राज्य विधानमंडल में विधान परिषद के प्रावधान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.बिहार और तेलंगाना राज्यों में विधान परिषदें हैं।
- B.किसी राज्य की विधान परिषद के कुल सदस्यों की संख्या विधान सभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं होगी।
- C.सभी सदस्यों में से बारहवां भाग स्थानीय निकायों और प्राधिकरणों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा निर्वाचित होगा।
- D.सभी सदस्यों में से बारहवां भाग राज्य में रहने वाले स्नातकों द्वारा निर्वाचित होगा।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C। अनुच्छेद 171 के अनुसार नगरपालिकाओं और जिला बोर्डों जैसे स्थानीय निकाय विधान परिषद के एक-तिहाई सदस्यों का चुनाव करते हैं, बारहवें भाग का नहीं, इसलिए यह कथन गलत है। अनुच्छेद 171 परिषद का आकार विधान सभा की सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं और कम से कम 40 सदस्य तय करता है। सदस्य इस प्रकार चुने जाते हैं: एक-तिहाई स्थानीय निकायों द्वारा, एक-तिहाई विधान सभा सदस्यों द्वारा, बारहवां भाग राज्य में रहने वाले तीन वर्ष पुराने स्नातकों द्वारा, बारहवां भाग माध्यमिक या उससे ऊपर के शिक्षकों द्वारा, और लगभग छठा भाग राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा से मनोनीत। विकल्प A सही है, क्योंकि बिहार और तेलंगाना उन छह राज्यों में हैं जहां परिषद है। विकल्प B सही है, क्योंकि यह अनुच्छेद 171(1) की ऊपरी सीमा बताता है। विकल्प D सही है, क्योंकि स्नातक बारहवां भाग चुनते हैं। परीक्षा टिप: परिषद में 1/3 स्थानीय निकाय, 1/3 विधायक, 1/12 स्नातक, 1/12 शिक्षक, 1/6 मनोनीत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की संसद में स्थगन प्रस्ताव के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसका उद्देश्य सदन का ध्यान हाल के किसी अविलंबनीय लोक महत्व के विषय की ओर दिलाना है।
- B.स्थगन प्रस्ताव एक असाधारण प्रक्रिया है।
- C.यह प्रस्ताव अविलंबनीय महत्व के किसी भी विषय पर लाया जा सकता है, चाहे वह राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में ही क्यों न हो।
- D.अध्यक्ष (पीठासीन अधिकारी) को सहमति देने से इनकार करने का पूर्ण विवेकाधिकार है।
उत्तर देखें
यह कथन सही नहीं है, क्योंकि स्थगन प्रस्ताव केवल ऐसे विषय पर लाया जा सकता है जो मुख्य रूप से केंद्र सरकार से जुड़ा हो, राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार वाले विषय पर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की संसद के सदस्यों के संसदीय विशेषाधिकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से विवरण सही है/हैं?
1. अध्यक्ष (स्पीकर) विशेषाधिकार के किसी भी प्रश्न को स्वतः संज्ञान से जाँच के लिए भेजने का अधिकार रखते हैं
2. विशेषाधिकार के प्रश्न को कार्य-सूची की अन्य मदों पर प्राथमिकता दी जाती है
3. यह विशेषाधिकार निवारक गिरफ्तारी या नजरबंदी से मुक्ति तक फैला है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1 और 2 लोकसभा की विशेषाधिकार प्रक्रिया को सही बताते हैं, जबकि कथन 3 गिरफ्तारी से मुक्ति को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत के संविधान में उल्लेख है कि अध्यक्ष (स्पीकर) को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की शक्ति है।
II. सत्रावसान होने पर केवल अध्यक्ष (स्पीकर) ही सदनों को आहूत कर सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I, न ही II
उत्तर देखें
संविधान लोकसभा अध्यक्ष को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की कोई शक्ति नहीं देता, और सदनों को आहूत करने व उनका सत्रावसान करने की शक्ति राष्ट्रपति की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय एकीकरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. क्षेत्रीय मुद्दों की अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं है।
II. राष्ट्र-निर्माण एक सतत प्रक्रिया है।
III. क्षेत्रीय असंतुलन भारत के विकास-अनुभव से जुड़ा है।
IV. क्षेत्र मिलकर राष्ट्र बनाते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.II, III और IV
- B.I, II और IV
- C.केवल III और IV
- D.केवल II और III
उत्तर देखें
कथन I गलत है: क्षेत्रीय मुद्दों और आकांक्षाओं को उठाना लोकतांत्रिक राजनीति का सामान्य और वैध हिस्सा है, उससे बाहर की चीज नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा के किस सदस्य ने यह संकल्प प्रस्तावित किया था कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज "केसरिया, सफेद और गहरे हरे रंग का समान अनुपात वाला क्षैतिज तिरंगा" होगा, जिसके केंद्र में गहरे नीले रंग का चक्र होगा?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.बी. आर. अंबेडकर
- C.राजेंद्र प्रसाद
- D.सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर देखें
नेहरू ने 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में राष्ट्रीय ध्वज का संकल्प प्रस्तुत किया और सभा ने उसी दिन इसे स्वीकार कर लिया।
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