नीति आयोग-टेक्समिन संयुक्त आशय वक्तव्य किस मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है?
- A.राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
- B.राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन
- C.राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
- D.गहरे समुद्र मिशन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन है। यह सहयोग उस मिशन के उद्देश्यों तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन के अनुरूप बताया गया है, क्योंकि इसका लक्ष्य स्वदेशी तकनीकी क्षमता बढ़ाना तथा महत्वपूर्ण खनिजों की सुदृढ़ एवं संपोषणीय मूल्य श्रृंखला बनाना है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हरित हाइड्रोजन मिशन हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग से जुड़ा है, खनिज मूल्य श्रृंखला से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्वांटम मिशन क्वांटम प्रौद्योगिकियों को सहयोग देता है और इस समझौते में उसका उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि गहरे समुद्र मिशन समुद्री अन्वेषण और संसाधनों से जुड़ा है; यहां जिस मिशन के साथ अनुरूपता बताई गई है, वह खनिज मिशन ही है। इस सहयोग के चार क्षेत्र भी तय हुए हैं - सहयोगात्मक अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास, तकनीकी एवं रणनीतिक अध्ययन, नीतिगत एवं संस्थागत सहायता तथा क्षमता निर्माण और ज्ञान का आदान-प्रदान, जिनसे सरकार, अकादमिक जगत, शोध संस्थानों और उद्योग के बीच संपर्क मजबूत होगा।
पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग और टेक्समिन के बीच महत्वपूर्ण खनिज समझौता
अभ्यास प्रश्न
नीति आयोग के साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त आशय वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने वाला टेक्समिन किस संस्थान में है?
- A.आईआईटी खड़गपुर
- B.आईआईटी (आईएसएम) धनबाद
- C.आईआईटी बॉम्बे
- D.आईआईटी मद्रास
उत्तर देखें
टेक्समिन उसी संस्थान का प्रौद्योगिकी अनुवाद शोध पार्क है और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है; नीति आयोग के साथ संयुक्त आशय वक्तव्य पर हस्ताक्षर आयोग के एक सदस्य की उस परिसर की यात्रा के दौरान हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महत्वपूर्ण खनिज प्राप्त करने के लिए किसे द्वितीयक स्रोत के रूप में गिनाया गया?
- A.कोयले की फ्लाई ऐश
- B.नदी की रेत
- C.चूना पत्थर की धूल
- D.समुद्री नमक
उत्तर देखें
महत्वपूर्ण खनिज एवं दुर्लभ मृदा पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य ने द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिज प्राप्त करने की संभावना रेखांकित की और कोयले की फ्लाई ऐश, रेड मड, खदान अवशेष तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का नाम लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडियाएआई मिशन को कब मंजूरी दी थी?
- A.7 मार्च 2024
- B.1 फरवरी 2023
- C.15 अगस्त 2025
- D.7 मार्च 2022
उत्तर देखें
इंडियाएआई मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी तारीख को स्वीकृति दी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईकेए-1 और धीर के निर्माताओं का चयन इंडियाएआई मिशन के किस स्तंभ के अंतर्गत हुआ?
- A.इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता
- B.इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल)
- C.इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स
- D.सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई
उत्तर देखें
सोकेट लैब्स और जेंटेईक्यू उन दलों में शामिल हैं, जिन्हें स्वदेशी फाउंडेशन क्षमताएं तथा बड़े भाषा मॉडल बनाने के लिए इसी स्तंभ के अंतर्गत चुना गया था, और मिशन ने उन्हें रियायती दर पर राष्ट्रीय एआई कंप्यूट सुविधा तथा सहायक शोध व्यय में मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ओपन-सोर्स धीर 2बी और धीर 5बी मॉडल किस संस्था ने विकसित किए हैं?
- A.सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च
- B.सी-डैक
- C.जेंटेईक्यू एआईटेक इनोवेशंस
- D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
उत्तर देखें
जेंटेईक्यू ने धीर 2बी और धीर 5बी ओपन-सोर्स मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें संस्थान के अपने परिसर में सुरक्षित बहुभाषी सहायक के रूप में लगाया जा सकता है और जो अंग्रेजी तथा 10 भारतीय भाषाओं में काम करते हैं।
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