परांग ला दर्रा स्पीति घाटी को किस क्षेत्र से जोड़ता है?
- A.जांस्कर
- B.चांगथांग
- C.नुब्रा
- D.लाहौल
सही उत्तर
B. चांगथांग
व्याख्या
सही उत्तर चांगथांग है। 5,578 मीटर ऊंचा परांग ला दर्रा हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है, और इसीलिए यह ट्रेक हिमाचल प्रदेश के किब्बर से लद्दाख के करजोक तक चला। विकल्प A, C और D लद्दाख तथा आसपास के पर्वतों के अन्य प्रसिद्ध क्षेत्रों के नाम हैं, इसलिए जिस अभ्यर्थी को दर्रा याद है पर जुड़े क्षेत्र नहीं, उसके लिए ये स्वाभाविक अनुमान बन जाते हैं। मार्ग ग्लेशियरों, बर्फ के मैदानों और नदी घाटियों से होकर गुजरा और दल के साथ अधिकारी, प्रशिक्षक, चिकित्सा कर्मी तथा सहायक कर्मचारी भी थे। अभियान का उद्देश्य युवा महिलाओं को साहसिक गतिविधियों से जोड़ना, कठिन ऊंचाई की परिस्थितियों का अनुभव देना और अलग-अलग राज्यों की कैडेटों को साथ लाकर राष्ट्रीय एकता मजबूत करना था।
पूरा लेख पढ़ें: एनसीसी बालिका कैडेटों ने अपराजिता परांग ला ट्रेक पूरा किया
अभ्यास प्रश्न
अपराजिता - परांग ला 2026 ट्रेक में पार किया गया परांग ला दर्रा कितनी ऊंचाई पर है?
- A.4,578 मीटर
- B.5,578 मीटर
- C.6,578 मीटर
- D.5,050 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5,578 मीटर
व्याख्या
सही उत्तर 5,578 मीटर है। अखिल भारतीय बालिका अधिक ऊंचाई वाले लंबे ट्रेक के दौरान 20 एनसीसी बालिका कैडेटों के दल ने इसी ऊंचाई पर स्थित परांग ला दर्रा पार किया। यह दर्रा हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है, इसीलिए मार्ग हिमाचल प्रदेश के किब्बर से शुरू होकर लद्दाख के करजोक में समाप्त हुआ। विकल्प A, C और D ऐसी ऊंचाइयां बताते हैं जो देखने में विश्वसनीय लगती हैं पर अभिलेख के आंकड़े से मेल नहीं खातीं, और अभियानों पर बनने वाले प्रश्न प्रायः दर्रे या चोटी की सटीक ऊंचाई पर ही केंद्रित होते हैं। ऊंचाई के साथ लगभग 250 किलोमीटर की दूरी और 30 दिन की अवधि भी याद रखें, क्योंकि ये तीन आंकड़े मिलकर पूरे अभियान का सार बनाते हैं।
अपराजिता - परांग ला 2026 ट्रेक को नई दिल्ली से हरी झंडी किसने दिखाई थी?
- A.एनसीसी के महानिदेशक
- B.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- C.थल सेनाध्यक्ष
- D.अपर सचिव, रक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
व्याख्या
सही उत्तर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं, जिन्होंने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से इस ट्रेक को रवाना किया था। विकल्प A सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स समारोहों में शामिल अवश्य थे, पर उन्होंने अभियान के अंत में लद्दाख के करजोक में दल का स्वागत किया था, शुरुआत में हरी झंडी नहीं दिखाई। विकल्प D इसी कारण गलत है, रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला समापन समारोह में उपस्थित थीं, प्रस्थान के समय नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस अभियान में थल सेनाध्यक्ष की कोई घोषित भूमिका नहीं थी। अभ्यर्थी दोनों समारोह अलग-अलग याद रखें, प्रस्थान 18 अगस्त 2026 और समापन 16 सितंबर 2026। यह भी ध्यान रखें कि प्रस्थान नई दिल्ली से हुआ था जबकि समापन लद्दाख के करजोक में हुआ, इसलिए स्थान भी अलग-अलग पूछे जा सकते हैं।
43वें तटरक्षक कमांडर सम्मेलन में रक्षा राज्य मंत्री से चर्चा करने वाले भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक कौन हैं?
