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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 29

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 29) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 17 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: परमाणु संरचना और आवर्त सारणी, कंकाल और पेशी तंत्र, रासायनिक बंधन और अभिक्रियाएं और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी?

  1. A.जेम्स चैडविक
  2. B.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  3. C.जे. जे. थॉमसन
  4. D.जॉन डाल्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जेम्स चैडविक

व्याख्या

सही उत्तर है A, जेम्स चैडविक। चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की और इसी कार्य के लिए उन्हें 1935 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार की और पाया कि निकलने वाला विकिरण विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं, फिर भी पैराफिन से प्रोटॉन बाहर निकाल देता है। इसका एक ही अर्थ था कि यह आवेशरहित कण है जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर है, और उन्होंने इसे न्यूट्रॉन नाम दिया। इस खोज ने परमाणु का चित्र पूरा किया, क्योंकि नाभिक का द्रव्यमान पहले कम पड़ रहा था, और आगे चलकर नाभिकीय विखंडन संभव हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि रदरफोर्ड ने स्वर्ण पत्र प्रयोग से नाभिक खोजा और प्रोटॉन का श्रेय उन्हें दिया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जे. जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरण नली से इलेक्ट्रॉन खोजा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि जॉन डाल्टन ने 1803 में परमाणु सिद्धांत दिया, तब उपपरमाणु कण ज्ञात ही नहीं थे। परीक्षा टिप: इलेक्ट्रॉन थॉमसन, प्रोटॉन और नाभिक रदरफोर्ड, न्यूट्रॉन चैडविक।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 13 Aug 2018, Shift 1कठिन

बेंजीन में सिग्मा और पाई बंधों की संख्या क्रमशः कितनी होती है?

  1. A.12 और 3
  2. B.3 और 3
  3. C.6 और 3
  4. D.9 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 12 और 3

व्याख्या

सही उत्तर A, 12 और 3 है। बेंजीन का सूत्र C6H6 है और उसमें छह कार्बन परमाणुओं की वलय होती है, जिनमें से प्रत्येक पर एक हाइड्रोजन लगा रहता है। पहले सिग्मा बंध गिनें: वलय के चारों ओर छह कार्बन-कार्बन बंध और छह कार्बन-हाइड्रोजन बंध मिलकर बारह सिग्मा बंध देते हैं। केकुले संरचना के अनुसार वलय में तीन कार्बन-कार्बन द्विबंध भी हैं, और चूँकि प्रत्येक द्विबंध एक सिग्मा तथा एक पाई से बनता है, अतिरिक्त अंश तीन पाई बंध हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि केवल तीन कहना बारह सिग्मा के ढाँचे की उपेक्षा करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि छह में केवल कार्बन-कार्बन सिग्मा बंध गिने गए हैं और छह कार्बन-हाइड्रोजन बंध छूट गए हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि नौ का संरचना में कोई आधार नहीं है। सामान्य नियम याद रखें: एकल बंध एक सिग्मा, द्विबंध एक सिग्मा और एक पाई तथा त्रिबंध एक सिग्मा और दो पाई।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 23 May 2019, Shift 1मध्यम

बोरेक्स के विलयन में लिटमस डालने पर वह किस रंग का हो जाता है?

  1. A.गुलाबी
  2. B.नारंगी
  3. C.लाल
  4. D.नीला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नीला

व्याख्या

सही उत्तर D, नीला है। बोरेक्स अर्थात सोडियम टेट्राबोरेट प्रबल क्षार सोडियम हाइड्रॉक्साइड और दुर्बल अम्ल बोरिक अम्ल का लवण है, इसलिए जल में उसका विलयन क्षारीय होता है। क्षारीय विलयन लिटमस को नीला कर देता है, और यही मानक परीक्षण है। विकल्प A गलत है क्योंकि गुलाबी रंग क्षार में फिनॉल्फ्थेलिन का होता है, लिटमस का नहीं; दोनों सूचकों का घालमेल इस प्रश्न की सामान्य भूल है। विकल्प B गलत है क्योंकि नारंगी मेथिल ऑरेंज से जुड़ा है, जो अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है, और यहाँ उत्तर के रूप में केवल नारंगी नहीं देता। विकल्प C गलत है क्योंकि लिटमस अम्लीय विलयन में लाल होता है, जो बोरेक्स के प्रभाव के ठीक विपरीत है। यह जोड़ी याद रखिए: प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल के लवण, जैसे बोरेक्स, सोडियम कार्बोनेट और सोडियम एसीटेट, सभी क्षारीय विलयन देते हैं।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 1आसान

बैसिलाई (Bacilli) किस आकार के बैक्टीरिया होते हैं?

