निम्नलिखित में से किसे भारत की संविधान सभा ने पूर्वोत्तर सीमांत (असम) जनजातीय और अपवर्जित क्षेत्र उप-समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था?
- A.गोपीनाथ बोरदोलोई
- B.रूपनाथ ब्रह्म
- C.बिष्णुराम मेधी
- D.तरुण राम फुकन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, गोपीनाथ बोरदोलोई। वे पूर्वोत्तर सीमांत (असम) जनजातीय और अपवर्जित क्षेत्र उप-समिति के अध्यक्ष थे, इसीलिए इसे बोरदोलोई समिति कहा जाता है।
यह उप-समिति सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता वाली मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक तथा जनजातीय और अपवर्जित क्षेत्र सलाहकार समिति के अधीन काम करती थी। असम के बाहर के अपवर्जित और आंशिक रूप से अपवर्जित क्षेत्रों के लिए दूसरी उप-समिति के अध्यक्ष ए.वी. ठक्कर थे। बोरदोलोई समिति ने असम की पहाड़ी जनजातियों के लिए स्वायत्त जिला परिषदों की सिफारिश की, जो आगे चलकर संविधान की छठी अनुसूची बनी। बोरदोलोई असम के पहले मुख्यमंत्री थे और उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न मिला।
B गलत है: बोडो नेता रूपनाथ ब्रह्म इस उप-समिति के सदस्य थे, अध्यक्ष नहीं।
C गलत है: बिष्णुराम मेधी कांग्रेस नेता थे जो बाद में असम के मुख्यमंत्री बने, वे इसके अध्यक्ष नहीं थे।
D गलत है: तरुण राम फुकन असम के स्वतंत्रता सेनानी थे जिनका निधन 1939 में, संविधान सभा बनने से पहले, हो गया था।
Exam tip: बोरदोलोई समिति से छठी अनुसूची निकली; दूसरी जनजातीय उप-समिति के अध्यक्ष ए.वी. ठक्कर थे।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमहिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर अभिसमय (CEDAW) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. यह अभिसमय संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग के तीस से अधिक वर्षों के कार्य का परिणाम था। 2. यह अभिसमय महिलाओं के प्रजनन अधिकारों पर विशेष ध्यान देता है। 3. इस अभिसमय के कार्यान्वयन की निगरानी मानवाधिकार समिति करती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
CEDAW महिला स्थिति आयोग के काम से निकला और प्रजनन अधिकारों की बात करता है, पर इसकी निगरानी के लिए अपनी अलग समिति है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों से निकले भारत के संविधान के 'मूल लक्षणों' में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. न्याय तक प्रभावी पहुँच 2. विधि का शासन 3. अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन शक्ति पर सीमाएँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सर्वोच्च न्यायालय ने तीनों को उन मूल लक्षणों में गिना है जिन्हें संसद नष्ट नहीं कर सकती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी राज्य का राज्यपाल विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग कब कर सकता है? 1. जब वह मंत्रिपरिषद की सलाह से सहमत न हो 2. जब संविधान कुछ मामलों में उसे अपने विवेक से कार्य करने की अपेक्षा करता हो 3. जब उसे किसी निकटवर्ती केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासक नियुक्त किया गया हो नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
राज्यपाल केवल वहीं विवेक से काम करता है जहाँ संविधान अनुमति देता है, और इसमें निकटवर्ती केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन भी शामिल है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में संघीय व्यवस्था की प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. चूँकि संघ के गठन से पहले राज्यों का स्वतंत्र अस्तित्व था, इसलिए भारत के संविधान ने संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान की तरह 'राज्यों के अधिकारों' की रक्षा के लिए सुरक्षा उपाय किए। 2. संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास हैं, जबकि भारत के संविधान में ये संघ के पास हैं। 3. अवशिष्ट शक्तियाँ सौंपने में भारत के संविधान ने आयरलैंड के संविधान का अनुसरण किया है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
केवल अवशिष्ट शक्तियों के स्थान से जुड़ा कथन सही है। अमेरिकी संघ पहले से मौजूद राज्यों के आपसी समझौते से बना था, इसलिए वहाँ का संविधान 'राज्यों के अधिकारों' की रक्षा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. प्रत्येक विधायक (MLA) के मत का मूल्य राज्य-दर-राज्य भिन्न होता है। 2. लोकसभा के सांसदों के मत का मूल्य राज्यसभा के सांसदों के मत के मूल्य से अधिक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
विधायक के मत का मूल्य राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है, पर किसी भी सदन के हर निर्वाचित सांसद के मत का मूल्य एक जैसा होता है।
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