- A.एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन
- B.जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि
- C.परमेश शिवमणि
- D.संजय सेठ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. परमेश शिवमणि
व्याख्या
सही उत्तर परमेश शिवमणि है, जो भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक के रूप में इसका नेतृत्व करते हैं और जिन्होंने मंत्री तथा कमांडरों के साथ राष्ट्रीय एवं समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। विकल्प A गलत है क्योंकि एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन नौसेना प्रमुख हैं, जिनसे कमांडर सम्मेलन के दौरान अलग से मिलेंगे। विकल्प B गलत है क्योंकि जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं, जो अंतर-सेवा सहयोग के लिए कमांडरों से बातचीत करेंगे। विकल्प D गलत है क्योंकि संजय सेठ रक्षा राज्य मंत्री हैं, जिन्होंने पहले दिन संबोधित किया, वे बल के अधिकारी नहीं हैं। ऐसे प्रश्नों में एक ही आयोजन के चार नाम मिलाकर पूछे जाते हैं, इसलिए हर नाम को उसके पद के साथ याद रखें।
तटरक्षक कमांडर सम्मेलन में उल्लिखित 'महासागर' दृष्टिकोण का पूरा रूप क्या है?
- A.बंदरगाह सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए समुद्री गठजोड़
- B.क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति
- C.मानवीय सहायता, सुरक्षा और शासन के लिए समुद्री सहयोग
- D.उन्नत बंदरगाह एवं समुद्री तत्परता मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति
व्याख्या
सही उत्तर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति है। रक्षा राज्य मंत्री ने इस दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की समुद्री क्षमताओं को पूरे दायरे में मजबूत करना होगा, तटीय और उथले पानी से लेकर खुले तथा गहरे समुद्र तक। विकल्प A, C और D काल्पनिक विस्तार हैं, जो असली रूप से मिलते-जुलते शब्दों से गढ़े गए हैं; संक्षिप्त नामों पर प्रश्न प्रायः इसी ढांचे में बनते हैं, जिसमें सही उत्तर के इर्द-गिर्द तीन मिलते-जुलते विकल्प रखे जाते हैं। पूरे रूप के साथ मंत्री द्वारा गिनाई गई जरूरतें भी याद रखें: उन्नत प्लेटफॉर्म, पानी के नीचे की प्रौद्योगिकियां, मानवरहित प्रणालियां, लंबी अवधि की निगरानी, उपग्रह आधारित समुद्री क्षेत्र जागरूकता और सुरक्षित संचार।
17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय तटरक्षक कमांडर सम्मेलन का कौन सा संस्करण शुरू हुआ?
- A.41वां
- B.42वां
- C.43वां
- D.45वां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 43वां
व्याख्या
सही उत्तर 43वां संस्करण है। तीन दिवसीय यह सम्मेलन राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हुआ और पहले दिन रक्षा राज्य मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक तथा उपस्थित कमांडरों के साथ राष्ट्रीय एवं समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि ये इसी वार्षिक सम्मेलन के पहले या बाद के संस्करणों की संख्याएं हैं, और संस्करण संख्या ठीक वही विवरण है जिसे प्रश्नपत्र बनाने वाले एक-दो अंक घटा-बढ़ाकर पूछते हैं ताकि सटीक स्मरण परखा जा सके। यह सम्मेलन कमांडरों को पिछले वर्ष की परिचालन तैयारी, साजो-सामान, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलों की समीक्षा तथा आगे के लक्ष्य तय करने का मंच देता है। भारतीय तटरक्षक बल का मूल मंत्रालय रक्षा मंत्रालय है, यह भी ध्यान रखें।