  1. A.कॉमा के आकार के
  2. B.छड़ के आकार के
  3. C.सर्पिल आकार के
  4. D.गोल आकार के
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छड़ के आकार के

व्याख्या

सही उत्तर है B, छड़ के आकार के। बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर बाँटा जाता है और बैसिलाई वे बैक्टीरिया हैं जो छड़ (रॉड) के आकार के होते हैं; लैटिन शब्द बैसिलस का अर्थ ही छोटी छड़ या डंडी है। क्षय रोग (टीबी), टेटनस, टाइफॉइड और एंथ्रेक्स सभी छड़ के आकार वाले बैक्टीरिया से होते हैं, और दूध को दही में बदलने वाला लैक्टोबैसिलस भी इसी समूह का है। इस वर्गीकरण के बाकी आकार हैं कोकाई, जो गोल होते हैं, स्पाइरिला, जो लंबे और सर्पिल होते हैं, तथा विब्रियो, जो कॉमा की तरह मुड़े होते हैं। A गलत है क्योंकि कॉमा के आकार के बैक्टीरिया विब्रियो कहलाते हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध हैजा फैलाने वाला विब्रियो कॉलेरी है। C गलत है क्योंकि सर्पिल आकार के बैक्टीरिया स्पाइरिला और स्पाइरोकीट कहे जाते हैं। D गलत है क्योंकि गोल आकार के बैक्टीरिया कोकाई होते हैं, जैसे स्ट्रेप्टोकोकस। परीक्षा टिप: कोकाई गोल, बैसिलाई छड़, स्पाइरिला सर्पिल और विब्रियो कॉमा के आकार के होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Dec 2018, Shift 1मध्यम

कोलेनकाइमा ऊतक की कोशिका भित्तियाँ _____ के निक्षेपण के कारण मोटी हो जाती हैं।

  1. A.सेलुलोज और पेक्टिन
  2. B.लिग्निन और क्यूटिन
  3. C.पेक्टिन और काइटिन
  4. D.सुबेरिन और सेलुलोज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सेलुलोज और पेक्टिन

व्याख्या

सही उत्तर है A, सेलुलोज और पेक्टिन। कोलेनकाइमा की कोशिकाएँ अपनी भित्ति के कोनों पर अतिरिक्त सेलुलोज और पेक्टिन जमा करती हैं, जिससे यह ऊतक मजबूत होते हुए भी लचीला रहता है।

कोलेनकाइमा पौधों का एक सरल स्थायी ऊतक है, जो द्विबीजपत्री पौधों के तने और पर्णवृंत में बाह्यत्वचा के ठीक नीचे तथा पत्ती की मध्य शिरा में मिलता है। इसकी कोशिकाएँ जीवित और लंबी होती हैं, कोनों पर असमान रूप से मोटी होती हैं और उनके बीच लगभग कोई स्थान नहीं होता। यही असमान मोटाई कोमल तने या पर्णवृंत को हवा में टूटे बिना झुकने देती है और आरोही तनों को लिपटने योग्य बनाती है।

विकल्प B गलत है क्योंकि लिग्निन दृढ़ोतक की भित्ति मोटी करता है और क्यूटिन बाह्यत्वचा को जलरोधी बनाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि काइटिन कवक की भित्ति और कीटों के कंकाल में होता है, पादप ऊतक में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि सुबेरिन कॉर्क कोशिकाओं में जमा होता है।

परीक्षा टिप: मृदूतक में पतली सेलुलोज भित्ति, कोलेनकाइमा में कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन तथा लचीलापन, दृढ़ोतक में लिग्निन, मृत और कठोर।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसकी तरंगदैर्घ्य सबसे कम है?

