PRIP के पहले दौर में किस प्राथमिकता क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाएँ मंजूर हुईं?
- A.नई औषधियाँ
- B.जटिल जेनेरिक और बायोसिमिलर
- C.नवीन चिकित्सा उपकरण
- D.नैदानिक परीक्षण अधोसंरचना
सही उत्तर
A. नई औषधियाँ
व्याख्या
सही उत्तर नई औषधियाँ है, जिसके अंतर्गत 41 मंजूर परियोजनाओं में से 27 आती हैं। विकल्प B यानी जटिल जेनेरिक और बायोसिमिलर के अंतर्गत पाँच परियोजनाएँ हैं, इसलिए यह तीन वास्तविक श्रेणियों में सबसे छोटी है, सबसे बड़ी नहीं। विकल्प C यानी नवीन चिकित्सा उपकरण के अंतर्गत नौ परियोजनाएँ हैं, जो दूसरे स्थान पर है पर नई औषधियों से बहुत पीछे। विकल्प D यानी नैदानिक परीक्षण अधोसंरचना घोषणा में नामित प्राथमिकता क्षेत्रों में ही नहीं है और इसे यह जाँचने के लिए रखा गया है कि अभ्यर्थी विभाग की तीन-भागी श्रेणी पहचानता है या नहीं। इसी घोषणा के दो और विभाजन याद रखने योग्य हैं, अर्थात 12 परियोजनाएँ प्रारंभिक चरण और 29 बाद के चरण की हैं, तथा 19 स्टार्टअप व एमएसएमई की और 22 बड़ी कंपनियों की हैं।
पूरा लेख पढ़ें: PRIP के पहले दौर में 41 परियोजनाएँ, 1,600 करोड़ की मदद मंजूर
अभ्यास प्रश्न
PRIP योजना के पहले दौर में 41 परियोजनाओं के लिए कितनी वित्तीय सहायता मंजूर की गई?
- A.लगभग 800 करोड़ रुपये
- B.लगभग 1,600 करोड़ रुपये
- C.लगभग 2,400 करोड़ रुपये
- D.लगभग 3,200 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 1,600 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 1,600 करोड़ रुपये है। औषध विभाग ने योजना के पहले चरण में मंजूर 41 परियोजनाओं के लिए यही सहायता तय की है। यह आँकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसके साथ दो और राशियाँ जुड़ी हैं, अर्थात इन परियोजनाओं से 3,020 करोड़ रुपये का निजी निवेश आने की उम्मीद है और कुल अनुसंधान एवं विकास खर्च करीब 4,620 करोड़ रुपये बैठता है। विकल्प A सरकारी हिस्से को आधा कर देता है, जो इतनी बड़ी सूची के लिए पर्याप्त नहीं होगा। विकल्प C और विकल्प D दोनों वास्तविक स्वीकृत सहायता से अधिक हैं और विकल्प D निजी निवेश के आँकड़े के करीब है, यही भ्रम परीक्षक तब पैदा करता है जब एक ही विज्ञप्ति में तीन राशियाँ आती हैं। इन्हें एक श्रृंखला में याद रखें।
PRIP योजना चलाने वाला औषध विभाग किस मंत्रालय के अधीन आता है?
- A.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
- D.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय है, जिसके अधीन औषध विभाग आता है और इसी विभाग ने PRIP के तहत मंजूरियों की घोषणा की। विकल्प A यानी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय जन स्वास्थ्य, अस्पताल और अपने निकायों के माध्यम से औषधि नियमन देखता है, और अभ्यर्थी सहज ही दवाओं को वहाँ रख देते हैं, पर इस क्षेत्र का औद्योगिक प्रोत्साहन उसका काम नहीं है। विकल्प B यानी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपने विभागों के जरिये अनुसंधान को धन देता है और अनुसंधान योजना के लिए स्वाभाविक अनुमान लगता है, फिर भी PRIP उसका कार्यक्रम नहीं है। विकल्प D यानी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार और सामान्य औद्योगिक नीति से जुड़ा है। यह जोड़ी याद रखें, क्योंकि औषधि मूल्य नियंत्रण और बल्क ड्रग पार्क जैसे प्रश्न भी इसी विभाग पर आते हैं।
नए डिस्कवरी ट्रैक में किन प्रौद्योगिकी तत्परता स्तरों की परियोजनाएं आवेदन के लिए पात्र हैं?
