निम्नलिखित में से किस स्थल पर प्रवाल भित्ति का निर्माण नहीं होता है?
- A.कैम्बे/खंभात की खाड़ी
- B.मन्नार की खाड़ी
- C.लक्षद्वीप
- D.अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, कैम्बे/खंभात की खाड़ी। खंभात की खाड़ी में प्रवाल भित्तियाँ नहीं हैं, क्योंकि इसका पानी गाद से मटमैला है और यहाँ के ज्वार भारत के तट पर सबसे ऊँचे ज्वारों में हैं।
भित्ति बनाने वाले प्रवालों को गर्म, साफ, उथला और खारा पानी चाहिए, ताकि सूर्य का प्रकाश उनके ऊतकों में रहने वाले शैवालों तक पहुँचे। नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती खंभात की खाड़ी में भारी मात्रा में गाद लाती हैं और तेज ज्वारीय धाराएँ पानी को गंदला रखती हैं। भारत के चार मुख्य प्रवाल भित्ति क्षेत्र हैं कच्छ की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह। ठीक उत्तर-पश्चिम में स्थित कच्छ की खाड़ी में भित्तियाँ हैं, जो समुद्री राष्ट्रीय उद्यान में संरक्षित हैं।
B गलत है: भारत और श्रीलंका के बीच मन्नार की खाड़ी के 21 द्वीपों के चारों ओर तटीय भित्तियाँ हैं, जो समुद्री राष्ट्रीय उद्यान और बायोस्फीयर रिज़र्व में संरक्षित हैं।
C गलत है: लक्षद्वीप लगभग पूरी तरह प्रवाल एटॉल से बना है।
D गलत है: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में विस्तृत तटीय भित्तियाँ हैं, जो भारत की सबसे समृद्ध भित्तियों में हैं।
Exam tip: भारत की भित्तियाँ कच्छ, मन्नार, लक्षद्वीप और अंडमान में हैं; कच्छ की खाड़ी को खंभात से न मिलाएँ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी तालाब, महासागर, वन या एक्वेरियम जैसे अपने परिवेश सहित एक जैविक समुदाय को क्या कहा जाता है?
- A.बायोम (जीवोम)
- B.समुदाय
- C.अजैविक पर्यावरण
- D.पारितंत्र
उत्तर देखें
पारितंत्र जीवों का एक समुदाय और उसके साथ क्रिया करने वाला निर्जीव पर्यावरण है, और यह महासागर जितना बड़ा या एक्वेरियम जितना छोटा हो सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन 0.5 t CO2/प्रति व्यक्ति से कम है।
II. ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है।
III. भारत में बिजली और ऊष्मा उत्पादक CO2 उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I और III
- B.केवल II
- C.केवल II और III
- D.I, II और III
उत्तर देखें
ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन में भारत एशिया-प्रशांत में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है और बिजली व ऊष्मा उत्पादन इसका सबसे बड़ा स्रोत है, पर इसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 0.5 टन से काफ़ी अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'घरेलू अंश आवश्यकता' (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) शब्द कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में दिखाई देता है?
- A.हमारे देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का विकास
- B.हमारे देश में विदेशी टी.वी. चैनलों को लाइसेंस देना
- C.हमारे खाद्य उत्पादों का अन्य देशों को निर्यात
- D.विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को हमारे देश में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति
उत्तर देखें
घरेलू अंश आवश्यकता (DCR) वह नियम है जिसके अनुसार कुछ सौर परियोजनाओं में भारत में बने सौर सेल और मॉड्यूल ही लगाने होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसके संदर्भ में कुछ वैज्ञानिक पक्षाभ मेघ विरलन (सिरस क्लाउड थिनिंग) तकनीक और समतापमंडल में सल्फेट वायुविलय के अंतःक्षेपण के उपयोग का सुझाव देते हैं?
- A.कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा कराना
- B.उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की बारंबारता और तीव्रता घटाना
- C.पृथ्वी पर सौर पवनों के प्रतिकूल प्रभाव घटाना
- D.भूमंडलीय तापन घटाना
उत्तर देखें
दोनों उपाय भू-अभियांत्रिकी (जियोइंजीनियरिंग) के प्रस्ताव हैं, जिनका उद्देश्य पृथ्वी में आने या उससे जाने वाली ऊष्मा बदलकर ग्रह को ठंडा करना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किनकी प्रजातियाँ अन्य जीवों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर सकती हैं?
1. नाइडेरियन
2. कवक
3. प्रोटोज़ोआ
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
नाइडेरियन, कवक और प्रोटोज़ोआ, तीनों में ऐसी प्रजातियाँ हैं जो अन्य जीवों के साथ घनिष्ठ, परस्पर लाभकारी साझेदारी में रहती हैं।
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