निम्नलिखित में से किस समिति ने स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता देने की सिफ़ारिश की थी?
- A.के. हनुमंथैया समिति
- B.वीरप्पा मोइली समिति
- C.पी.के. थुंगन समिति
- D.कस्तूरीरंगन समिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, पी.के. थुंगन समिति। 1988 में गठित इस संसदीय समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने की सिफ़ारिश की थी।
पी.के. थुंगन समिति संसद की परामर्शदात्री समिति की एक उप-समिति थी, जिसने ज़िला स्तर के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे की जांच की। स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता, नियमित चुनाव और निश्चित अधिकार देने की इसकी सिफ़ारिश आगे चलकर 1989 के 64वें संशोधन विधेयक और अंततः 1992 के 73वें (पंचायत) और 74वें (नगरपालिका) संशोधनों का आधार बनी, जो 1993 से लागू हुए। इससे पहले एल.एम. सिंघवी समिति (1986) भी ऐसी ही सिफ़ारिश कर चुकी थी।
A गलत है: के. हनुमंथैया का नाम पहले प्रशासनिक सुधार आयोग और केंद्र-राज्य विषयों से जुड़ा है, स्थानीय निकायों से नहीं। B गलत है: वीरप्पा मोइली ने दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (2005) की अध्यक्षता की। D गलत है: कस्तूरीरंगन समिति पश्चिमी घाट रिपोर्ट और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मसौदे के लिए जानी जाती है।
परीक्षा टिप: पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने की मांग एल.एम. सिंघवी (1986) और पी.के. थुंगन (1988) ने की, और 73वें संशोधन (1992) ने इसे पूरा किया।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान के निम्नलिखित में से कौन-सा/से उपबंध 26 नवंबर 1949 से प्रभावी हुआ/हुए? 1. निर्वाचन 2. नागरिकता 3. आपात उपबंध 4. न्यायाधीशों की नियुक्ति नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.1, 2 और 3
- D.2 और 4
उत्तर देखें
नागरिकता और निर्वाचन से जुड़े उपबंध 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए, जिस दिन संविधान सभा ने संविधान अंगीकार किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के कार्य हैं? 1. मानवाधिकारों के उल्लंघन की स्वयं अपनी पहल पर जाँच 2. पीड़ित द्वारा प्रस्तुत याचिका पर जाँच 3. बंदियों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए जेलों का दौरा 4. मानवाधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान करना और उसे बढ़ावा देना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2, 3 और 4
- C.केवल 1, 3 और 4
- D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 NHRC को ये चारों कार्य सौंपती है। NHRC एक सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं, जिसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत 12 अक्टूबर 1993 को हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के अनुसार, निम्नलिखित में से किन विषयों के संबंध में कृषि भूमि पर राज्यों का अधिकार क्षेत्र है? 1. कृषि आय पर कर 2. कृषि भूमि के उत्तराधिकार के संबंध में शुल्क 3. कृषि भूमि के संबंध में संपदा शुल्क नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों राज्य सूची के विषय हैं: कृषि आय पर कर, कृषि भूमि के उत्तराधिकार पर शुल्क और कृषि भूमि पर संपदा शुल्क।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. पहले विधि आयोग ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की सिफारिश की थी। 2. भारतीय दंड संहिता, 1860 को भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
भारतीय दंड संहिता पहले विधि आयोग की सिफारिश पर तैयार हुई थी, और भारतीय न्याय संहिता, 2023 ने इसे निरस्त करके इसकी जगह ले ली है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के बयालीसवें संशोधन द्वारा इसकी उद्देशिका में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से जोड़ा/जोड़े गया/गए? 1. 'विचार, अभिव्यक्ति और विश्वास की स्वतंत्रता' के स्थान पर 'विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता' रखा गया। 2. 'राष्ट्र की एकता' अभिव्यक्ति के स्थान पर 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' रखा गया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
1976 के 42वें संशोधन ने 'राष्ट्र की एकता' को 'राष्ट्र की एकता और अखंडता' में बदला, लेकिन स्वतंत्रता से जुड़े शब्दों को नहीं छुआ।
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