  1. A.दृश्य किरणें
  2. B.गामा किरणें
  3. C.अवरक्त किरणें
  4. D.एक्स किरणें
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर है B, गामा किरणें। विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के एक सिरे पर गामा किरणें हैं, जिनकी तरंगदैर्घ्य सबसे कम और आवृत्ति तथा ऊर्जा सबसे अधिक होती है। सबसे लंबी से सबसे छोटी तरंग के क्रम में स्पेक्ट्रम इस तरह है - रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स किरणें और गामा किरणें। निर्वात में सबकी चाल एक जैसी होती है, इसलिए छोटी तरंग की आवृत्ति अधिक होगी और उसकी ऊर्जा भी अधिक होगी। गामा किरणों की तरंगदैर्घ्य लगभग 0.01 नैनोमीटर से भी कम होती है; ये रेडियोधर्मी परमाणु के नाभिक से निकलती हैं और शल्य उपकरणों को रोगाणुमुक्त करने तथा कैंसर के इलाज में काम आती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि दृश्य प्रकाश लगभग 400 से 700 नैनोमीटर का होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अवरक्त लाल रंग से भी आगे है और दृश्य प्रकाश से लंबा है, इसी से हमें ऊष्मा महसूस होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एक्स किरणें छोटी तो हैं, पर गामा से लंबी हैं और नाभिक के बजाय इलेक्ट्रॉनों से निकलती हैं। परीक्षा टिप: ऊर्जा का क्रम तरंगदैर्घ्य के क्रम से उल्टा होता है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sept 2018, Shift 2मध्यम

एक पौधा जो कायिक प्रवर्धन द्वारा नहीं उगाया जाता है, वह ________ है।

  1. A.गुलाब
  2. B.पपीता
  3. C.केला
  4. D.संतरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पपीता

व्याख्या

सही उत्तर है B, पपीता। पपीता बीज से उगाया जाता है, इसलिए बाकी तीन पौधों की तरह इसका कायिक प्रवर्धन नहीं किया जाता।

कायिक प्रवर्धन का अर्थ है बीज के बिना, जनक पौधे के किसी कायिक भाग जैसे तना, जड़, पत्ती या कली से नया पौधा तैयार करना। बीज न होने के कारण नया पौधा जनक की हूबहू नकल होता है और फल भी जल्दी देता है। पपीते में भरपूर जीवित बीज बनते हैं और उसका मुलायम, बिना शाखा वाला तना कलम से जड़ नहीं पकड़ता, इसलिए नर्सरी में बीज ही बोया जाता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गुलाब तना कलम से उगाए जाने का सबसे जाना-पहचाना उदाहरण है। विकल्प C गलत है क्योंकि केला भूमिगत तने से निकले अंतर्भूस्तारी से उगाया जाता है, उसके बीज बंध्य होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि संतरा और अन्य नींबू वंश के पौधे मूलवृंत पर कलिकायन और रोपण से बढ़ाए जाते हैं।

परीक्षा टिप: कलम से गुलाब और गन्ना, अंतर्भूस्तारी से केला, रोपण और कलिकायन से नींबू वंश तथा आम, और बीज से पपीता।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है:

  1. A.विवैक्स
  2. B.फाल्सीपेरम
  3. C.ओवेल
  4. D.मलेरिये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फाल्सीपेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, फाल्सीपेरम। प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम घातक या सेरेब्रल मलेरिया पैदा करता है, जो इस रोग का सबसे खतरनाक रूप है। इससे संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी होकर मस्तिष्क और दूसरे अंगों की छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं, जिससे इलाज में देर होने पर बेहोशी और मृत्यु तक हो सकती है। मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है; परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है, और इन कोशिकाओं के फटने से ठंड लगकर तेज़ बुखार के दौर आते हैं। रोनाल्ड रॉस ने भारत में काम करते हुए 1897 में मच्छर से संबंध सिद्ध किया और 1902 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पी. विवैक्स सौम्य तृतीयक मलेरिया करता है, जो यकृत में छिपी अवस्थाओं से दोबारा लौट सकता है, पर कम ही जानलेवा होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पी. ओवेल मुख्यतः अफ्रीका में मिलने वाला हल्का तृतीयक मलेरिया करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पी. मलेरिये चतुर्थक मलेरिया करता है, जिसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। परीक्षा टिप: फाल्सीपेरम = घातक; विवैक्स = सौम्य पर लौटने वाला; मादा एनोफिलीज़ = वाहक।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB JE Civil Diploma Sep 2016 Officiaमध्यम

