ओपन-सोर्स धीर 2बी और धीर 5बी मॉडल किस संस्था ने विकसित किए हैं?
- A.सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च
- B.सी-डैक
- C.जेंटेईक्यू एआईटेक इनोवेशंस
- D.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर जेंटेईक्यू एआईटेक इनोवेशंस है। जेंटेईक्यू ने धीर 2बी और धीर 5बी ओपन-सोर्स मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें संस्थान के अपने परिसर में सुरक्षित बहुभाषी सहायक के रूप में लगाया जा सकता है और जो अंग्रेजी तथा 10 भारतीय भाषाओं में काम करते हैं। ये इंटरनेट के बिना भी दस्तावेज आधारित स्वचालन, जानकारी खोजने तथा नागरिक व उद्यम सेवाओं में मदद करते हैं, इसलिए रक्षा, सरकारी, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सोकेट लैब्स ने इसी कार्यक्रम में जारी दूसरा मॉडल ईकेए-1 बनाया है और दोनों को आपस में नहीं मिलाना चाहिए। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई; चयनित दोनों दल इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर स्तंभ के अंतर्गत चुने गए थे। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि वह रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स की कंपनी है और इन मॉडलों से उसका संबंध नहीं है।
पूरा लेख पढ़ें: इंडियाएआई मिशन ने ईकेए-1 और धीर स्वदेशी मॉडल जारी किए
अभ्यास प्रश्न
स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल ईकेए-1 में कितने पैरामीटर हैं?
- A.12.8 अरब
- B.26.3 अरब
- C.45.6 अरब
- D.70.2 अरब
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सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित ईकेए-1 में 26.3 अरब पैरामीटर हैं और इसे लगभग 7.5 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ईकेए-1 और धीर के निर्माताओं का चयन इंडियाएआई मिशन के किस स्तंभ के अंतर्गत हुआ?
- A.इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता
- B.इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर (फाउंडेशन मॉडल)
- C.इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स
- D.सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई
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सोकेट लैब्स और जेंटेईक्यू उन दलों में शामिल हैं, जिन्हें स्वदेशी फाउंडेशन क्षमताएं तथा बड़े भाषा मॉडल बनाने के लिए इसी स्तंभ के अंतर्गत चुना गया था, और मिशन ने उन्हें रियायती दर पर राष्ट्रीय एआई कंप्यूट सुविधा तथा सहायक शोध व्यय में मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडियाएआई मिशन को कब मंजूरी दी थी?
- A.7 मार्च 2024
- B.1 फरवरी 2023
- C.15 अगस्त 2025
- D.7 मार्च 2022
उत्तर देखें
इंडियाएआई मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी तारीख को स्वीकृति दी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महत्वपूर्ण खनिज प्राप्त करने के लिए किसे द्वितीयक स्रोत के रूप में गिनाया गया?
- A.कोयले की फ्लाई ऐश
- B.नदी की रेत
- C.चूना पत्थर की धूल
- D.समुद्री नमक
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महत्वपूर्ण खनिज एवं दुर्लभ मृदा पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य ने द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिज प्राप्त करने की संभावना रेखांकित की और कोयले की फ्लाई ऐश, रेड मड, खदान अवशेष तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का नाम लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीति आयोग-टेक्समिन संयुक्त आशय वक्तव्य किस मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है?
- A.राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
- B.राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन
- C.राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
- D.गहरे समुद्र मिशन
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यह सहयोग उस मिशन के उद्देश्यों तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन के अनुरूप बताया गया है, क्योंकि इसका लक्ष्य स्वदेशी तकनीकी क्षमता बढ़ाना तथा महत्वपूर्ण खनिजों की सुदृढ़ एवं संपोषणीय मूल्य श्रृंखला बनाना है।
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