प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.रासायनिक ऊर्जा प्रकाश ऊर्जा में बदलती है।
- B.कार्बन डाइऑक्साइड ऑक्सीकृत होकर कार्बोहाइड्रेट बनाती है।
- C.जल का अणु हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूटता है।
- D.प्रकाश ऊर्जा का सीधे जल को तोड़ने में उपयोग होता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, जल का अणु हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूटता है। प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश अभिक्रिया में पानी टूटता है; उसकी हाइड्रोजन भोजन बनाने में लगती है और ऑक्सीजन बाहर निकलती है। एनसीईआरटी के अनुसार प्रकाश संश्लेषण की तीन मुख्य घटनाएँ हैं: क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण, प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में बदलना और साथ ही पानी का हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूटना, तथा कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट में अपचयन। पानी का यह टूटना प्रकाश-अपघटन कहलाता है, जो हरितलवक में होता है और पौधों से निकलने वाली सारी ऑक्सीजन इसी से आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रकाश संश्लेषण प्रकाश ऊर्जा को ग्लूकोज़ में संचित रासायनिक ऊर्जा में बदलता है, उल्टा नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड हाइड्रोजन लेकर अपचयित होती है, ऑक्सीकृत नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रकाश पहले क्लोरोफिल पकड़ता है और फोटोसिस्टम से होकर आगे पहुँचता है; वह सीधे पानी पर नहीं लगता। परीक्षा टिप: प्रकाश संश्लेषण में पानी ऑक्सीकृत होकर ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड अपचयित होकर ग्लूकोज़ बनती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा, स्तनपान कराने वाली माँ द्वारा उत्पन्न वह विशेष प्रकार का दूध है, जो मानव नवजात शिशु में प्रतिरक्षा अनुक्रिया के विकास के लिए आवश्यक है?
- A.प्रसव के एक महीने बाद बनने वाला स्तन दूध
- B.संक्रमणकालीन दूध
- C.खीस (कोलोस्ट्रम)
- D.खनिजयुक्त दूध
उत्तर देखें
खीस वह गाढ़ा, पीलापन लिए पहला दूध है जो माँ प्रसव के बाद शुरुआती कुछ दिनों में बनाती है। इसकी मात्रा कम होती है, पर इसमें प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), विशेषकर इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA), के साथ श्वेत रक्त कोशिकाएँ, प्रोटीन और विटामिन A भरपूर होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि किसी कुंडली के अंदर गतिमान चुंबक की चाल बढ़ा दी जाए, तो कुंडली में विद्युत धारा
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.उलट जाती है
- D.वैसी ही रहती है
उत्तर देखें
जब कोई चुंबक कुंडली के भीतर चलता है, तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, और यही बदलाव विद्युत वाहक बल (emf) तथा धारा पैदा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाने के सोडे (कुकिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र है
- A.NaCl
- B.NaOCl
- C.Na2CO3
- D.NaHCO3
उत्तर देखें
खाने का सोडा, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी सोडियम बाइकार्बोनेट है। यह एक हल्का क्षार है, जिसमें सोडियम, हाइड्रोजन और कार्बन का एक-एक तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थर्मस फ़्लास्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.फ़्लास्क की दीवारों के बीच निर्वात होता है और वे कांच की बनी होती हैं, जो ऊष्मा का कुचालक है
- B.कांच की दीवारों की सतहें स्वयं चमकीली होती हैं
- C.भीतरी दीवार की सतह अच्छी मात्रा में ऊष्मा विकिरित करती है और बाहरी दीवार की सतह भीतरी दीवार से विकिरित ऊष्मा का कुछ भाग अवशोषित करती है
- D.कॉर्क के आधार ऊष्मा के कुचालक होते हैं
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि थर्मस फ़्लास्क की भीतरी दीवार पर चांदी की परत होती है, जिससे वह बहुत कम ऊष्मा विकिरित करती है; बाहरी दीवार की चमकीली सतह भी ऊष्मा को अवशोषित करने के बजाय वापस परावर्तित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्य एक जूल कहा जाता है, जब किसी बल द्वारा
- A.4 N का बल किसी वस्तु को 25 cm विस्थापित करता है।
- B.2 N का बल किसी वस्तु को 1 m विस्थापित करता है।
- C.1 N का बल किसी वस्तु को 1 cm विस्थापित करता है।
- D.1 N का बल किसी वस्तु को 50 cm विस्थापित करता है।
उत्तर देखें
कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, और 4 N गुणा 0.25 m ठीक 1 जूल होता है। एक जूल वह कार्य है जो तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर खिसकाता है, अर्थात 1 J = 1 N m।
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