्रदाता)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

26 अक्टूबर 2026 को जारी ट्राई की सिफारिशों में एएलटीडी का पूरा रूप क्या है?

  1. A.उन्नत रैखिक टेलीविजन प्रसार
  2. B.ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण
  3. C.दर्शक संबद्ध टेलीविजन आंकड़े
  4. D.संबोधनीय स्थानीय टेलीविजन वितरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण

ट्राई ने यही नाम चुना, क्योंकि जिन सेवाओं की उसने जांच की वे निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क से ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस के जरिए दर्शकों तक पहुंचाती हैं, चाहे ऐप टेलीविजन सेट में पहले से मौजूद हो…

Q2.राष्ट्रीयकठिन

ट्राई ने एएलटीडी सेवा को टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी किस कानून के तहत बनाने की सिफारिश की है?

  1. A.ट्राई अधिनियम, 1997
  2. B.केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995
  3. C.दूरसंचार अधिनियम, 2023
  4. D.सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दूरसंचार अधिनियम, 2023

ट्राई की सिफारिश है कि एएलटीडी सेवा को इसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के तहत बने प्रसारण प्राधिकरण ढांचे में टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाया जाए और विस्तृत शर्तें धारा 56 के नियमों के रूप में अधिसूचित हों।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी शुरुआती वैधता और प्रवेश शुल्क सुझाया है?

  1. A.10 वर्ष वैधता और 10 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
  2. B.20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
  3. C.15 वर्ष वैधता और 5 लाख रुपये प्रवेश शुल्क
  4. D.असीमित वैधता और कोई शुल्क नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 20 वर्ष वैधता और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क

इसके साथ नियामक ने 10,000 रुपये का आवेदन प्रसंस्करण शुल्क, राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र तथा कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा न होने का सुझाव दिया है, जिससे यह व्यवस्था हल्की बनती है और ऐसी सेवा के अनुकूल है जिसे बहुत कम भौतिक ढांचे की जरूरत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एएलटीडी का पूरा नाम क्या है?

ऐप आधारित रैखिक टेलीविजन वितरण। ये सेवाएं निर्धारित समय-सारणी वाले टेलीविजन चैनलों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक इंटरनेट या अन्य आईपी नेटवर्क के जरिए ऐप, वेबसाइट या ऐसे ही इंटरफेस से दर्शकों तक पहुंचाती हैं।

एएलटीडी सेवा को किस अधिनियम के तहत उपश्रेणी बनाने का सुझाव है?

दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत। ट्राई ने इसे उसी अधिनियम की धारा 3(1)(क) के अंतर्गत टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं की अलग उपश्रेणी बनाने की सिफारिश की है।

ट्राई ने एएलटीडी प्राधिकरण के लिए कितनी वैधता और शुल्क सुझाए हैं?

शुरुआती वैधता 20 वर्ष, हर बार 10 वर्ष का नवीकरण, 10,000 रुपये का प्रसंस्करण शुल्क और एक बार का 1 लाख रुपये प्रवेश शुल्क; कोई प्राधिकरण शुल्क, बैंक गारंटी या प्रतिभूति जमा नहीं।

कौन सी सेवाएं इस ढांचे के दायरे से बाहर हैं?

प्रसारक के अपने मंच, जो केवल अपने या अनुषंगी अथवा होल्डिंग कंपनी के चैनल दिखाते हैं, तथा सोशल मीडिया मध्यस्थों पर चलने वाली लाइव स्ट्रीम।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 26 अक्टूबर 2026

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