निम्नलिखित प्रकार के जीवों पर विचार कीजिए : 1. कोपेपोड 2. साइनोबैक्टीरिया 3. डायटम 4. फोरैमिनिफ़ेरा उपर्युक्त में से कौन-से महासागरों की खाद्य शृंखलाओं में प्राथमिक उत्पादक हैं?
- A.1 और 2
- B.2 और 3
- C.3 और 4
- D.1 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, 2 और 3। साइनोबैक्टीरिया और डायटम प्रकाश-संश्लेषण करते हैं, इसलिए वे पादप-प्लवक हैं, जो महासागरीय खाद्य शृंखलाओं के आधार पर प्राथमिक उत्पादक हैं।
प्राथमिक उत्पादक सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। समुद्र में यह काम मुख्यतः सूक्ष्म पादप-प्लवक करते हैं। डायटम सिलिका की काँच जैसी भित्ति वाले एककोशिकीय शैवाल हैं और पृथ्वी के सबसे उत्पादक जीवों में गिने जाते हैं; हमारी साँस की ऑक्सीजन का बड़ा भाग इन्हीं से आता है। साइनोबैक्टीरिया, जिन्हें पहले नील-हरित शैवाल कहा जाता था, प्रकाश-संश्लेषी जीवाणु हैं; प्रोक्लोरोकोकस और ट्राइकोडेस्मियम जैसे रूप गर्म समुद्रों में बहुत मिलते हैं और कुछ नाइट्रोजन स्थिरीकरण भी करते हैं।
कोपेपोड (1) छोटे क्रस्टेशियन हैं, सबसे आम प्राणी-प्लवक; ये पादप-प्लवक खाते हैं, इसलिए प्राथमिक उपभोक्ता हैं, उत्पादक नहीं।
फोरैमिनिफ़ेरा (4) चूने के कवच वाले अमीबा जैसे प्रोटिस्ट हैं, जो अन्य प्लवक और कार्बनिक पदार्थ खाते हैं; ये भी उपभोक्ता हैं।
इसलिए कोपेपोड या फोरैमिनिफ़ेरा वाले A, C और D गलत हैं।
परीक्षा टिप: पादप-प्लवक (डायटम, साइनोबैक्टीरिया, डाइनोफ़्लैजेलेट) = उत्पादक; प्राणी-प्लवक (कोपेपोड, क्रिल, फोरैमिनिफ़ेरा) = उपभोक्ता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित पर विचार कीजिए :
1. बैटरी भंडारण
2. बायोमास जनित्र
3. ईंधन सेल
4. छत पर लगी सौर फ़ोटोवोल्टिक इकाइयाँ
उपर्युक्त में से कितने "वितरित ऊर्जा संसाधन" (डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी रिसोर्सेज़) माने जाते हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.चारों
उत्तर देखें
बैटरी भंडारण, बायोमास जनित्र, ईंधन सेल और छत पर लगी सौर इकाइयाँ, सभी छोटे स्थानीय स्रोत हैं जो बिजली को उपयोग के स्थान के पास ही बनाते या संचित करते हैं, और यही वितरित ऊर्जा संसाधन हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किन्हीं कारणों से यदि तितलियों की प्रजातियों की संख्या में भारी गिरावट आ जाए, तो इसका संभावित परिणाम/कौन-से संभावित परिणाम क्या हो सकता/सकते है/हैं?
1. कुछ पौधों का परागण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकता है।
2. कुछ कृषि पौधों में कवक संक्रमणों में भारी वृद्धि हो सकती है।
3. इससे बर्रों, मकड़ियों और पक्षियों की कुछ प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तितलियाँ परागणकर्ता हैं और अनेक प्राणियों का भोजन भी, इसलिए उनकी कमी से परागण और उनके शिकारी दोनों प्रभावित होंगे; फ़सलों के कवक रोगों से इसका सीधा संबंध नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. शेरों का कोई विशेष प्रजनन काल नहीं होता।
2. अधिकांश अन्य बड़ी बिल्लियों के विपरीत, चीता दहाड़ता नहीं है।
3. नर शेरों के विपरीत, नर तेंदुए गंध-चिह्नन द्वारा अपने क्षेत्र की घोषणा नहीं करते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
शेर वर्ष के किसी भी समय प्रजनन करते हैं और चीता दहाड़ नहीं सकता, पर नर तेंदुए गंध से अपना क्षेत्र अवश्य चिह्नित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यानों में से कौन-सा एक पूर्णतः शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में स्थित है?
- A.मानस राष्ट्रीय उद्यान
- B.नामदफा राष्ट्रीय उद्यान
- C.नियोरा घाटी राष्ट्रीय उद्यान
- D.फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में लगभग 3,200 से 6,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह उद्यान पूरी तरह शीतोष्ण अल्पाइन क्षेत्र में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन-I : कार्बन बाज़ार जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में सबसे व्यापक साधनों में से एक होने की संभावना रखते हैं।
कथन-II : कार्बन बाज़ार निजी क्षेत्र से राज्य की ओर संसाधनों का हस्तांतरण करते हैं।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
कार्बन बाज़ार जलवायु से निपटने का प्रमुख साधन हैं, पर वे धन को उत्सर्जकों और उत्सर्जन घटाने वालों के बीच घुमाते हैं, निजी क्षेत्र से राज्य की ओर नहीं।
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