ऑक्टल संख्या 627 का बाइनरी तुल्यांक है:
- A.111010110
- B.110010110
- C.110010111
- D.011010111
सही उत्तर
C. 110010111
व्याख्या
सही उत्तर C, 110010111 है। ऑक्टल पद्धति का आधार 8 है और चूंकि 2 की घात 3 का मान 8 होता है, इसलिए हर ऑक्टल अंक ठीक तीन बाइनरी बिट में खुलता है। 627 के अंक एक-एक करके लीजिए। अंक 6 का बाइनरी 110, अंक 2 का 010 और अंक 7 का 111 होता है। इन्हें उसी क्रम में लिखने पर 110 010 111 अर्थात 110010111 प्राप्त होता है। जांच उलटी दिशा में भी हो सकती है: 110010111 को दाईं ओर से तीन-तीन के समूह में बांटने पर 110, 010 और 111 मिलते हैं, जो पुनः 6, 2 और 7 पढ़े जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 111010110 का अर्थ 7, 2 और 6 यानी ऑक्टल 726 है। विकल्प B गलत है क्योंकि 110010110 का अंतिम समूह 110 है, अतः वह 626 पढ़ा जाएगा। विकल्प D गलत है क्योंकि 011010111 का अर्थ 3, 2 और 7 यानी ऑक्टल 327 है।
पूरा लेख पढ़ें: संख्या पद्धतियां और डेटा निरूपण: बाइनरी, ऑक्टल, हेक्साडेसिमल
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबाइनरी संख्या (1110)2 का हेक्साडेसिमल तुल्यांक क्या है?
- A.F
- B.B
- C.A
- D.E
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. E
व्याख्या
सही उत्तर D, E है। हेक्साडेसिमल पद्धति का आधार 16 है और चूंकि 2 की घात 4 का मान 16 होता है, इसलिए ठीक चार बाइनरी बिट मिलकर एक हेक्साडेसिमल अंक बनाते हैं। दी गई संख्या 1110 पहले से ही चार बिट का समूह है, अतः एक ही चरण में रूपांतरण हो जाता है। इसके स्थानीय मान 8, 4, 2 और 1 हैं तथा बिट क्रमशः 1, 1, 1 और 0 हैं, इसलिए दशमलव मान 8 + 4 + 2 + 0 अर्थात 14 है। हेक्साडेसिमल में दशमलव 10 से 15 तक के मान A से F अक्षरों से लिखे जाते हैं, अर्थात 10 के लिए A, 11 के लिए B, 12 के लिए C, 13 के लिए D, 14 के लिए E और 15 के लिए F। अतः 14 का चिह्न E है। विकल्प A गलत है क्योंकि F का मान 15 है, जिसका बाइनरी 1111 होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि B का मान 11 यानी 1011 है। विकल्प C गलत है क्योंकि A का मान 10 यानी 1010 है।
बाइनरी संख्या (1101 0001)2 किस ऑक्टल संख्या के बराबर है?
- A.(321)8
- B.(123)8
- C.(641)8
- D.(146)8
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. (321)8
व्याख्या
सही उत्तर A, (321)8 है। बाइनरी को ऑक्टल में बदलने के लिए बिट को सबसे दाईं ओर से तीन-तीन के समूहों में बांटा जाता है और अंतिम समूह को पूरा करने के लिए आगे शून्य जोड़ दिए जाते हैं, क्योंकि तीन बिट से आठों ऑक्टल अंक बन जाते हैं। संख्या 11010001 के समूह 11, 010 और 001 बनते हैं तथा पहला समूह 011 लिखा जाएगा। समूह 011 का मान 3, समूह 010 का मान 2 और समूह 001 का मान 1 है, अतः ऑक्टल संख्या 321 है। दशमलव में जांच भी यही बताती है: 11010001 का मान 128 + 64 + 16 + 1 यानी 209 है, और ऑक्टल 321 का मान 3 गुणा 64 जोड़ 2 गुणा 8 जोड़ 1 अर्थात पुनः 209 है। विकल्प B गलत है क्योंकि 123 वही अंक उलटे क्रम में हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 641 के लिए बिट 110100001 चाहिए। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑक्टल 146 का दशमलव मान 102 है।
दो बाइनरी संख्याओं 10010000 और 1111001 का अंतर है:
- A.11101
- B.11011
- C.10111
- D.10011
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 10111
व्याख्या
सही उत्तर C, 10111 है। परीक्षा में बाइनरी घटाव करने का सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि दोनों संख्याओं को दशमलव में बदलें, घटाएं और उत्तर को पुनः बाइनरी में बदल लें। पहली संख्या 10010000 में 128 और 16 वाले स्थानों पर 1 है, अतः इसका मान 144 है। दूसरी संख्या 1111001 में 64, 32, 16, 8 और 1 वाले स्थानों पर 1 है, अतः इसका मान 121 है। अंतर 144 घटा 121 अर्थात 23 हुआ। अब 23 को बार-बार 2 से भाग देकर बाइनरी में बदलिए; शेषफल ऊपर से पढ़ने पर 1, 0, 1, 1, 1 मिलते हैं, यानी 10111। विकल्प A गलत है क्योंकि 11101 का मान 29 है। विकल्प B गलत है क्योंकि 11011 का मान 27 है। विकल्प D गलत है क्योंकि 10011 का मान 19 है। केवल 10111 का मान 23 है, इसलिए C सही है।
एक निबल कितने बिट से बनती है?
- A.2
- B.4
- C.8
- D.16
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4
व्याख्या
सही उत्तर B, 4 है। बिट का पूरा नाम बाइनरी डिजिट है; एक 0 या एक 1 ही एक बिट है और यही कंप्यूटर के आंकड़ों की सबसे छोटी इकाई है। चार बिट मिलकर एक निबल बनाते हैं, जो ठीक आधी बाइट के बराबर होती है, और यह नाम अंग्रेजी के छोटे कौर के अर्थ से आया है। व्यवहार में निबल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक हेक्साडेसिमल अंक ठीक चार बिट में संचित होता है, और इसी कारण हेक्साडेसिमल बाइनरी का सुविधाजनक संक्षेप माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि दो बिट की कोई नामित इकाई नहीं होती और उनसे केवल चार संयोजन बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि आठ बिट से एक बाइट बनती है, जिसमें सामान्यतः एक अक्षर रखा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सोलह बिट से दो बाइट बनती हैं। क्रम याद रखें: बिट, चार बिट की निबल, आठ बिट की बाइट।
एक किलोबाइट (KB) ठीक-ठीक कितने बाइट के बराबर होती है?
- A.1000
- B.1024
- C.2048
- D.512
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1024
व्याख्या
सही उत्तर B, 1024 है। कंप्यूटर में भंडारण की इकाइयां दस की घातों में नहीं, बल्कि दो की घातों में बढ़ती हैं, क्योंकि पते बाइनरी में होते हैं। एक किलोबाइट 2 की घात 10 बाइट अर्थात 1024 बाइट के बराबर होती है। यही 1024 का क्रम आगे भी चलता है: 1024 किलोबाइट से एक मेगाबाइट, 1024 मेगाबाइट से एक गीगाबाइट और 1024 गीगाबाइट से एक टेराबाइट बनती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1000 बाइट वाली दशमलव किलोबाइट डिस्क बनाने वाली कंपनियां विज्ञापन में प्रयोग करती हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2048 बाइट दो किलोबाइट के बराबर हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि 512 बाइट आधी किलोबाइट है, जो डिस्क सेक्टर के पुराने आकार के कारण याद रह जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में किलोबाइट सदैव 1024 बाइट मानें।