कंटूर मैप पर क्षेत्रफल मापने के लिए प्रयुक्त उपकरण है

  1. A.एरियामीटर
  2. B.क्लाइनोमीटर
  3. C.प्लैनीमीटर
  4. D.ग्राफोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्लैनीमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्लैनीमीटर। प्लैनीमीटर किसी भी समतल आकृति का क्षेत्रफल माप देता है, चाहे उसकी सीमा कितनी ही टेढ़ी-मेढ़ी हो। इसमें उपकरण की सुई से नक्शे पर आकृति की सीमा के साथ-साथ घुमाया जाता है और भीतर लगा पहिया तथा डायल घूमे हुए क्षेत्र को दर्ज कर लेता है; इस पाठ्यांक को नक्शे के पैमाने के वर्ग से गुणा करके वास्तविक क्षेत्रफल निकाला जाता है। कंटूर मैप पर किसी कंटूर रेखा से घिरे क्षेत्र, जलग्रहण क्षेत्र या जलाशय के फैलाव का क्षेत्रफल इसी तरह निकाला जाता है, इसलिए सर्वेक्षण और सिंचाई के काम में यह एक आम उपकरण है। A गलत है क्योंकि 'एरियामीटर' नाम का कोई मान्य उपकरण नहीं है। B गलत है क्योंकि क्लाइनोमीटर भूमि का ढाल या किसी बिंदु का उन्नयन कोण मापता है, क्षेत्रफल नहीं। D गलत है क्योंकि ग्राफोमीटर एक पुराना सर्वेक्षण उपकरण है, जो क्षैतिज और ऊर्ध्व कोण मापता था। परीक्षा टिप: क्षेत्रफल – प्लैनीमीटर, ढाल – क्लाइनोमीटर।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निम्नलिखित रोगों के समूह में से किसमें जिनेटिक रोग समाविष्ट हैं?

  1. A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
  2. B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
  3. C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
  4. D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016मध्यम

वायुमंडलीय दाब पर जिस तापमान पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है, उसे उसका गलनांक कहते हैं। किसी ठोस का गलनांक किसका संकेत देता है?

  1. A.अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता
  2. B.अंतराअणुक प्रतिकर्षण बलों की प्रबलता
  3. C.आणविक द्रव्यमान
  4. D.अणु का आकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता। पिघलने का अर्थ है कणों को उन बलों से मुक्त करना जो उन्हें एक निश्चित जालक में बाँधे रखते हैं, इसलिए ऊँचा गलनांक मजबूत आकर्षण बल दिखाता है। गलनांक पर दी गई ऊष्मा तापमान नहीं बढ़ाती; वह गलन की गुप्त ऊष्मा के रूप में इन्हीं आकर्षण बलों को तोड़ने में लगती है। यही कारण है कि साधारण नमक जैसे आयनिक ठोस लगभग 800 डिग्री सेल्सियस पर पिघलते हैं, जबकि कमजोर बलों से बँधा मोम हाथ की गर्मी से ही पिघल जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रतिकर्षण बल तभी काम करते हैं जब कण बहुत पास धकेले जाएँ, वे ठोस को जोड़कर नहीं रखते। विकल्प C गलत है, क्योंकि आणविक द्रव्यमान भरोसेमंद संकेत नहीं है, भारी आयोडीन हल्के सिलिका से बहुत पहले पिघल जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आकार का असर केवल इतना है कि वह बलों की प्रबलता बदलता है। परीक्षा टिप: अंतराअणुक बल जितने मजबूत, गलनांक और क्वथनांक दोनों उतने ही ऊँचे।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 30 Sept 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग परिपथ में विद्युत की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है?

  1. A.ओहममीटर
  2. B.वोल्टमीटर
  3. C.रिओस्टेट
  4. D.गैल्वेनोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैल्वेनोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैल्वेनोमीटर। गैल्वेनोमीटर यह पता लगाता है कि परिपथ में धारा बह रही है या नहीं और उसकी दिशा भी बताता है, क्योंकि इसकी सुई बीच के शून्य से इधर या उधर घूमती है। यह धारावाही कुंडली पर चुंबकीय क्षेत्र के घूर्णन प्रभाव पर काम करता है और इतना संवेदनशील होता है कि बहुत कम धारा पर भी प्रतिक्रिया देता है, इसीलिए इसे मापने के बजाय पता लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी उपकरण के समांतर कम प्रतिरोध का शंट जोड़ देने पर यह अमीटर बन जाता है और श्रेणीक्रम में अधिक प्रतिरोध जोड़ने पर वोल्टमीटर। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओहममीटर प्रतिरोध मापता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्टमीटर विभवांतर मापता है और समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिओस्टेट परिवर्ती प्रतिरोध है, जो धारा घटाता-बढ़ाता है। परीक्षा टिप: गैल्वेनोमीटर पता लगाए, अमीटर श्रेणीक्रम में, वोल्टमीटर समांतर क्रम में।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1मध्यम

