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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 2

निम्नलिखित में से कौन-सी स्थायी ऊतक की विशेषता है?

  1. A.कोशिकाएँ बार-बार विभाजित होती हैं
  2. B.अकार्बनिक अंतर्वेशन अनुपस्थित होते हैं
  3. C.अंतरकोशिकीय स्थान उपस्थित होते हैं
  4. D.रसधानियाँ अनुपस्थित होती हैं

सही उत्तर

C. अंतरकोशिकीय स्थान उपस्थित होते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है C, अंतरकोशिकीय स्थान उपस्थित होते हैं। स्थायी ऊतक उन कोशिकाओं से बनते हैं जो विभाजन करना बंद कर चुकी होती हैं और जिनका आकार, माप तथा कार्य निश्चित हो चुका होता है। पैरेन्काइमा जैसे सरल स्थायी ऊतकों में कोशिकाएँ ढीली-ढाली सजी रहती हैं, जिससे उनके बीच स्पष्ट अंतरकोशिकीय स्थान बचे रहते हैं और गैसों का आवागमन हो पाता है। विभज्योतक ऊतक से बनी कोशिकाएँ विभेदन के बाद स्थायी ऊतक बनाती हैं; सरल स्थायी ऊतक पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा हैं, जबकि जाइलम और फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं। इनकी कोशिकाएँ प्रायः बड़ी होती हैं और उनमें बड़ी केंद्रीय रसधानी तथा कोशिकाद्रव्य की पतली परत होती है। A गलत है क्योंकि बार-बार विभाजन विभज्योतक ऊतक की पहचान है। B गलत है क्योंकि स्थायी कोशिकाओं में कैल्शियम ऑक्सलेट के क्रिस्टल जैसे अकार्बनिक अंतर्वेशन अक्सर मिलते हैं। D गलत है क्योंकि बड़ी रसधानी स्थायी कोशिकाओं की विशेषता है, जबकि विभज्योतक कोशिकाओं में रसधानी नहीं होती। परीक्षा टिप: विभज्योतक - छोटी कोशिकाएँ, घना कोशिकाद्रव्य, रसधानी और अंतरकोशिकीय स्थान नहीं; स्थायी ऊतक इसके ठीक उलट।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1कठिन

परमाणुओं में क्षणिक द्विध्रुव बनने से उत्पन्न वे कौन-से बल हैं, जो पास के परमाणुओं में भी क्षणिक द्विध्रुव प्रेरित करते हैं, आकर्षण बल पैदा करते हैं और केवल कम दूरी (लगभग 500 pm) तक ही प्रभावी होते हैं?

  1. A.द्विध्रुव-द्विध्रुव बल
  2. B.लंदन परिक्षेपण बल
  3. C.द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव बल
  4. D.हाइड्रोजन बंध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लंदन परिक्षेपण बल

व्याख्या

सही उत्तर है B, लंदन परिक्षेपण बल। जब किसी परमाणु का इलेक्ट्रॉन बादल क्षण भर के लिए एक ओर झुक जाता है तो क्षणिक द्विध्रुव बन जाता है, जो पास के परमाणु में भी वैसा ही द्विध्रुव प्रेरित कर देता है; इसी से उत्पन्न दुर्बल आकर्षण लंदन परिक्षेपण बल कहलाता है। फ्रिट्ज़ लंदन के नाम पर रखे गए ये बल वान डर वाल्स बलों में सबसे कमजोर हैं और दूरी बढ़ते ही तेजी से घट जाते हैं, इसलिए ये कुछ सौ पिकोमीटर तक ही प्रभावी रहते हैं। ये सभी परमाणुओं और अणुओं के बीच पाए जाते हैं तथा हीलियम, आर्गन और मीथेन जैसे अध्रुवीय पदार्थों को जोड़े रखने वाले एकमात्र बल हैं, इसीलिए ऐसी गैसें बहुत कम तापमान पर ही द्रवित होती हैं। A गलत है क्योंकि द्विध्रुव-द्विध्रुव बल स्थायी द्विध्रुव वाले अणुओं के बीच लगते हैं। C गलत है क्योंकि द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव बल के लिए एक स्थायी द्विध्रुव जरूरी है। D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बंध कहीं अधिक प्रबल होता है और नाइट्रोजन, ऑक्सीजन या फ्लोरीन से जुड़ी हाइड्रोजन में बनता है। परीक्षा टिप: प्रबलता क्रम - हाइड्रोजन बंध, फिर द्विध्रुव-द्विध्रुव, फिर लंदन परिक्षेपण बल।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 17 Jul 2023, Shift 3आसान

अपने परिरक्षक गुण के कारण सॉस, सलाद ड्रेसिंग और पेय पदार्थों जैसी वस्तुओं में सबसे अधिक मिलाया जाने वाला सोडियम यौगिक कौन-सा है?

  1. A.सोडियम बाइकार्बोनेट
  2. B.सोडियम फ्लोराइड
  3. C.सोडियम हाइपोक्लोराइट
  4. D.सोडियम बेंजोएट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सोडियम बेंजोएट