- A.स्तर 1, 2 या 3
- B.स्तर 4, 5 या 6
- C.स्तर 6, 7 या 8
- D.स्तर 1 से 9 तक कोई भी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्तर 1, 2 या 3
व्याख्या
सही उत्तर है स्तर 1, 2 या 3। नई रासायनिक इकाई या नई जैविक इकाई की परियोजना इन्हीं तीन तत्परता स्तरों पर चला रहे स्टार्टअप और एमएसएमई इस विशेष ट्रैक में आवेदन कर सकते हैं, और विभाग उन्हें आगे बढ़ाने में सहायता देगा, पर स्तर 6 से आगे नहीं। विकल्प B उत्तर चरण ट्रैक की पात्रता सीमा है, जो उद्योग के साथ स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए भी खुली है, इसलिए वही सबसे निकट और सबसे भ्रामक विकल्प है। विकल्प C में ऐसे स्तर हैं जो किसी भी ट्रैक में प्रवेश के लिए स्वीकार नहीं किए गए। विकल्प D गलत है, क्योंकि योजना हर ट्रैक के लिए निश्चित सीमा तय करती है। ध्यान दें कि आरंभिक चरण ट्रैक की प्रवेश सीमा यही है पर सहायता स्तर 5 तक रुक जाती है।
पीआरआईपी योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?
- A.1,600 करोड़ रुपये
- B.3,000 करोड़ रुपये
- C.5,000 करोड़ रुपये
- D.10,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5,000 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर है 5,000 करोड़ रुपये। इसी परिव्यय के साथ योजना देश के औषधि तथा चिकित्सा प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास तंत्र को मजबूत करने का लक्ष्य रखती है। विकल्प A वह राशि है जो पहले चरण में पहले ही प्रतिबद्ध की जा चुकी है, जब 41 परियोजनाओं को लगभग उतनी सहायता मंजूर हुई थी, इसलिए यह आंकड़ा घोषणा में तो है पर कुल परिव्यय नहीं, और यही सबसे भ्रामक विकल्प है। विकल्प B और विकल्प D ऐसी गोल संख्याएं हैं जिनका घोषणा में कोई उल्लेख नहीं। याद रखने का सरल तरीका यह है कि कुल परिव्यय का लगभग एक तिहाई से कुछ कम हिस्सा पहले चरण में प्रतिबद्ध हुआ है और शेष आवेदनों का मूल्यांकन अभी चल रहा है।
पीआरआईपी योजना का पूरा रूप क्या है?
- A.फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
- B.औषधि अनुसंधान एवं औद्योगिक संवर्धन
- C.ग्रामीण औषधि नवाचार कार्यक्रम
- D.उत्पादन सुधार एवं नवाचार साझेदारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
व्याख्या
सही उत्तर है फार्मा एवं मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा। यह योजना रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषध विभाग चलाता है और इसका उद्देश्य स्टार्टअप, एमएसएमई तथा बड़ी कंपनियों की मदद से देश के औषधि और चिकित्सा प्रौद्योगिकी अनुसंधान तंत्र को मजबूत करना है। विकल्प B, C और D मिलती-जुलती शब्दावली से गढ़े गए रूप हैं, और परीक्षा में भ्रम पैदा करने के लिए ठीक इसी तरह के निकट दिखने वाले विकल्प रखे जाते हैं। ध्यान रखें कि इस योजना में दवाओं के साथ चिकित्सा उपकरण भी शामिल हैं, इसीलिए नाम में मेडटेक आता है और प्राथमिकता क्षेत्रों में नवीन चिकित्सा उपकरण भी गिने गए हैं। यह भी ध्यान दें कि योजना स्टार्टअप, एमएसएमई तथा बड़ी कंपनियों, तीनों को नवाचार शृंखला में ऊपर बढ़ाने के लिए बनी है, इसलिए नाम के साथ पात्र श्रेणियां भी याद रखनी चाहिए।