निम्नलिखित वैज्ञानिकों में से किसने चिकित्सा जगत में टीकाकरण (प्रतिरक्षीकरण) की अवधारणा प्रस्तुत की?
- A.एडवर्ड जेनर
- B.रॉबर्ट कोच
- C.रॉबर्ट हुक
- D.कार्ल लिनियस
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, एडवर्ड जेनर। इस अंग्रेज़ चिकित्सक ने 1796 में दिखाया कि जानबूझकर किया गया टीका व्यक्ति को चेचक से बचा सकता है।
जेनर ने देखा कि जिन ग्वालिनों को हल्की बीमारी काउपॉक्स हो चुकी थी, उन्हें चेचक नहीं होता था। 1796 में उन्होंने काउपॉक्स के छाले से पदार्थ लेकर जेम्स फिप्स नामक लड़के को टीका लगाया, और बाद में उस पर चेचक का असर नहीं हुआ। वैक्सीन शब्द लैटिन वक्का से बना है, जिसका अर्थ गाय है, और जेनर को प्रतिरक्षा विज्ञान का जनक कहा जाता है। उनकी विधि पूरी दुनिया में फैली और वैश्विक अभियान के बाद WHO ने 1980 में चेचक के उन्मूलन की घोषणा की।
B, रॉबर्ट कोच ने तपेदिक (1882) और हैज़ा के जीवाणु खोजे और कोच के अभिगृहीत दिए। C, रॉबर्ट हुक ने 1665 में अपनी पुस्तक माइक्रोग्राफ़िया में पहली बार कोशिका का वर्णन और नामकरण किया। D, कार्ल लिनियस ने जीवों के नामकरण की द्विपद प्रणाली बनाई।
परीक्षा टिप: जेनर = चेचक का टीका (1796); पाश्चर = रेबीज़ का टीका; कोच = TB जीवाणु; हुक = कोशिका।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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