व्याख्या

सही उत्तर है D, सोडियम बेंजोएट। सोडियम बेंजोएट बेंजोइक अम्ल का सोडियम लवण है और यही वह परिरक्षक है जो सॉस, सलाद ड्रेसिंग, जैम, अचार और शीतल पेयों में सबसे अधिक मिलाया जाता है। यह अम्लीय खाद्य पदार्थों में सबसे अच्छा काम करता है, जहाँ इसका कुछ भाग बेंजोइक अम्ल में बदल जाता है और फफूँद, यीस्ट तथा कई जीवाणुओं की वृद्धि रोक देता है। यह पानी में आसानी से घुल जाता है, सस्ता है और भोजन का स्वाद नहीं बदलता, इसीलिए इसका प्रयोग इतना व्यापक है; लेबल पर यह INS 211 या E211 के रूप में लिखा मिलता है। A गलत है क्योंकि सोडियम बाइकार्बोनेट खाने का सोडा है, जो पकाने में और एंटासिड के रूप में काम आता है। B गलत है क्योंकि सोडियम फ्लोराइड दाँतों की रक्षा के लिए टूथपेस्ट और पेयजल में मिलाया जाता है। C गलत है क्योंकि सोडियम हाइपोक्लोराइट विरंजन और कीटाणुनाशन में प्रयुक्त ब्लीच है। परीक्षा टिप: प्रमुख परिरक्षक - सोडियम बेंजोएट, सोडियम मेटाबाइसल्फाइट और पोटैशियम मेटाबाइसल्फाइट; नमक और चीनी सबसे पुराने परिरक्षक हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानकठिन

मेंडलीव ने अपनी आवर्त सारणी में स्थान खाली छोड़े और एका-बोरॉन, एका-ऐलुमिनियम तथा एका-सिलिकॉन के गुणों की भविष्यवाणी की। ये तत्व बाद में किस रूप में खोजे गए?

  1. A.सोडियम, पोटैशियम और कैल्सियम
  2. B.कोबाल्ट, निकल और ताँबा
  3. C.स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम
  4. D.रेडियम, रेडॉन और रीनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम

व्याख्या

सही उत्तर C, स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम है। मेंडलीव ने 1869 में तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखा और वहाँ स्थान खाली छोड़े जहाँ उनके प्रतिरूप के अनुसार कोई अभी अज्ञात तत्व होना चाहिए था। उन्होंने उनमें से तीन का द्रव्यमान, घनत्व तथा यौगिक पहले ही बता दिए और उन्हें एका-बोरॉन, एका-ऐलुमिनियम तथा एका-सिलिकॉन कहा, और जब स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम खोजे गए तो वे उनके विवरण से बहुत मिलते निकले, जिससे आवर्त नियम को व्यापक स्वीकृति मिली। विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम, पोटैशियम और कैल्सियम 1869 से बहुत पहले से ज्ञात थे। विकल्प B गलत है क्योंकि कोबाल्ट, निकल और ताँबा भी ज्ञात थे, और कोबाल्ट तथा निकल वही जोड़ी थी जिसे उन्हें कड़े द्रव्यमान क्रम से बाहर रखना पड़ा। विकल्प D गलत है क्योंकि रेडियम, रेडॉन और रीनियम बहुत बाद में मिले और उनकी तीन भविष्यवाणियों में नहीं थे।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

परमाणु का वह तरबूज मॉडल, जिसमें इलेक्ट्रॉन धन आवेश के गोले में धँसे रहते हैं, किसने प्रस्तुत किया?

  1. A.जॉन डाल्टन
  2. B.जे. जे. थॉमसन
  3. C.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  4. D.नील्स बोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जे. जे. थॉमसन

व्याख्या

सही उत्तर B, जे. जे. थॉमसन है। 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद जे. जे. थॉमसन ने परमाणु को धन आवेश के ऐसे गोले के रूप में देखा जिसमें ऋण आवेशित इलेक्ट्रॉन धँसे हैं, और इस चित्र की तुलना अक्सर तरबूज में बीजों से की जाती है। इससे यह समझ आया कि परमाणु विद्युत रूप से उदासीन क्यों है, परंतु इसमें नाभिक नहीं था और यह रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के सामने टिक नहीं सका। विकल्प A गलत है क्योंकि जॉन डाल्टन के 1808 के सिद्धांत में परमाणु अविभाज्य माना गया और उसमें कोई आंतरिक रचना ही नहीं थी। विकल्प C गलत है क्योंकि रदरफोर्ड ने सोने की पन्नी के प्रयोग के बाद इस मॉडल के स्थान पर नाभिकीय मॉडल रखा। विकल्प D गलत है क्योंकि नील्स बोर ने इसके बाद रदरफोर्ड के नाभिक में नियत अनुमत कोश जोड़े, जिससे परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या हो सके।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

किसी तत्व के समस्थानिकों में क्या समान होता है?

  1. A.परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न
  2. B.द्रव्यमान संख्या समान, परमाणु संख्या भिन्न
  3. C.न्यूट्रॉनों की संख्या समान, प्रोटॉनों की संख्या भिन्न
  4. D.प्रोटॉनों की संख्या समान और न्यूट्रॉनों की संख्या भी समान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न

व्याख्या

सही उत्तर A, परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न है। समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं, इसलिए उनमें प्रोटॉनों की संख्या और अतः परमाणु संख्या समान होती है, परंतु उनमें न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, जिससे उनकी द्रव्यमान संख्या अलग हो जाती है। हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं, प्रोटियम, ड्यूटीरियम और ट्राइटियम, तथा क्लोरीन प्रकृति में क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37 के रूप में मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि समान द्रव्यमान संख्या पर भिन्न परमाणु संख्या वाले परमाणु समभारिक कहलाते हैं, जैसे आर्गन-40 और कैल्सियम-40। विकल्प C गलत है क्योंकि समान न्यूट्रॉन पर भिन्न प्रोटॉन वाले परमाणु समन्यूट्रॉनिक कहलाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि समान प्रोटॉन और समान न्यूट्रॉन वाले परमाणु एक ही समस्थानिक के एक जैसे परमाणु ही हैं, आपस में समस्थानिक नहीं। चूँकि समस्थानिकों में अंतर केवल न्यूट्रॉनों का है, इसलिए उनका रासायनिक व्यवहार समान रहता है और घनत्व तथा रेडियोसक्रियता जैसे भौतिक गुणों में अंतर आता है।