जब 1 लीटर जल को 4°C से 0°C तक ठंडा किया जाता है, तो उसका आयतन _____।

  1. A.पहले घटता है फिर बढ़ता है
  2. B.वही रहता है
  3. C.बढ़ता है
  4. D.घटता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बढ़ता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, बढ़ता है। जल 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच अधिकांश द्रवों से अलग व्यवहार करता है, इसे जल का असामान्य प्रसार कहते हैं। लगभग हर पदार्थ ठंडा होने पर सिकुड़ता है, पर जल केवल 4 डिग्री सेल्सियस तक ही सिकुड़ता है। उस ताप पर उसका आयतन सबसे कम और इसलिए घनत्व सबसे अधिक होता है, लगभग एक ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर। इससे आगे 4 डिग्री से 0 डिग्री तक ठंडा करने पर वह फिर फैलने लगता है, इसलिए एक लीटर जल 0 डिग्री पर 4 डिग्री की तुलना में अधिक जगह घेरता है। इसी कारण बर्फ तैरती है और सर्दियों में झील केवल ऊपर से जमती है जबकि नीचे का जल लगभग 4 डिग्री पर बना रहता है, जिससे मछलियां जीवित रहती हैं। A और D गलत हैं क्योंकि इस परास में जल केवल फैलता है। B गलत है क्योंकि आयतन स्पष्ट रूप से बदलता है। परीक्षा टिप: जल का घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर सर्वाधिक होता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC Lecturer Tech Edu Previous Year Papमध्यम

हाई-स्पीड स्टील (18-4-1) में होता है -

  1. A.1% क्रोमियम
  2. B.18% निकेल
  3. C.18% टंगस्टन
  4. D.4% वैनेडियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18% टंगस्टन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 18% टंगस्टन। हाई-स्पीड स्टील को '18-4-1' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें उसी क्रम में तीन धातुएँ मिलाई जाती हैं – 18 प्रतिशत टंगस्टन, 4 प्रतिशत क्रोमियम और 1 प्रतिशत वैनेडियम; शेष भाग लोहा तथा थोड़ा कार्बन होता है। टंगस्टन इस मिश्रधातु की जान है, क्योंकि यह स्टील को तब भी कठोर बनाए रखता है जब काटने वाली धार गर्म होकर लाल चमकने लगे। इसी गुण के कारण इससे बने ड्रिल, मिलिंग कटर और लेथ के औजार तेज गति से कटाई करने पर भी अपनी धार नहीं खोते। क्रोमियम कठोरता और जंग-रोधकता बढ़ाता है, जबकि वैनेडियम कणों को सूक्ष्म बनाकर घिसावट सहने की क्षमता देता है। A गलत है क्योंकि इस ग्रेड में क्रोमियम 4 प्रतिशत है, 1 प्रतिशत नहीं। B गलत है क्योंकि 18-4-1 में निकेल नहीं होता; निकेल स्टेनलेस स्टील और इन्वार में मिलाया जाता है। D गलत है क्योंकि वैनेडियम नाम का '1' वाला हिस्सा है। परीक्षा टिप: 18-4-1 का अर्थ – टंगस्टन 18, क्रोमियम 4, वैनेडियम 1।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

निम्नलिखित में से किस समूह को 'पादप जगत के उभयचर' कहा जाता है?

  1. A.ब्रायोफाइटा
  2. B.थैलोफाइटा
  3. C.टेरिडोफाइटा
  4. D.जिम्नोस्पर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्रायोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है A, ब्रायोफाइटा। ब्रायोफाइट पौधे जमीन पर उगते हैं, पर उनके प्रजनन के लिए पानी जरूरी रहता है, इसीलिए इन्हें पादप जगत का उभयचर कहते हैं। मॉस, लिवरवर्ट और हॉर्नवर्ट इसी समूह में आते हैं। ये नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, इनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती तथा संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए पानी साधारण अवशोषण से ही भीतर जाता है। इनके नर युग्मक पानी की पतली परत में तैरकर अंडाणु तक पहुँचते हैं, जैसे मेंढक तालाब से बँधा रहता है वैसे ही ये नमी से बँधे रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि थैलोफाइटा शैवाल हैं, जो अधिकतर पानी में ही रहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न पहले पौधे हैं जिनमें असली संवहन ऊतक, जाइलम और फ्लोएम मिलते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि चीड़ और साइकस जैसे जिम्नोस्पर्म नग्न बीज बनाते हैं और परागकण का प्रयोग करते हैं। परीक्षा टिप: ब्रायोफाइटा उभयचर, टेरिडोफाइटा पहले संवहनी पौधे और जिम्नोस्पर्म पहले बीजधारी पौधे हैं।

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